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3 साल से कम अनुभव वाले शिक्षक नहीं जांचेंगे कॉपियां

Patna News - मैट्रिक और इंटर परीक्षा खत्म होने के बाद अब बिहार बोर्ड मूल्यांकन की तैयारी में लगा हुआ है। इंटर परीक्षा की...

Dainik Bhaskar

Mar 04, 2018, 02:05 AM IST
3 साल से कम अनुभव वाले शिक्षक नहीं जांचेंगे कॉपियां
मैट्रिक और इंटर परीक्षा खत्म होने के बाद अब बिहार बोर्ड मूल्यांकन की तैयारी में लगा हुआ है। इंटर परीक्षा की कॉपियों की जांच 5 जबकि मैट्रिक परीक्षा का मूल्यांकन 13 मार्च से होना है। अलग-अलग जिलों में मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। बोर्ड ने इस संबंध में दिशा निर्देश भी सभी जिलों को भेजा है। तीन साल से कम शैक्षणिक अनुभव वाले शिक्षक मैट्रिक परीक्षा की कॉपियों की जांच नहीं करेंगे। बिहार बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक ने इस संबंध में सभी जिलों के डीईओ को पत्र लिखकर निर्देश दिया है। बोर्ड की ओर प्रधान परीक्षकों व सह परीक्षकों का नियुक्ति पत्र जारी करते वक्त ऐसे शिक्षकों को भी पत्र जारी कर दिया गया था जिन्हें तीन साल से कम शैक्षणिक अनुभव है। लेकिन डीईओ से कहा गया है कि वे अपने स्तर से ऐसे शिक्षकों का नाम मूल्यांकन कार्य से हटा दें। तीन साल से कम शैक्षणिक अनुभव वाले सह परीक्षकों की सूची भी सभी जिलों को भेजी गई है।

इंटर परीक्षा के मूल्यांकन के लिए बनाए गए 81 केंद्र

बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि इंटर परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन 81 मूल्यांकन केंद्रों पर 5 मार्च से शुरू होगा। मूल्यांकन केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के अलावा पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। मूल्यांकन केंद्रों पर अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है। पटना जिला में कुल 07 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। इंटर परीक्षा की कॉपियों एवं 50 प्रतिशत वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को हल करने के लिए इस्तेमाल की गई ओएमआर शीट की बारकोडिंग खत्म हो चुकी है।

मैट्रिक के लिए 101 केंद्र : मैट्रिक की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए राज्य में 101 केंद्र बनाए गए हैं। पटना जिले में कुल 08 मूल्यांकन केन्द्र बनाए गए हैं। इंटर परीक्षा में 12.08 लाख तथा मैट्रिक परीक्षा में 17.70 लाख परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया है। दोनों परीक्षाओं के मूल्यांकन के संबंध में शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन एवं बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने संयुक्त रूप से सभी जिलाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए निर्देश दिए हैं।

गुणवत्ता से समझौता नहीं : प्रधान सचिव

शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने इंटर तथा मैट्रिक की परीक्षा के बेहतर संचालन के लिए सभी जिलाधिकारी तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी को बधाई दी। साथ ही, ससमय परीक्षा के आयोजन एवं बेहतर व्यवस्था स्थापित करने के लिए उन्होंने बोर्ड अध्यक्ष को भी बधाई दी। आरके महाजन ने कहा कि मूल्यांकन में यह आवश्यक है कि यह सही ढंग से गुणवत्तापूर्ण हो तथा एक निश्चित समय सीमा के अंदर हो। मूल्यांकन में क्वालिटी से समझौता नहीं किया जाएगा। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे मूल्यांकन केन्द्रों का निरीक्षण करेंगे। साथ ही, जिला शिक्षा पदाधिकारी मूल्यांकन केन्द्रों पर जाकर परीक्षकों को क्वालिटी मूल्यांकन के संबंध बताएंगे।

50 प्रतिशत दीर्घ व लघु उत्तरीय प्रश्नों का ही मूल्यांकन करेंगे शिक्षक-बोर्ड अध्यक्ष

बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने इंटर तथा मैट्रिक की परीक्षा के उत्कृष्ट संचालन के लिए सभी जिलाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारियों से कहा कि आपके चलते ही परीक्षा का संचालन स्वच्छ एवं कदाचार रहित संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि सभी विषयों में 50 प्रतिशत वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का हल ओएमआर शीट पर किया गया है, जिसका मूल्यांकन कंप्यूटर से किया जायेगा। शेष 50 प्रतिशत दीर्घ उत्तरीय एवं लघु उत्तरीय प्रश्नों का हल करने के लिए उपलब्ध कराई गई उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन ही परीक्षक करेंगे। उन्होंने सभी जिलाधिकारी से कहा कि परीक्षा के दौरान जो सख्ती अपनाई गई थी, मूल्यांकन के वक्त भी वही सख्ती अपनाएं। मूल्यांकन परीक्षार्थियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है, अतः मूल्यांकन में कोताही नहीं बरती जानी चाहिए। परीक्षक संलग्न ओएमआर शीट एवं मार्क्स फ्वायल पर परीक्षार्थियों का अंक सही से भरेंगे।

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