Hindi News »Bihar »Patna» राष्ट्रीय ई-वे बिल से राज्य में 20 से 30 प्रतिशत तक अधिक जमा होगा टैक्स

राष्ट्रीय ई-वे बिल से राज्य में 20 से 30 प्रतिशत तक अधिक जमा होगा टैक्स

राष्ट्रीय ई-वे बिल सिस्टम शुरू होने के साथ ही बिहार ई-वे बिल प्रणाली समाप्त हो गई। पुराना सचिवालय सभागार में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:00 AM IST

राष्ट्रीय ई-वे बिल सिस्टम शुरू होने के साथ ही बिहार ई-वे बिल प्रणाली समाप्त हो गई। पुराना सचिवालय सभागार में रविवार को इस सिस्टम की शुरुआत करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि इससे व्यापारियों को आसानी होगी। अनुमान है कि इस प्रणाली से 20 से 30 प्रतिशत तक अधिक टैक्स जमा होंगे। माल परिवहन आसान होगा, किसी भी राज्य के लिए अलग ट्रांजिट पास की जरूरत नहीं होगी। 50 हजार से अधिक मूल्य के माल परिवहन के लिए ई-वे बिल की आवश्यकता होगी। 50 किमी दूरी तक माल परिवहन के लिए ई-वे बिल की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने कहा कि देश में जीएसटी लागू होने से व्यापार और कर भुगतान में पारदर्शिता आई है। बिहार में रजिस्टर्ड करदाताओं की संख्या 3.25 लाख है। वैट के समय यह 1.68 लाख थे। यानी 1.56 लाख नए कर दाताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। कहा- कर चोरी करते पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। वर्तमान में 90 हजार कंपोजिट डीलर्स हैं, जबकि वैट के समय इनकी संख्या 8 हजार थी। कंपोजिट डीलर स्कीम के तहत अपेक्षा से काफी कम टैक्स का भुगतान हो रहा है, जो गंभीर बात है। बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो कारोबार नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने ऐसे व्यापारियों से कहा कि विभागीय स्तर पर उनके विरुद्ध कार्रवाई हो, इसके पहले ईमानदारी से कर भुगतान करें।

ई-वे बिल की शुरुआत करते उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी। साथ में वाणिज्य कर विभाग की प्रधान सचिव सुजाता चतुर्वेदी व अन्य।

टैक्स चोरी कर व्यापारियों का अब बचना मुश्किल

बिना ई-वे बिल परिवहन करने वाले वाहन पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। जीएसटी के तहत हर सिस्टम पर निगाह है। जो व्यापारी आईजीएसटी भुगतान कर माल मंगाते हैं और क्रेडिट नहीं लेकर कर चोरी कर रहे हैं, अब ऐसे लोगों का बचना मुश्किल है। व्यापारी पूरी ईमानदारी से कारोबार का रिटर्न दाखिल करें। वाणिज्य कर आयुक्त प्रतिभा एस वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। मौके पर केपीएस केसरी सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

शिकायत मिलने पर की जाएगी कार्रवाई

वाणिज्य कर विभाग की प्रधान सुजाता चतुर्वेदी ने कहा कि ई-वे बिल के तहत जांच के लिए उड़नदस्ता गठित होगा। अधिकारी भी गड़बड़ी नहीं कर सकेंगे। डिवाइस के माध्यम से सभी जानकारी मुख्यालय तक उपलब्ध रहेगी। वाहन अधिकतम 30 मिनट तक रोके जा सकते हैं। इस दौरान पोर्टल पर जानकारी दर्ज करानी है। कोई अधिकारी गलत तरीके से वाहन रोकता है, तो पोर्टल पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, जांच के बाद दोषी अधिकारी दंडित होंगे। वाणिज्य कर विभाग के एमआईएस पर सूचना दर्ज होगी। गाड़ी में जीपीएस होगा। जल्द ही कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। हेल्पडेस्क 24 घंटे काम करेगा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Patna

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×