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विरासत को बचाने के लिए लोगों को आगे आना ही होगा

म्यूजियम में डी एन सिन्हा की बातें सुनते लोग। सिटी रिपोर्टर| पटना बिहार की विरासतों को बचाना जरूरी है। ये नष्ट...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:05 AM IST

विरासत को बचाने के लिए लोगों को आगे आना ही होगा
म्यूजियम में डी एन सिन्हा की बातें सुनते लोग।

सिटी रिपोर्टर| पटना

बिहार की विरासतों को बचाना जरूरी है। ये नष्ट होने के कगार पर हैं। सरकार के साथ ही आम लोगों के प्रयास से ही इसे बचाया जा सकता है। यह बातें शनिवार को पटना म्यूजियम में आयोजित एक सेमिनार में आर्कियोलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के सुप्रिंटेंडेंट डॉ. डीएन सिन्हा ने कही। सेमिनार का आयोजन बिहार पुराविद् परिषद, पटना, मैथिली साहित्य संस्थान और फेसेस, पटना के सहयोग से किया गया था। इसका सब्जेक्ट था ‘बिहार में विरासतों के प्रबंधन की चुनौतियां’। इसमें उन्होंने कहा कि कई जगहों पर प्राचीन मंदिरों और मकबरों को धार्मिक आस्था के कारण नुकसान पहुंच रहा है। इतिहासकार और मैथिली साहित्य संस्थान के सचिव भैरव लाल दास ने कहा कि राज्य की विरासतों पर अगर एएसआई चुप है तो वह ठीक नहीं। संस्थान के कोषाध्यक्ष डॉ. शिवकुमार मिश्र ने कहा कि मिथिला में हाल के दिनों में प्राप्त मूर्तियों की पूजा पाठ से उनका क्षरण हो रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार पुराविद् परिषद के संरक्षक रविनंदन सहाय ने किया। अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष डॉ. सीपी सिन्हा ने की। डॉ. सी अशोकवर्धन, सामाजिक कार्यकर्ता गुड्डू बाबा समेत कई ने विचार व्यक्त किए। संचालन परिषद के महासचिव उमेश चंद्र द्विवेदी ने किया।

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