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एक-दो दिनों में खुलेगा पीयू छात्र संघ चुनाव के प्रत्याशियों का नाम

पटना

Danik Bhaskar | Feb 02, 2018, 02:05 AM IST
पटना
पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही सरगर्मी बढ़ गई है। इससे पहले तक छात्र संगठनों में छात्रसंघ चुनाव होने पर ही अविश्वास था, लेकिन अधिसूचना के बाद स्थिति साफ होने लगी है। अब तक कॉलेज कैंपसों में माहौल बनाने वाले छात्र संगठनों ने अपने उम्मीदवारों के नाम पर गंभीरता पूर्वक विचार करना भी शुरू कर दिया है। हालांकि सभी संगठन अपने उम्मीदवारों पर पर्दा डाले हुए हैं पर दो से तीन दिनों में सभी उम्मीदवारों के नाम सामने होंगे क्योंकि 17 फरवरी को होने वाले छात्रसंघ चुनाव के लिए 6 फरवरी से नॉमिनेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस बीच गुरुवार को अलग-अलग कॉलेजों में छात्र संगठनों ने अपने पक्ष में विद्यार्थियों को जोड़ने की कवायद जारी रखी। हॉस्टलों के कमरों से लेकर फेसबुक के पोस्ट तक अनौपचारिक प्रचार का सिलसिला जारी रहा।

गठबंधन पर नहीं है छात्र संगठनों को भरोसा

पटना विवि छात्रसंघ चुनाव होना तो व्यक्तिगत आधार पर लेकिन परोक्ष तौर पर यह हमेशा की तरह इस बार फिर संगठन आधारित चुनाव ही रहेगा। अलग-अलग छात्र संगठन अपना पैनल जारी करेंगे। चूंकि इस बार चुनाव की तैयारी के लिए छात्र संगठनों को कम वक्त मिला था तो उम्मीद थी कि कुछ नए पुराने छात्र संगठन गठबंधन कर सकते हैं। लेकिन इसकी उम्मीद धीरे-धीरे खत्म हो रही है। चुनाव की घोषणा के बाद से प्रचार में जुटे संगठनों में आत्मविश्वास आने लगा है और अब सभी संगठन अकेले ही चुनाव में जाने को तैयार हैं।

छात्र संगठनों ने सेंट्रल पैनल सहित काउंसलर्स के पदों पर उम्मीदवारों के चयन में लाई तेजी, 6 फरवरी से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया

विवि कैंपस में चुनाव की गहमागहमी बढ़ गई है। गुरुवार को आइसा ने दावेदारी रैली निकाली।

नहीं दिखेगी वाम एकता, सरकारी गठबंधन भी दूर

चुनाव की घोषणा के बाद वामपंथी छात्र संगठनों में गठबंधन की सुगबुगाहट उठी थी। आइसा और एआईएसएफ में गठबंधन के लिए वार्ता शुरू हुई थी। गठबंधन के लिए कुछ मुद्दों पर सहमति भी बनी थी लेकिन अब इस कोशिश पर पानी फिर रहा है। आइसा और एआईएसएफ दोनों में सीटों के बंटवारे पर मामला अटक रहा है। हालांकि कोशिशें गुरुवार को भी जारी रहीं। वहीं दूसरी ओर राज्य में सत्ता में बैठी भाजपा, जदयू, लोजपा में ऊपरी स्तर पर तो गठबंधन है लेकिन विश्वविद्यालय चुनाव में इन तीनों के छात्र संगठनों के बीच कोई गठबंधन नहीं होगा। वहीं जन अधिकार छात्र परिषद और दूसरे दलों के बीच भी गठबंधन की कोशिशें चल रही थी लेकिन अब सबके अपने बूते लड़ने की तैयारी शुरू हो गई है।

छात्र लोजपा ने चलाया जनसंपर्क अभियान

छात्र लोजपा ने छात्र संघ चुनाव को लेकर विभिन्न कॉलेजों में जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान छात्र लोजपा की विद्या कुमारी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के मामले पटना विश्वविद्यालय असफल हैं। शोध और उत्कृष्ट शिक्षा की सुविधा मुहैया कराने वाले ये संस्थान अब सिर्फ परीक्षाएं आयोजित कर डिग्री बांटने वाले संस्थान बन कर रह गए हैं। इन शिक्षण संस्थानों में ज्ञान बांटने वाले शिक्षकों के लगभग 60 फीसदी पद रिक्त हैं।

आइसा ने पटना विवि मे निकाली छात्रसंघ-दावेदारी रैली

एक ओर अधिकतर छात्र संगठन चुपके-चुपके प्रचार में व्यस्त हैं तो दूसरी ओर आइसा ने पटना विवि कॉलेजों के बाहर गुरुवार को छात्रसंघ-दावेदारी रैली निकाल दी। आइसा कार्यकर्ताओं की रैली साइंस कॉलेज से चली और मगध महिला कॉलेज तक गई। इस दौरान आइसा की नीतू कुमारी ने कहा कि अगर आइसा छात्रसंघ का प्रतिनिधित्व करता है तो पटना विवि को केंद्रीय विवि बनाने के लिए संघर्ष करेगा ही, साथ ही महिला सुरक्षा के लिए सशक्त जेंडर सेल के गठन के लिए मजबूती से लड़ेगा। पटना कॉलेज आइसा के संयोजक चांद ने कहा की आइसा की पहचान संघर्ष के लिए है। आइसा छात्र संघ पैनल में आएगी तो सस्ता हॉस्टल, सस्ती बस सेवा के साथ हर कॉलेज मे सस्ती कैंटीन की लड़ाई मजबूती से लड़ेगा।