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अब सीबीएसई 12वीं के पिछले साल का प्रश्नपत्र किया वायरल

पटना| केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं हिंदी और पॉलिटिकल साइंस का पिछले साल का प्रश्नपत्र सोशल...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:10 AM IST
पटना| केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं हिंदी और पॉलिटिकल साइंस का पिछले साल का प्रश्नपत्र सोशल मीडिया में वायरल किया जा रहा है। शनिवार को बोर्ड ने मामले के संज्ञान में आते ही अलर्ट जारी किया है। सीबीएसई ने कहा है कि 12वीं हिंदी इलेक्टिव और पॉलिटिकल साइंस का प्रश्नपत्र वाट्सएप, यू-ट्यूब सहित अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर सर्कुलेट किया जा रहा है। यह पेपर पिछले साल का है। हिंदी का पेपर पिछले साल की कंपार्टमेंटल परीक्षा का है, जबकि पॉलिटिकल साइंस का प्रश्नपत्र भी पिछले वर्षों का है।

सीबीएसई ने प्रश्नपत्र को सर्कुलेट नहीं करने की अपील भी की है। बता दें कि 12वीं की हिंदी इलेक्टिव का पेपर 2 अप्रैल जबकि पॉलिटिकल साइंस का पेपर 6 अप्रैल को है। इससे पहले ही प्रश्नपत्रों को वायरल कराकर उसे आगामी परीक्षा का पेपर बताया जा रहा है। सीबीएसई की 12वीं इकोनॉमिक्स व 10वीं के गणित के पेपर के लीक होने के बाद देशभर में बवाल चल रहा है। इस मामले में सीबीएसई की किरकिरी भी हो रही है। इस बीच हिंदी और पॉलिटिकल साइंस के प्रश्नपत्रों को सर्कुलेट कर उसे पेपर लीक बताया जा रहा है। सीबीएसई ने 2 अप्रैल से प्रश्नपत्र डिस्ट्रीब्यूशन की व्यवस्था फुलप्रूफ करने की बात कही है, लेकिन इससे पहले ही शिक्षा माफियाओं की तरफ से फर्जी प्रश्नों को वायरल किया जा रहा है।

गणित की परीक्षा के लिए

बोर्ड कार्यालय पर प्रदर्शन

पटना|सीबीएसई 10वीं की गणित की परीक्षा कराने की मांग को लेकर शनिवार को सीबीएसई क्षेत्रीय कार्यालय पर छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्र मुंह पर काली पट्‌टी बांधकर पहुंचे थे। उन्होंने वी वांट री एग्जाम का बैनर ले रखा था। हालांकि सीबीएसई क्षेत्रीय कार्यालय के बंद रहने के कारण छात्रों को एंट्री ही नहीं मिली। बाद में छात्र बाहर से ही लौट आए। छात्रों ने बताया कि दिल्ली-हरियाणा की तरह बिहार में भी गणित की दोबारा परीक्षा होनी चाहिए। क्योंकि यहां भी प्रश्नपत्र वाट्सएप पर पहुंचा था। हमलोगों के पास भी परीक्षा से एक दिन पहले प्रश्नपत्र वाट्सएप पर आया था। कई छात्रों को परीक्षा के दौरान ही प्रश्नपत्र मिला है। ऐसे में यहां भी फिर से परीक्षा होनी चाहिए। सीबीएसई और मानव संसाधान विकास मंत्रालय के सिर्फ दिल्ली और हरियाणा में परीक्षा कराने के फैसले से कई लोग हैरान हैं। शिक्षक व स्कूल प्रबंधन भी इस पर नाराजगी जता रहे हैं। शिक्षकों ने कहा कि जब पहले री-एग्जाम की बात हुई थी तो उसी फैसले पर कायम रहना चाहिए। बार-बार फैसले बदलने से छात्र दुविधा में हैं।