• Hindi News
  • Bihar
  • Patna
  • नाॅर्थ ईस्ट के 3 राज्यों के चुनाव नतीजे
--Advertisement--

नाॅर्थ ईस्ट के 3 राज्यों के चुनाव नतीजे

Patna News - कहां से: महाराष्ट्र रिजल्ट एनालिसिस भाजपा को इन 3 राज्यों में पिछले चुनाव से 61% ज्यादा वोट मिले

Dainik Bhaskar

Mar 04, 2018, 02:05 AM IST
नाॅर्थ ईस्ट के 3 राज्यों के चुनाव नतीजे

कहां से: महाराष्ट्र

रिजल्ट एनालिसिस

भाजपा को इन 3 राज्यों में पिछले चुनाव से 61% ज्यादा वोट मिले






ऐसे बढ़ा भाजपा का वोट बैंक

1.54%

त्रिपुरा

‘सुप्रभात! आज सुबह मां त्रिपुरा सुंदरी के मंदिर में पूजा की और राज्य के 37 लाख लोगों के लिए दुष्ट शक्तियों से मुक्ति मांगी। भरोसा है भाजपा को दो तिहाई बहुमत मिलेगा।’ - सुनील देवधर भाजपा नेता

पूर्वोत्तर चुनाव की कमान सुनील देवधर के पास थी और उन्हीं की रणनीति के दम पर भाजपा ने त्रिपुरा का लाल किला ढहाया। पढ़ाई के बाद वे 1991 में संघ प्रचारक के तौर पर निकले। 8 साल मेघालय में रहे। यहां स्थानीय खासी और अन्य भाषाएं सीखी। 2012 गुजरात चुनाव में दाहोद का प्रभार मिला। कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाई। 2014 में मोदी की संसदीय सीट बनारस का जिम्मा मिला। महाराष्ट्र चुनाव के बाद नवंबर 2014 में उन्हें त्रिपुरा का प्रभारी बनाकर कम्युनिस्ट मुक्त भारत की जिम्मेदारी दी गई।

43%

14%

1.75%

नगालैंड

2013

2017

9.7%

1.27%

मेघालय

त्रिपुरा में भाजपा ने काडर बनाम काडर की लड़ाई में कम्युनिस्टों की कमर तोड़ दी

वोटर लिस्ट के 48 हजार पन्नों में से 42 हजार पर भाजपा कार्यकर्ता थे, हर बूथ पर 10 युवा थे

पटना, रविवार 04 मार्च, 2018


यूपी फॉर्मूला: शाह ने पहले बिप्लव देब को प्रदेश अध्यक्ष बनाया, फिर देवधर को भेजा

अध्यक्ष शाह ने त्रिपुरा में सबसे पहले राज्य के युवा नेता बिप्लव देब को प्रदेश की कमान सौंपी, जो कभी सांसद गणेश सिंह के पीए थे। उसके बाद संगठन से जुड़े और मोदी के वाराणसी संसदीय सीट के प्रभारी रहे सुनील देवधर को त्रिपुरा का प्रभारी बनाया। फिर अमित शाह ने यूपी चुनाव की तर्ज पर त्रिपुरा में भी बूथ और पन्ना प्रमुख की रणनीति को कारगर ढंग से लागू कराया।

सबसे बड़ा चेहरा: देवधर ने वाम मोर्चा के बूथ काडर की कमजोरी को हथियार बनाया

त्रिपुरा प्रभारी सुनील देवधर भास्कर से बातचीत में कहते हैं कि वाम काडर कोई मामूली काडर नहीं है। पर उसकी एक कमजोरी है कि सत्ता में आते ही प्रशासन का राजनीतिकरण और राजनीति का अपराधीकरण में लग जाता है। जिससे बूथ स्तर का काडर भी पार्टी पर निर्भर हो जाता है और सरकार की योजना में लाभ उठाने लगता है। इसी वजह से बंगाल में वाम काडर खत्म हो गया।

त्रिपुरा अब लाल से केसरिया हो गया है। भाजपा ने लेफ्ट के 25 साल पुराने किले को ढहा दिया। इस पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने केसरिया होली खेली और जय श्रीराम के नारे लगाए।

मोदी को जीत का भरोसा था। उन्होंने बुधवार को भाजपा शासित राज्यों के सीएम से त्रिपुरा की जीत का जश्न यूपी से भी बड़े पैमाने पर मनाने को कहा था। - अखिलेश शर्मा, पत्रकार

भाजपा ने चुनाव में पीएम समेत 52 कैबिनेट मंत्री और 200 सांसद उतारे

मोदी बोले- सूर्य अस्त होता है तो लाल, उगता है तो केसरिया होता है

त्रिपुरा में जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कहा कि वामदलों की चोटों का गरीब जनता ने वोट से जवाब दिया है। राजनीतिक कारणों से 6 माह में हमारे 24 कार्यकर्ता मार डाले गए। उन्होंने राजनीतिक हिंसा में मारे गए पार्टी कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी। दिल्ली में मोदी के भाषण शुरू करते ही अजान शुरू हो गई तो उन्होंने भाषण रोक दिया। मोदी ने कहा कि सूर्य जब अस्त होता है तो लाल रंग का होता है लेकिन जब उगता है तो केसरिया रंग होता है।



15
X
नाॅर्थ ईस्ट के 3 राज्यों के चुनाव नतीजे
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..