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नए सत्र में विद्यार्थियों के लिए बिहार बोर्ड खाेलेगा कॉल सेंटर

बिहार बोर्ड छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास कर रहा है। ऑनलाइन एडमिशन व एडमिनिस्ट्रेशन, मोबाइल एप्लीकेशन...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:10 AM IST

बिहार बोर्ड छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास कर रहा है। ऑनलाइन एडमिशन व एडमिनिस्ट्रेशन, मोबाइल एप्लीकेशन के बाद अब स्टूडेंट्स को कॉल सेंटर की सुविधा भी मिलेगी। नामांकन के वक्त छात्र या कोई भी व्यक्ति कॉल सेंटर में फोन कर शिकायतें रजिस्टर करा सकता है। ऑनलाइन फैसिलिटेशन सिस्टम फॉर स्टूडेंट्स (ओएफएसएस) की लांचिंग के साथ-साथ छात्रों व अन्य यूजरों के लिए कॉल सेंटर की व्यवस्था की जाएगी। बिहार बोर्ड अभी इसके लिए एजेंसी तलाश रहा है।

बोर्ड की योजना के अनुसार सर्विस प्रोवाइडर को कॉल सेंटर की स्थापना करनी होगी। उसमें किसी भी प्रकार की क्वेरी या शिकायतों को यूजर रजिस्टर करा सकेंगे। इसमें ऑनलाइन नामांकन में दिक्कतों से लेकर अन्य सभी समस्याओं का समाधान किया जा सकेगा। सत्र 2018-19 से ही यह व्यवस्था उपलब्ध कराने की योजना है।

4 माह रहेगा एक्टिव

योजना के अनुसार हेल्पलाइन सेंटर हर दिन सुबह 9 से शाम 6 बजे तक एक्टिव रहेगा। एडमिशन के दौरान चार महीने तक यह सुविधा उपलब्ध रहेगी। कॉल सेंटर हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सुविधा उपलब्ध कराएगा। मुख्य रूप से इस सेंटर का काम सभी कॉल को रजिस्टर करना, उसका जवाब बताना, कॉल ट्रैक करना, हर दिन, मंथली रिपोर्ट तैयार करना होगा। उसके आधार पर क्वेरी व शिकायतों का समाधान किया जा सके। इसके लिए हेल्पडेस्क एग्जीक्यूटिव की नियुक्ति भी की जाएगी। टेक्नीकल सपोर्ट एग्जीक्यूटिव सभी 38 जिलों में उपलब्ध कराए जाएंगे।

टीईटी का प्रमाणपत्र इस माह के अंततक अभ्यर्थियों को मिलेगा

पटना|बिहार प्रारंभिक शिक्षक (प्रशिक्षित) पात्रता परीक्षा-2017 का प्रमाणपत्र अभ्यर्थियों को अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक मिलेगा। बोर्ड की ओर से प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में है। प्रमाणपत्र देने से पहले अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक अटेंडेंस की जांच की जाएगी। जिस अभ्यर्थी की हाजिरी मैच नहीं करेगी, उन्हें प्रमाणपत्र से वंचित भी रहना पड़ सकता है। कई सेंटरों पर परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक से हाजिरी संभव नहीं हो सकी थी। ऐसे अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र देने से पहले हस्ताक्षर का नमूना देना होगा। सेंटर पर किए गए हस्ताक्षर से नमूने का मिलान किया जाएगा। इसके बाद ही संबंधित अभ्यर्थी को प्रमाणपत्र मिलेगा। बोर्ड प्रबंधन का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।

नेशनल एकेडमिक डिपोजिटरी से जुड़ा बिहार बोर्ड

केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए ऑनलाइन सर्टिफिकेट संग्रह, नेशनल एकेडमिक डिपोजिटरी से बिहार बोर्ड जुड़ गया है। बोर्ड द्वारा इस साल से जारी सभी डिग्री, सर्टिफिकेट और मार्कशीट ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। टीईटी के प्रमाणपत्र और अंक पत्रों का वेरिफिकेशन भी अब ऑनलाइन ही संभव हो जाएगा। इससे प्रमाणपत्र खोने या चोरी होने की संभावना नहीं रहेगी।

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