• Home
  • Bihar
  • Patna
  • बच्चों ने संग्रहालय के महत्व को जाना
--Advertisement--

बच्चों ने संग्रहालय के महत्व को जाना

पटना

Danik Bhaskar | Feb 01, 2018, 02:10 AM IST
पटना
संग्रहालय इतिहास के विद्यार्थियों के लिए प्रयोगशाला के समान है। इससे वह तात्कालिक समाज का सही ढंग से आकलन कर सकेंगे। यह बातें पटना संग्रहालय में बुधवार को इतिहासकार उमेशचंद्र द्विवेदी ने कही।

वह यहां पटना संग्रहालय द्वारा आयोजित संग्रहालय सप्ताह के समापन समारोह में बोल रहे थे। समापन समारोह में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीक्षण पुरातत्वविद डाॅ. डीएन सिन्हा ने कहा कि संग्रहालय का महत्व हमेशा बना रहेगा। विशिष्ट अतिथि पटना विश्वविद्यालय के प्रो. जयदेव मिश्र ने संग्रहालय द्वारा विद्यार्थियों को जोड़ने के इस प्रयास की सराहना की।

इस अवसर पर संग्रहालय निदेशालय के क्षेत्रीय उपनिदेशक डॉ. अरविंद महाजन सहित कई अन्य ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम पटना संग्रहालय के संग्रहालयाध्यक्ष डॉ. शंकर सुमन ने अतिथियों का स्वागत किया और अपर निदेशक डॉ. विमल तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में विभिन्न स्कूलों के बच्चे और शिक्षक मौजूद थे। समापन समारोह के प्रारंभ में ज्योत्सना आर्ट सेंटर, पटना के बाल कलाकारों ने बाल विवाह और दहेज प्रथा पर आधारित नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी।

इस दौरान ‘संग्रहालय सप्ताह’ के अवसर पर फेसेस संस्था के सहयोग से हुए निबंध प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता के विजेता छात्र - छात्राओं को पुरस्कृत किया गया साथ ही इनमें भाग लेने वालो को प्रमाणपत्र भी दिया गया। संग्रहालय सप्ताह में विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया गया था जिन्हें इस मौके पर सम्मानित किया गया।