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डाॅ. अरुणोदय संवेदनशील व संभावनाओं के रचनाकार हैं

एएन सिन्हा इंस्टीट‌्यूट में बुधवार को समाजसेवी और साहित्यकार डाॅ. कुमार अरुणोदय की पुस्तक राग अशेष का लोकार्पण...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 02:05 AM IST

डाॅ. अरुणोदय संवेदनशील व संभावनाओं के रचनाकार हैं
एएन सिन्हा इंस्टीट‌्यूट में बुधवार को समाजसेवी और साहित्यकार डाॅ. कुमार अरुणोदय की पुस्तक राग अशेष का लोकार्पण हुआ। लोकार्पण करते हुए कवि डाॅ. सुरेश अवस्थी ने कहा कि डॉ. अरुणोदय की लेखकीय विशेषता यह है कि वे कम शब्दों में गंभीर चिंतन की बातें करते हैं। इनकी दृष्टि आलोचनात्मक है। यह केवल समस्या हीं नहीं बताते समाधान भी सुझाते हैं। हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डाॅ. अनिल सुलभ ने लेखक को कोमल भावनाओं से युक्त एक विनम्र और भावुक कवि बताया। उन्होंने कहा कि डाॅ. अरुणोदय एक संवेदनशील और संभावनाओं से संपन्न रचनाकार हैं। गद्य और पद्य दोनों में ही इनकी प्रतिभा मुखर होकर प्रकट होती है। पुस्तक के लेखक ने कहा कि नई पीढ़ी को साहित्य के माध्यम से हीं संस्कारित किया जा सकता है। युवा वर्ग को राजनीति के स्थान पर राष्ट्रनीति में शिक्षित करने की आवश्यकता है। कथाकार आबिद सुरती ने कहा कि जीवन के प्रश्नों आत्मा और परमात्मा को लेकर मानव मन में सदियों से जो बातें चली आ रही हैं उन्हें इस पुस्तक में नए अंदाज़ और विचारों के साथ प्रस्तुत किया गया है। मौके पर सम्मेलन के उपाध्यक्ष नृपेंद्र नाथ गुप्त, डाॅ. अमूल्य कुमार सिंह, कवयित्री भावना शेखर, मृत्युंजय सिंह, सूरज सिन्हा, डाॅ. सीके सिंह, शैलेंद्र कुमार सिंह, विपिन कुमार आदि उपस्थित थे।

एएन सिन्हा इंस्टीट‌्यूट में बुधवार को पुस्तक लोकार्पण पर साहित्यकारों ने लेखक व लेखनी की समीक्षा भी रखी

मेरा जीवन संघर्ष के अंग्रेजी अनुवाद का लोकार्पण चार को

पटना | स्वामी सहजानंद सरस्वती रचित पुस्तक ‘मेरा जीवन संघर्ष’ का अंग्रेजी अनुवाद प्रकाशित हो चुका है। इस पुस्तक के अंग्रेजी अनुवाद का लोकार्पण चार मार्च को भारतीय नृत्य कला मंदिर में किया जाएगा। बुधवार को रूबन मेमोरियल (पाटलिपुत्र) सभागार में चिंताहरण सिंह सोशल डेवलपमेंट ट्रस्ट की ओर से आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी सचिव डॉ.सत्यजीत कुमार सिंह ने दी। पुस्तक के अनुवादक कैलाश चंद्र झा और योगिंदर सिंह ने भी संबोधित किया। यह अनुवाद व संकलन कैलाश चंद्र ने वाल्टर हाउजर के साथ मिलकर किया है। वाल्टर हाउजर वर्जीनिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रहे हैं। स्वामी सहजानंद सरस्वती पर उनका शोधपरक काम संदर्भ सामग्री के रूप में माना जाता है। स्वामी जी कहते थे रोटी भगवान है और रोटी को पैदा करने वाला किसान भगवान से भी बढ़कर है। चर्चित चिकित्सक और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सत्यजीत सिंह ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती अपने अखबार हुंकार के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों पर कुठाराघात किया। डॉ. सिंह बिहटा स्थित सीताराम आश्रम का जीर्णोद्धार करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी जी जुड़े बहुमूल्य दस्तावेजों को विदेशों से पुन: आश्रम में लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहटा स्थित सीताराम आश्रम में लाइब्रेरी, सेल्फ हेल्प ग्रुप, आडियोटोरियम का निर्माण किया जाएगा। उच्च शिक्षा के लिए संस्कृत स्कूल या फिर कालेज खोलने की भी योजना है। बच्चों के लिए काउंसलिंग की भी सुविधा होगी। डॉ. सिंह ने कहा कि स्वामी जी कहा करते थे.जो अन्न वस्त्र उपजाएगा वो कानून बनाएगा, ये भारत वर्ष उसी का है अब शासन वही चलाएगा।

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Web Title: डाॅ. अरुणोदय संवेदनशील व संभावनाओं के रचनाकार हैं
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