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डबल इंजन वाली सरकार के बजट से ढेर सारी रकम चाहता है बिहार

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:05 AM IST

बिहार आम व रेल बजट से अपने लिए बहुत कुछ चाहता है। ज्यादा उम्मीद इसलिए भी है कि अब दिल्ली और पटना में एक गठबंधन की...
बिहार आम व रेल बजट से अपने लिए बहुत कुछ चाहता है। ज्यादा उम्मीद इसलिए भी है कि अब दिल्ली और पटना में एक गठबंधन की सरकार है। इसको चलाने वाले इसे डबल इंजन की ताकत कहते हैं, जो बिहार को विकास की बड़ी उछाल देगा। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि बिहार को उसकी उम्मीदों की तुलना में आखिर मिलता क्या-क्या है? बिहार व यहां के लोगों की मांग/जरूरतें खुलेआम रही हैं। राजकाज चलाने वाले इससे वाकिफ रहे हैं। अनेक मंचों से, अनेक मौकों पर ये सब बातें गूंजीं। अबकी अधिक अपेक्षा इसलिए भी है कि बिहार कमोबेश हर बड़े प्रक्षेत्र में लंबित योजनाओं का डंपिंग यार्ड रहा है। लगभग हर साल बजट के बाद इस यार्ड का दायरा बढ़ता गया। नए ऐलानों ने पुराने को किनारे किया। घोषणा हुई, तो रुपए का इंतजाम नहीं; रुपए दिए गए तो कुछ ही दिन में कम पड़ गए, खत्म हो गए। लगभग हर ऐसी योजना, अपने पास लंबी दास्तान रखी हुई है। हां, कुछ पूरी भी हुईं।

केंद्रीय बजट में बिहार के लिए व्यापारियों ने की विशेष पैकेज की मांग

केंद्र सरकार गुरुवार को बजट पेश करेगी। बिहार पिछले कई वर्षों से विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहा है। इस मांग के पूरा होने में कई अड़चनें हैं। इस हालात में बिहार के व्यापारियों ने विशेष दर्जा की जगह विशेष पैकेज की मांग की है।

व्यापार की प्रक्रिया आसान हो। बजट से हम बिहार के लिए स्पेशल पैकेज की उम्मीद करते हैं। बिहार में सोर्स ऑफ रेवेन्यू बेहद कमजोर है। कम से कम एग्रो बेस्ड इंडस्ट्रीज को मदद दी जाए। इसके लिए विशेष फंड का प्रावधान हो। -एमके माशी, चेयरमैन, इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई, पटना शाखा)

बिहार की आबादी देश की आबादी का लगभग 9 फीसदी है। इसी आधार पर बजट में फंड भी मिले। अब चूंकि यह साफ है कि विशेष दर्जा नहीं मिलेगा तो कम से कम विशेष पैकेज मिले। देश के किसी बड़े घराने से बिहार में उद्योग लगवाया जाए। -राम लाल खेतान, पूर्व-अध्यक्ष, बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, पटना

बजट से बिहार की खास उम्मीदें

सड़क/पुल : इंडो नेपाल बॉर्डर रोड, नया गांधी सेतु, मोकामा और कोईलवर में 6-6 लेन का पुल (रुपए का इंतजाम)।

ऊर्जा/बिजली : बांका अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट, नवादा न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट, कजरा-पीरपैती की परियोजनाएं

रेल : गुड्स वैगन रिपेयर्स वर्कशॉप, डीएमयू मेंटेनेंस डीपो (सोनपुर), बक्सर-मोकामा तीसरी लाइन, बिहटा-औरंगाबाद नई रेल लाइन समेत कई लाइनें और ट्रेन। (दो दर्जन से अधिक रेल लाइन परियोजनाएं लंबित हैं।)।

जल संसाधन, प्रबंधन : नदी जोड़ योजना, बाढ़ का स्थायी समाधान, बटेश्वर स्थान, दुर्गावती, कोसी, पुनपुन व पश्चिमी गंडक नहर आदि सिंचाई योजनाएं।

शिक्षा : सर्वशिक्षा का अभियान में ज्यादा पैसा।

आर्थिक : विशेष सहायता मिले, केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा बढ़े।

