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बनेगा जैविक कॉरिडोर

मिट्टी की उर्वरा शक्ति को अक्षुण्ण रखने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार जैविक खेती करने के लिए...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:05 AM IST
मिट्टी की उर्वरा शक्ति को अक्षुण्ण रखने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार जैविक खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहन दे रही है। कृषि रोड मैप 2017-22 में जैविक कॉरिडोर की स्थापना की जाएगी। इसके तहत गंगा के किनारे और सड़क के दोनों तरफ पड़ने वाले गावों का चयन कर कॉरिडोर बनाया जाएगा जिससे किसान वहां जैविक तरीकों से खेती कर सकें। परंपरागत कृषि विकास योजना, दियारा विकास योजना, जैविक प्रोत्साहन योजना एवं राष्ट्रीय सब्जी प्रोत्साहन योजना का सहयोग जैविक कॉरिडोर के निर्माण में लिया जाएगा। जैविक खेती के लिए पर्याप्त मात्रा में जैविक खाद की आपूर्ति हो इसके लिए इसके लिए वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाने के लिए सरकार किसानों के साथ-साथ निजी उद्यमियों को भी अनुदान देने की व्यवस्था की है। हालांकि किसानों को जहां पक्का वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाने के लिए जहां 50 फीसदी अनुदान दिया जाएगा निजी उद्यमियों को 40 फीसदी। योजना के तहत पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से जैविक खेती प्रोत्साहन योजना के माध्यम से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गये हैं। कम कीमत पर एवं आसानी से पर्याप्त मात्रा में वर्मी कंपोस्ट किसानों को उपलब्ध हो सकेगा, जिससे रासायनिक खादों पर निर्भरता कम होगी। जैविक खेती के प्रमाणीकरण से जैविक उत्पादों का प्रमाणीकरण हो सकेगा तथा किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सकेगा।

निजी उद्यमियों को भी जैविक खाद यूनिट लगाने के लिए अनुदान की व्यवस्था

प्रत्येक जिले में बनेगा आदर्श जैविक ग्राम

आदर्श जैविक ग्राम स्थापित करने की दिशा में पायलट प्रोग्राम के तहत प्रत्येक जिला में एक ग्राम का चयन कर ज्यादा से ज्यादा इच्छुक लोगों को वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन इकाई एवं गोबर गैस इकाई के निर्माण कराया जाएगा जिससे अन्य किसान भी योजना के प्रति जागरूक हो सके। उसके बाद गांवों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी।योजना के तहत कृषि इनपुट सब्सिडी, प्री-फैब्रिकेटेड वर्मी कम्पोस्ट इकाई, आदर्श जैविक ग्राम की स्थापना, बीज टीकाकरण अभियान, जैव उर्वरक का अनुदान, पक्का वर्मी कम्पोस्ट इकाई पर अनुदान में वृद्धि, गोबर गैस की स्थापना के लिए प्रशिक्षित मानव बल का सृजन, 03 घनमीटर से अधिक के गोबर गैस को भी प्रोत्साहन, जैविक सत्यापन तथा मार्केट लिंकेज को बढ़ावा, व्यवसायिक वर्मी कम्पोस्ट पर अनुदान, व्यवसायिक जैव उर्वरक उत्पादन इकाई, फेरोमेनट्रैप पर अधिकतम 90 फीसदी तक अनुदान और जैव कीटनाशी पर अधिकतम 50 फीसदी अनुदान की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की गई है।