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नीतीश बोले-गाद की समस्या का हल खोजे केंद्र

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार हर साल बाढ़ की विभीषिका से प्रभावित होता है। हर साल चार हजार से पांच हजार...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:05 AM IST

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार हर साल बाढ़ की विभीषिका से प्रभावित होता है। हर साल चार हजार से पांच हजार करोड़ रुपए बाढ़पीड़ितों को राहत प्रदान करने में खर्च किया जाता है। पिछले वर्ष भी राज्य में भीषण बाढ़ आई थी। राहत-बचाव के लिए आकस्मिकता निधि से 4,600 करोड़ रुपए खर्च किए गए। नेपाल से आने वाला पानी बिहार में तबाही लाता है। बाढ़ की तबाही हर साल झेलने के बावजूद बिहार की कृषि विकास दर बहुत अच्छी है। बाढ़ से बचाने के लिए नदियों में जमा गाद की समस्या का शीघ्र हल होना चाहिए। केंद्र सरकार बाढ़ प्रबंधन को प्राथमिकता दे। बुधवार को मुख्यमंत्री ने दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से उनके आवास पर मुलाकात के दौरान यह मांग रखी। मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को एक विस्तृत एजेंडेवार रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजने के लिए कहा ताकि केन्द्रीय मंत्री गडकरी से इन प्रतिवेदनों के आधार पर शीघ्र समीक्षा बैठक आयोजित कर सभी परियोजनाओं को समय पूरा करने में सहयोग प्रदान कर सकें। बैठक में दुर्गावती सिंचाई परियोजना, पुनपुन परियोजना, कोसी योजना, पश्चिमी गंडक नहर परियोजना, बटेश्वर स्थान नहर परियोजना और अन्य परियोजनाओं में प्रगति की समीक्षा की गई। जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही केन्द्रीय सहायता राशि की उपलब्धता में आ रही समस्याओं की ओर भी केंद्रीय मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया। इस अवसर पर मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, जल संसाधन मंत्रालय के सचिव यू.पी. सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्रा, स्थानिक आयुक्त विपिन कुमार, परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल भी उपस्थित थे।

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