Hindi News »Bihar »Patna» 86 लाख रुपए से बनी सड़क साल भर भी नहीं चली, कई जगह से टूटी

86 लाख रुपए से बनी सड़क साल भर भी नहीं चली, कई जगह से टूटी

आलोक द्विवेदी

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:05 AM IST

86 लाख रुपए से बनी सड़क साल भर भी नहीं चली, कई जगह से टूटी
आलोक द्विवेदी पटना

सैदानीकचक से कामताचक तक सड़क बनाने में खर्च हुए 86 लाख रुपए और उसकी उम्र रही मात्र एक साल। एक साल बाद ही सड़क जगह-जगह से टूट गई । सड़क पर अनगिनत गड्ढे हो गए हैं। टेंडर के मुताबिक निर्माण के बाद सड़क की देखरेख की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। पांच साल का अनुबंध भी हुआ है। इसके बाद भी सड़क पर जहां-तहां अलकतरा निकला हुआ है। रोड के दोनों तरफ का किनारा टूट हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनाते समय उसकी सतह गिट्टी, कंक्रीट की जगह मिट्टी और बालू से तैयार की गई है। इससे निर्माण काम खत्म होने के एक सप्ताह बाद ही वाहनों की आवाजाही से सड़क धंस गई।

2016 में बनी थी सड़क

कार्यदायी एजेंसी ग्रामीण कार्य विभाग ने 2015 में सैदानीकचक से कामताचक तक सड़क बनाने के लिए 2015 में टेंडर निकाला था। सड़क निर्माण के लिए लगभग एक दर्जन संवेदकों ने आवेदन किया था। मानकों को पूरा करने की वजह से ग्रामीण कार्य विभाग ने संजय कुमार नामक कांट्रैक्टर को काम करने की इजाजत दी। कागज के मुताबिक सड़क बनाने का काम 29 मई 2015 से शुरू होकर 28 मई 2016 को समाप्त हुआ, जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण का काम ही 2016 में शुरू हुआ था। दो माह से कम समय में ही 2200 मीटर लंबी सड़क का निर्माण कर दिया गया। सड़क बनाने में मानकों की अनदेखी करने की वजह से निर्माण के कुछ दिनों बाद ही सड़क धंस गई। स्थानीय लोगों ने संवेदक से क्षतिग्रस्त हिस्सों को मरम्मत करने को कहा। बावजूद कांट्रैक्टर ने क्षतिग्रस्त हिस्से की रिपेयरिंग नहीं की।

पांच साल तक सड़क की देखरेख की शर्त पूरी नहीं कर रहे

सड़क निर्माण प्रक्रिया में देखरेख की जिम्मेदारी भी संवेदक की होती है। ये सड़क की कैटेगरी पर निर्भर करता है। ये दो से पांच साल तक होता है। सैदानीकचक से कामताचक तक सड़क निर्माण के बाद इसकी देखरेख की जिम्मेदारी पांच वर्ष निर्धारित की गई लेकिन सड़क बनने के एक साल बाद ही टूट गई। सड़क पर से अलकतरा निकलने के कारण कई जगहों पर सतह की मिट्टी दिखाई दे रही है। सड़क के दोनों किनारे का हिस्सा भी टूट गया है। इससे जब कभी वाहन साइड देते हैं तब गाड़ी के फिसल कर नीचे खाली जमीन पर गिरने की आशंका रहती है।

सड़क की जांच करवा कार्रवाई की जाएगी

सड़क क्षतिग्रस्त की कोई शिकायत नहीं मिली है। इसके बाद भी यदि आप बता रहे हैं तो मौके पर जांच कर आ‌वश्यक कार्रवाई की जाएगी। सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मति का काम किया जाएगा।  संजय कुमार सिन्हा, कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार

भारी वाहन से खराब हो रही सड़क

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क पर 16 से 20 टन गाड़ियों की आवाजाही को ध्यान में रखकर निर्माण किया जाता है। इसके बाद भी 40 टन वाहनों की लगातार आवाजाही होती है। इससे सड़क क्षतिग्रस्त होने के साथ ही धंसने की शिकायत मिलती है। सैदानीकचक से कामताचक तक की सड़क की रिपेयरिंग का काम करने के साथ ही वहां जलजमाव की समस्या को भी दूर किया जाएगा।  संजय कुमार, कांट्रैक्टर

Get the latest IPL 2018 News, check IPL 2018 Schedule, IPL Live Score & IPL Points Table. Like us on Facebook or follow us on Twitter for more IPL updates.
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Patna News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: 86 लाख रुपए से बनी सड़क साल भर भी नहीं चली, कई जगह से टूटी
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Patna

    Trending

    Live Hindi News

    0
    ×