• Hindi News
  • Bihar
  • Patna
  • सुपर मून, रेड मून व ब्लू मून को देखने उमड़े छात्र
--Advertisement--

सुपर मून, रेड मून व ब्लू मून को देखने उमड़े छात्र

पटना

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:10 AM IST
सुपर मून, रेड मून व ब्लू मून को देखने उमड़े छात्र
पटना
पूर्णिमा पर पूर्ण चंद्रग्रहण का महासंयोग बना। 3 घंटा 7 मिनट तक चले इस खग्रास चंद्रग्रहण को लेकर लोगों में बहुत उत्सुकता थी। लेकिन बादलों की मौजूदगी से चांद का दीदार लोग अच्छे से नहीं कर सके। लेकिन शाम 7 बजे से बादलों की ओट से ग्रहण लगा चांद दिखने लगा। रात 8 बजे के बाद और साफ दिखने लगा। चांद का रंग बिल्कुल नारंगी हो गया था। मानो सुपर मून। इस बीच चंद्रग्रहण स्पर्श शाम 5.35 बजे से पहले ही पटना के अधिकांश मंदिरों के कपाट बंद हो गए। ग्रहण मोक्ष होने के बाद रात 8.45 बजे से स्नान-दान का सिलसिला शुरू हुआ। इधर श्रीकृष्ण साइंस सेंटर में बुधवार काे साल की पहली खगोलीय घटना चंद्रग्रहण को देखने के लिए विशेष व्यवस्था थी। इस चंद्रग्रहण को देखने के लिए लोगों की भीड़ सेंटर में जुटने लगी थी। युवाओं में खासा उत्साह दिखा। श्रीकृष्ण साइंस सेंटर के शिक्षा पदाधिकारी विश्वनाथ गुप्ता ने बताया कि यह घटना महत्वपूर्ण है। तीन घटनाएं एक साथ घटी हैं। बुधवार को सुपर मून , ब्लू मून, रेड मून का नजारा देखने को मिला। रेड मून और ब्लड मून यह तीनों के दिखने की संभावना थी। लेकिन कुहासे की वजह से चांद नहीं दिखा। विशेष व्यवस्था के तहत टेलिस्कोप और स्टेरलियम साफ्टवेयर की मदद से ग्रहण दिखाने की कोशिश की गई थी। बुधवार को दिन के चार बजे के बाद ही सूर्य दिखना बंद हो गया। किसी माह दो पूर्णिमा पड़ने पर दूसरी पूर्णिमा को ब्लू मून कहते हैं। इस तरह का खगोलीय घटना का संयोग 2036 में बनेगा। वहीं इनके साथ लोगों को चंद्रग्रहण के बारे में विस्तार से जानकारी देने के लिए सेंटर हेड प्रोजेक्ट कार्डिनेटर अमिताभ, रंजन कुमार मौजूद थे। एजुकेशनल असिस्टेंट मनीष कुमार ने बताया कि रात आठ बजे के बाद जब स्थिति रेड मून की थी तो टेलिस्कोप के सहारे इसे दिखाया गया। इस तरह का चंद्रग्रहण 150 साल बाद दिखा है। रात 7:45 के बाद चंद्रग्रहण सामान्य आंखों से भी देखा जा रहा था। रात नौ बजे तक चंद्रग्रहण देखे जाने की स्थिति थी। युवाओं ने कहा-खगोलीय घटना को देखने साइंस सेंटर कई कोचिंग के छात्र पहुंचे थे। छात्र-छात्राओं ने कहा कि वे अपने आप को खूद को भाग्यशाली मानते हैं कि उनके जीवन में इस तरह की खगोलीय घटना घटी। शुरू में चांद का दीदार नहीं होने से उन्हें निराशा हुई। लेकिन सभी छात्रों ने कहा कि वे रात नौ बजे तक इंतजार करेंगे। हो सकता है कुहासा हटे और चंद्रग्रहण दिख जाए, आखिरकार कोहरा छंटा और ग्रहण दिखा।

युवाओं में दिखा सेल्फी लेेने का क्रेज-इस चंद्रग्रहण को अपने कैमरे में कैद करने और फेसबुक पर लाइव करने की भी जबरदस्त क्रेज युवाओं में दिखी। साइंस सेंटर में टेलिस्कोप के साथ कई युवा अपने दोस्तों के साथ फोटो ले रहे थे। वहीं कुछ युवा साइंस सेंटर की ओर से की गई तैयारियों को फेसबुक पर लाइव भी कर रहे थे। इसके अलावे वे अपने दोस्तों और परिजनों से फोन पर बात भी कर रहे थे कि पटना में चांद तो नहीं दिखा। वहां दिखा है क्या।

बच्चों ने कौतुहल के साथ देखा मून

पटना | किलकारी बिहार बाल भवन में बुधवार को बच्चों को ब्लू मून और सुपर मून दिखाया गया। यहां दिल्ली से आई खगोलीय विशेषज्ञ प्रियंका गुप्ता ने बच्चों के लिए विशेष सत्र का संचालन किया जिसमें उन्होंने बच्चों को प्रोजेक्टर के माध्यम से चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण के बारे में बताते हुए ब्लू मून, सुपर मून और ब्लड मून के बारे में जानकारी दी। बच्चों के बीच इस विषय पर एक क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस मौके पर बच्चों को टेलिस्कोप के माध्यम से चंद्रग्रहण और इस समय होने वाली विभिन्न घटनाओं क्रिएटर्स, मारिया, टेरेट, रेयस और रेगोलिथ को देखने का मिला जिसे उन्होंने खूब उत्साह के साथ देखा। बच्चों और अभिभावकों के बीच इस खगोलीय घटना को देखने के उत्साह ने देर शाम तक किलकारी परिसर में रूकने के लिए मजबूर कर दिया। इस खगोलीय घटना को किलकारी ने पिकनिक का स्वरूप दिया और सभी बच्चों के लिए इस मौके पर चॉकलेट, समोसा और चाय की व्यवस्था की गई। बच्चों ने इस दौरान इस मिथक को भी तोड़ा कि चंद्र ग्रहण के दौरान कुछ खाना-पीना नहीं चाहिए।

X
सुपर मून, रेड मून व ब्लू मून को देखने उमड़े छात्र
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..