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कचरे काे ढंककर सफाई की परीक्षा में पास होना चाह रहा नगर निगम

स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग ले रहे पटना के लिए अच्छी खबर नहीं है। नगर निगम के तमाम प्रयास सार्वजनिक स्थलों पर...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:15 AM IST
कचरे काे ढंककर सफाई की परीक्षा में पास होना चाह रहा नगर निगम
स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग ले रहे पटना के लिए अच्छी खबर नहीं है। नगर निगम के तमाम प्रयास सार्वजनिक स्थलों पर जाते-जाते विफल हो जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के साथ-साथ पटना आने-जाने वाले यात्रियों के लिए शौचालय तक की व्यवस्था नहीं कर पाने से स्थिति खराब हुई है। स्टेशन गोलंबर पर बने पुल के निचले हिस्से में गंदगी का अंबार है। मीठापुर बस स्टैंड का भी यही हाल है। यहां सफाई मजदूरों की संख्या काफी कम है। कूड़े पर ब्लीचिंग पाउडर छिड़ककर ढंका जा रहा है। लेकिन, स्थितियां काबू से बाहर हैं। दैनिक भास्कर ने इसे ऑनस्पॉट को देखा है। यह स्थिति तब है जब सफाई परखने केंद्रीय टीम पटना आ चुकी है।

गंगा किनारे

दीघा से पटना सिटी तक राजधानी के 22 वार्ड गंगा से सटे हुए हैं। इन्हें ओडीएफ करना है। लेकिन, हर तरफ अब भी खुले में शौच जारी है। निगम की गाड़ियां भी कूड़ा डंप करने गंगा किनारे जाती हैं। पाटलिपुत्र और एलसीटी घाट से मरे हुए जानवर भी गंगा किनारे तक फेंके जा रहे हैं। पूजन सामग्री प्रवाहित करने वालों के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

पटना जंक्शन... कूड़े पर ब्लीचिंग पाउडर छिड़क कर ढंक रहे गंदगी

मीठापुर बस स्टैंड

मीठापुर बस स्टैंड में फ्लोर की सफाई करना संभव नहीं है। हर तरफ खुले में शौच किया जा रहा है। यहां शौचालय की व्यवस्था अबतक नहीं हो पाई है। गाड़ियों की अव्यवस्थित आवाजाही के कारण सिर्फ कुछ ही इलाकों की सफाई हो पाती है। परिसर में सैकड़ों दुकानों से निकलने वाले कचरे को जहां-तहां फेंका जा रहा है।

क्या करना था

गंगा किनारे के सभी वार्डों को ओडीएफ करना था। सिर्फ 15 वार्डों को ओडीएफ किया गया है। गंगा से सटे सभी घरों में शौचालय का निर्माण करा देना था। लेकिन, दीघा और पाटलिपुत्र के कई परिवार अब भी पहले किस्त के लिए भटक रहे हैं।

पटना जंक्शन

फ्लाईओवर के नीचे टूटी सड़क है तो जीपीओ की ओर बढ़ने पर खुले में मांस बिकता है। इसका अपशिष्ट सड़क पर फैला रहता है। मल्टीलेवल पार्किंग के पास सड़क पर दोनों तरफ लोग खुले में शौच करते हैं। यह स्थिति बुद्ध स्मृति पार्क की पिछली दीवार तक है। फूल दुकानों से निकले कूड़े को पुल के नीचे ही डंप कर दिया जा रहा है।

मीठापुर बस स्टैंड.. कई जगह गंदा पानी जमा, उबड़-खाबड़ सतह पर सफाई नहीं

क्या करना था

जंक्शन के बाहर स्थित मार्केट कॉम्प्लेक्स के 500 मीटर के दायरे में सभी दुकानदारों को गीला और सूखा कचरा रखने के लिए हरा और ब्लू डस्टबिन रखना था। लेकिन, यह कहीं नहीं दिखता। इसकी व्यवस्था नहीं की गई।

गंगा किनारे.. नहीं हो पाए 22 वार्ड ओडीएफ, खुले में शौच से गंदगी

क्या करना था

नगर आयुक्त ने भ्रमण कर इसकी सफाई में लगे कर्मचारियों को निलंबित किया था। शौचालय निर्माण से लेकर सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की बात कही गई थी, जो अबतक लंबित है। निजी और सरकारी दोनों ही बस स्टैंड में डस्टबिन तक नहीं लगाए गए हैं।

...और स्वच्छता सर्वेक्षण में 42वें नंबर पर पटना

सिटी रिपोर्टर| पटना

10 लाख जनसंख्या से अधिक शहरों के बीच कॉम्पीटिशन कर रहा पटना स्वच्छता सर्वेक्षण में 42वें नंबर पर पहुंच गया है। पिछले 24 घंटे में राजधानी को दो रैंक का फायदा हुआ है। स्वच्छता एप डाउनलोडिंग भी 4549 पर पहुंच चुका है। वहीं कुल शिकायत भी 1094 पर पहुंच चुका है। निगम के अधिकारियों ने तेजी दिखाते हुए एप पर आ रहे फोटो को तुरंत ही सफाई करा रहे हैं। मेरठ, कोलकाता और अमृतसर से पटना आगे निकल गया है। वहीं फरीदाबाद, लुधियान से पीछे बना हुआ है।

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