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पार्षदों ने दो अफसरों पर लगाया अपशब्द कहने का आरोप, मेयर बोलीं-होंगे सस्पेंड

नगर निगम बोर्ड की बैठक गुरुवार को हंगामेदार रही। पार्षदों और अधिकारियों के बीच जोरदार बहस के बाद मेयर सीता साहू और...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 02:05 AM IST

नगर निगम बोर्ड की बैठक गुरुवार को हंगामेदार रही। पार्षदों और अधिकारियों के बीच जोरदार बहस के बाद मेयर सीता साहू और नगर आयुक्त केशव रंजन को हस्तक्षेप करना पड़ा। बांकीपुर अंचल में मेयर की अध्यक्षता में जैसे ही बैठक शुरू हुई डिप्टी मेयर विनय कुमार पप्पू, पार्षद पिंकी यादव, डॉ. आशीष कुमार, इंद्रदीप चंद्रवंशी, विनोद कुमार सहित दर्जनभर पार्षद अधिकारियों के गलत व्यवहार को लेकर हंगामा करने लगे। पार्षदों ने आरोप लगाया कि कार्यपालक अभियंता (विद्युत) सत्येंद्र सिंह बातचीत के दौरान अपशब्द का प्रयोग करते हैं। लगे हाथ कंकड़बाग अंचल के पार्षदों ने सिटी मैनेजर अरविंद कुमार पर पार्षदों को चोर कहने का आरोप लगा दिया। आधे घंटे तक हंगामे के बाद नगर आयुक्त ने जांच के बाद दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। लेकिन, कोई मानने को तैयार नहीं हुआ। जब मेयर ने दोनों को निलंबित करने का निर्देश दे दिया, तब पार्षद शांत हुए। अपशब्द कहने के आरोपी अफसरों से प्रयास के बावजूद संपर्क नहीं हो सका। इसलिए उनका पक्ष नहीं आया।

ट्रेड लाइसेंस पर बोर्ड की मुहर

शहर में किसी भी तरह का व्यापार करने के लिए निगम अब ट्रेड लाइसेंस जारी कर रहा है। इसे सिर्फ ऑनलाइन ही प्राप्त किया जा सकता है। आवेदन से लेकर फीस जमा करना और प्रमाणपत्र भी ऑनलाइन ही जमा होंगे। इसके तहत शहर के सभी छोटे दुकानदार भी आएंगे। 2013 में भी निगम ने इसे पारित किया था। लेकिन, तकनीकी पेच के कारण बाद में इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। अब स्वीकृति के लिए इसे नगर विकास विभाग को भेज दिया जाएगा। फोटोयुक्त पहचान पत्र के साथ लाइसेंस के ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

कर्मचारियों की कमी का उठा मुद्दा

करीब 22 लाख की आबादी को जलापूर्ति, साफ-सफाई, रोशनी और टैक्स वसूली का भार संभालने वाले निगम के पास कुछ ही अधिकारी और कर्मचारी बचे हैं। नगर आयुक्त ने बोर्ड को बताया कि तृतीय वर्ग के कर्मचारियों के स्वीकृत पद 784 हैं। जबकि कार्यरत मात्र 177 ही बचे हैं। चतुर्थ वर्ग में 592 स्वीकृत पद की जगह सिर्फ 189 ही कार्यरत हैं। मेयर ने लिस्ट को पूरी तरह अपडेट करते हुए रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए नगर विकास विभाग को अनुशंसा करने की बात कही।

कच्ची नाली-गली पर पिछड़े

कच्ची नाल-गली व जलापूर्ति की योजना अबतक पूरी नहीं हो पाई है। ज्यादातर पार्षदों ने योजना में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सड़कों को आधा अधूरा बनाकर छोड़ दिया जा रहा है। कहीं टेंडर भी नहीं किया जा सका है। अधिकारी इसपर संतोषजनक जवाब नहीं देते। मेयर ने इस पर तुरंत ही जांच कमेटी गठित करने की बात कही है।

गलियों में अंधेरा

दीपावली के समय प्रत्येक वार्ड में 60 सीएफएल बल्ब लाने के लिए 40 हजार रुपए देने की घोषणा हुई थी। लेकिन, सिर्फ सफाई निरीक्षकों के अकाउंट में 32 हजार देकर इसकी खानापूर्ति कर दी गई। बाकी के आठ रुपए अबतक नहीं दिए गए।

इन पर भी लगी मुहर

शहर की गलियों को रोशन करने के लिए ईईएसएल के साथ करार कर लिया गया है। निगम लाइटों का पेमेंट करेगा। साथ ही अगले सात वर्ष तक एजेंसी इसे मेंटेन करेगी।

अमृत योजना के तहत बेउर मोड़ से मीठापुर बस स्टैंड तक पटना ड्रेनेज योजना, पार्क विकास योजना की डीपीआर तैयार करने की स्वीकृति दे दी गई है।

बेउर, करमलीचक व सैदपुर एसटीपी के सीवरेज नेटवर्क के लिए निर्माण एजेंसियों को निगम ने एनओसी जारी कर दिया है।

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