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सीमा विवाद में अबतक नहीं दर्ज हो पाई नाव हादसे की प्राथमिकी

फतुहा | इसे प्रशासनिक चूक कहें या अधिकारियों की लापरवाही। हादसा तीन दिन पूर्व हुआ लेकिन अबतक हादसे की प्राथमिकी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 03, 2018, 02:05 AM IST

फतुहा | इसे प्रशासनिक चूक कहें या अधिकारियों की लापरवाही। हादसा तीन दिन पूर्व हुआ लेकिन अबतक हादसे की प्राथमिकी किसी भी थाने में दर्ज नहीं हो पाई। स्थानीय मस्ताना घाट के समीप गंगा नदी में तीन दिन पूर्व हुए नाव हादसे का मामला दो जिले के सीमांकन में फंसकर रह गया जिसके कारण शुक्रवार की देर शाम तक किसी भी थाने में प्राथमिकी दर्ज नहीं हो पाई थी। बुधवार को माघ पूर्णिमा के मौके पर गंगा स्नान करने आए श्रद्धालुओं की एक नाव स्थानीय मस्ताना घाट के सामने गंगा नदी में डूब गई थी। इस दरम्यान पांच लोगों को तो बचा लिया गया था लेकिन तीन लोग गंगा की आगोश में चले गए जिनका शव शुक्रवार की शाम तक नहीं मिला।

यह घटना गंगा में जिस स्थान पर हुई, वह स्थान जिला प्रशासन पटना के अनुसार वैशाली जिले का है। हालांकि पटना जिला प्रशासन की ओर से घटना के बाद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है लेकिन इस हादसे की प्राथमिकी दर्ज करने की जिम्मेवारी न तो पटना जिले के किसी थानों ने उठाई और न ही वैशाली जिले के। घटनास्थल पर उपस्थित एसडीओ पटना सिटी राजेश रौशन ने बताया कि वैशाली जिला प्रशासन से बात की गईं है। प्राथमिकी वैशाली जिले के रुस्तमपुर थाने में कराई जाएगी।

पटना व वैशाली जिले के सीमांकन में फंसा मामला, पटना सिटी एसडीओ ने कहा- वैशाली के रुस्तमपुर थाने में दर्ज होगी एफआईआर

फतुहा के मस्ताना घाट पर रोते बिलखते लापता श्रवण के परिजन।

तीन दिन बाद भी नहीं मिले शव | तीन दिनों पूर्व हुए मस्ताना घाट के समीप गंगा नदी में नाव हादसे में लापता लोगों का शव एसडीआरएफ एवं गोताखोर के प्रयास के बावजूद नहीं मिल पाया। लापता रीता देवी के पति मिथिलेश रविदास ने प्रशासनिक अधिकारी पर महज खानापूर्ति करने का आरोप लगाते हुए बोले कि घटना के तीन दिन बीत चुके हैं और हमलोग पिछले तीन दिनों से लगातार घटनास्थल पर मौजूद हंै लेकिन गंगा के पानी में न ही गोताखोर को उतरते देखे और न ही कोई एसडीआरएफ टीम को। उन्होंने बताया कि गोताखोर और एसडीआरएफ की टीम नाव लेकर सिर्फ इधर-उधर गंगा में घूमकर यह दिखाने की कोशिश कर रहे हंै कि हमलोग शव की तलाश में जुटे हुए हंै। लापता जीरा देवी के पुत्र गोविंद ने बताया कि स्थानीय प्रशासन खानापूर्ति करने में जुटी हुई है।

हम्मर श्रवण पूत अंखवा से न ओझल हो रहलैय हे...

अब केकरा कहवै बेटवा, तीन दिन से कैसे होतई हम्मर श्रवण पूत, अंखवा से ओझल न होवे देवअ हलिय अप्पन करेजावा के.....कुछ ऐसे ही बोलते बोलते दहाड़ मारकर रोने लगती है नाव हादसे में लापता श्रवण की मां सरोज देवी। गंगा किनारे मस्ताना घाट पर पिछले तीन दिनों से अपने बेटे की एक झलक पाने की आस में गंगा घाट किनारे भूखी प्यासी बैठी श्रवण की मां सरोज को आज भी किसी करिश्मा का इंतजार है। श्रवण के छोटी बहन कविता (8 वर्ष), अंजली (4 वर्ष), भाई प्रमोद (6 वर्ष) भी मां के साथ ही घाट पर बैठकर अपने भाई के एक झलक पाने का इंतजार कर रहे हंै।

डीएम ने कहा - नाव मालिकों और नाविकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

पटना| फतुहा में नाव हादसे के बाद जिला प्रशासन ने नाव मालिकों और नाविकोंं को प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी कुमार रवि ने कहा कि प्रखंड स्तर पर नाव का निबंधन किया गया है। निबंधित नाव मालिकों और नाविकों को अनुमंडल मुख्यालय में दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। हर बैच में 20 नाव मालिक और नाविक शामिल होंगे। जिले में निबंधित नाव की कुल संख्या 429 है। इन नाव को चलाने वाले 320 नाविकोंं 16 बैच में प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि सदर अनुमंडल में 15 और 16, 19 और 20 फरवरी को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां निबंधित नाव की कुल संख्या 49 है। नाविकों की संख्या 40 है।

पटना सिटी अनुमंडल में 15 और 16, 19 और 20, 21 और 22, 23 और 24 फरवरी को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां निबंधित नाव की कुल संख्या 113 है। नाविकों की संख्या 80 है।

दानापुर अनुमंडल में 15 और 16, 19 और 20, 21 और 22, 23 और 24, 27 और 28 फरवरी को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां निबंधित नाव की कुल संख्या 162 है। नाविकों की संख्या 120 है।

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