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लापता तीन छात्रों को 24 घंटे बाद खोजने निकली पुलिस तो मिला कपड़ा, भड़के लोग

क्राइम रिपोर्टर|पटना/फुलवारीशरीफ पीएमसीएच से लापता अलकापुरी के तीन छात्रों को खोजने में पुलिस की लापरवाही से...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:05 AM IST

लापता तीन छात्रों को 24 घंटे बाद खोजने निकली पुलिस तो मिला कपड़ा, भड़के लोग
क्राइम रिपोर्टर|पटना/फुलवारीशरीफ

पीएमसीएच से लापता अलकापुरी के तीन छात्रों को खोजने में पुलिस की लापरवाही से आक्रोशित परिजनों व स्थानीय लोगों ने रविवार को न्यू बाइपास पर हंगामा किया। लोगों ने आगजनी कर तकरीबन चार घंटे तक बाइपास को जाम रखा। इस दौरान अनीसाबाद से पटना सिटी तक भीषण जाम लग गया। जाम का असर गांधी सेतु तक देखने को मिला। कई बार पुलिस और लोगों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। डीएसपी सचिवालय ने लोगों को समझा-बुझाकर मनाया और परिजनों को एसएसपी ऑफिस ले गए। एसएसपी मनु महाराज ने परिजनों को आश्वस्त किया कि 48 घंटे के अंदर लापता छात्रों को पता लगा लिया जाएगा।

साईंदीप शनिवार को अपने दादा को देखने अपने दोस्तों विक्की और राहुल के साथ आईजीआईसी गया था। शनिवार को 3 बजे उनके परिजनों ने पुलिस को सूचना दी कि उनके बच्चे पीएमसीएच में बाइक खड़ी कर तकरीबन 11 बजे गंगा नहाने गए थे। उनका पता नहीं चल रहा है। लापरवाही का आलम यह है कि एसडीआरएएफ की टीम रविवार को दिन के लगभग 11 बजे से गंगा में लापता छात्रों को खोजना शुरू किया। इससे पहले परिजन लगातार थाने और पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। दोपहर के समय पुलिस ने परिजनों को बताया कि लापता लड़कों का कपड़ा गंगा किनारे मिला है। इससे परिजन और स्थानीय लोग भड़क गए और न्यू बाइपास को जाम कर दिया। इस दौरान गर्दनीबाग, रामकृष्णनगर व बेउर कंकड़बाग थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। लोग मौके पर एसएसपी को बुलाने की मांग कर रहे थे। बाद में डीएसपी सचिवालय ने लोगों को समझा बुझाकर मनाया और परिजनों को एसएसपी ऑफिस ले गए। एसएसपी ने परिजनों को आश्वस्त किया कि 48 घंटे के अंदर लापता छात्रों को पता लगा लिया जाएगा।

लापता छात्रों के कपड़े मिलने के बाद अनहोनी की आशंका में रोते-बिलखते परिजन। एसएसपी ने 48 घंटे के अंदर छात्रों का पता लगाने की बात कही।

मोबाइल का लोकेशन नहीं जान पाई पुलिस

परिजनों ने बताया कि जिस समय पुलिस को सूचना दी, उस समय तीनों का मोबाइल रिंग कर रहा था। रविवार की सुबह नौ बजे तक विक्की का मोबाइल रिंग करता रहा, लेकिन पीरबहोर थानेदार ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। परिजनों ने कहा कि उन लोगों ने शनिवार और रविवार की सुबह दियारा में खोजबीन की, लेकिन उन्हें बच्चों का कपड़ा नहीं मिला। फिर पुलिस उस पार गई तो कपड़ा कैसे मिल गया? साईंदीप के पिता उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मोबाइल लगातार घनघनाने के बावजूद किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया तब परिजनों को अनहोनी की आशंका होने लगी। पूरी रात उनका मोबाइल बजता रहा, लेकिन तकनीक का इस्तेमाल करने वाली पुलिस सही लोकेशन नहीं पता लगा सकी।

परिजनों का रो-रोकर हुआ बुरा हाल, चूल्हा-चौका बंद

परिजनों के सब्र का बांध उस समय टूट गया, जब उन्होंने रविवार को अपने बच्चों का कपड़ा देखा। तीनों की मां कपड़ा देखते ही चीत्कार मारकर रोने लगी। किसी के घर में खाना-पीना नहीं बन रहा है। परिजनों को अब अनहोनी की आशंका सता रही है। साईंदीप ने इसबार मैट्रिक की परीक्षा दी है। उसके पिता उदय प्रताप सिंह कोलकाता की एक इलेक्ट्रॉनिक कंपनी में मैनेजर हैं। बर्तन बनाने का छोटा-मोटा कारोबार करने वाले अलकापुरी निवासी शशिभूषण सिंह का 14 साल का बेटा राहुल 8वीं क्लास में बोरिंग रोड के एक स्कूल में पढ़ता है। बड़े बेटा गौतम, 3 बेटियों और प|ी मंजू देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। विक्की के पिता गणेश ऑटोचालक हैं। विक्की ने इसी साल इंटर की परीक्षा दी है। विक्की ही अपनी बाइक से साईंदीप और राहुल को लेकर पीएमसीएच गया था।

आक्रोशित लोगों ने बाइपास पर जाम लगाकर की आगजनी। न्यू बाइपास पर लगाया जाम।

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