देश में समावेशी विकास हो और इसी अनुसार बजट बने। बिहार के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है। बिहार में कई परियोजनाएं लंबित है, उसके लिए फंड की व्यवस्था हो। मुगलसराय-किउल तीसरी लाइन जल्द बनाई जाए। -पीके अग्रवाल, अध्यक्ष, बिहार चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज, पटना

संगठित रिटेल, एफडीआई एवं ई-कॉमर्स से अर्धशिक्षित कमजोर वर्ग के खुदरा विक्रेताओं के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया है। हम आशा करते हैं कि सरकार हमारे अस्तित्व की रक्षा के लिए कुछ उपाय करेगी। -रमेश चंद्र तलरेजा, महासचिव, बिहार खुदरा विक्रेता महासंघ

उपमुख्यमंत्रीसुशील मोदी की अपेक्षाएं

केंद्र प्रायोजित योजनाओं-मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास व सड़क योजना, जीविका आदि में केंद्रांश बढ़े

सामाजिक पेंशन योजनाओं का रुपया बढ़े

पीएमजीएसवाई में सड़कों के रखरखाव के लिए केद्रांश तय हो

रेल व पीएम पैकेज की परियोजनाओं के लिए पर्याप्त आवंटन हो

सालाना प्राकृतिक आपदा झेलने वाले बिहार के मद्देनजर आपदा प्रबंधन कोष दोगुना हो। केंद्र व राज्य का 75:25 की जगह 90:10 हो

केंद्रीय करों में राज्य के हिस्से की राशि हर महीने की पहली तारीख को मिले

वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल की बजाय 1 जनवरी से शुरू हो

(नोट : सुशील मोदी यह सबकुछ केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को बता चुके हैं।)

पैसेंजर ट्रेनों की संख्या बढ़ने और पटना रूट पर तीसरी लाइन की उम्मीद

सिटी रिपोर्टर|पटना

गुरुवार को आ रहे बजट में कई लंबित योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। खासतौर से मुगलसराय से झाझा तक तीसरी रेल लाइन और 118 किमी लंबी बिहटा-औरंगाबाद रेल लाइन परियोजना के लिए पर्याप्त राशि जारी होने की उम्मीद है। साथ ही मुंबई, दिल्ली, कोलकाता व चेन्नई की तर्ज पर पैसेंजर ट्रेनों की संख्या बढ़ने की लोगों को सबसे ज्यादा उम्मीद है। इसके अलावा रेलवे की लंबित परियोजनाओं को गति देने के लिए पर्याप्त राशि भी जारी हो सकती है। पटना के यात्रियों ने पटना से दिल्ली के दिल्ली के लिए राजधानी या संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस की तरह एक और सुपर फास्ट ट्रेन चलाने की मांग की। बिहार दैनिक यात्री संघ के शोएब कुरैशी ने बताया कि पैसेंजर ट्रेनों की कम संख्या के चलते दैनिक यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने रेलमंत्री को इसके लिए पत्र भी लिखा है। उन्होंने दानापुर स्टेशन एवं राजेंद्र नगर टर्मिनल से वाया पाटलिपुत्रा जंक्शन होकर सीवान तक मेमू सवारी एवं इंटरसिटी एक्सप्रेस चलाने की मांग की।

पत्र में ये प्रमुख मांगें

दानापुर रेल मंडल के तीनों खंड पटना-बक्सर, पटना-झाझा व पटना-गया पर दो-दो पैसेंजर ट्रेन- पटना जंक्शन से 200 किमी क्षेत्र को अर्ध-शहरी क्षेत्र घोषित करने के लिए राज्य सरकार से मांग- पटना जंक्शन पर यात्रियों के दबाव को कम करने के लिए सभी गाड़ियों का ठहराव दानापुर, फुलवारीशरीफ और पूर्वी सेक्शन के पटना साहिब, गुलजारबाग, राजेन्द्र नगर टर्मिनल में एवं दक्षिणी सेक्शन के तारेगना, पोठही, पुनपुन एवं परसा बाजार स्टेशनों में ठहराव जनरल टिकट रद्द करने की सीमा 3 घंटे से बढ़ाकर 6 घंटे करने पटना-बक्सर की बीच फास्ट मेमू सवारी चलायी जाए।

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Web Title: डबल इंजन वाली सरकार के बजट से ढेर सारी रकम चाहता है बिहार
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