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...और फगुनिया के प्यार में स्टेज पर उतर आया दशरथ मांझी का जुनून

मसौढ़ी के गांधी मैदान में नाट्य महोत्सव के दूसरे दिन माउंटेन मैन दशरथ मांझी के जीवन पर आधारित ड्रामा मंचन किया गया।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:15 AM IST

...और फगुनिया के प्यार में स्टेज पर उतर आया दशरथ मांझी का जुनून
मसौढ़ी के गांधी मैदान में नाट्य महोत्सव के दूसरे दिन माउंटेन मैन दशरथ मांझी के जीवन पर आधारित ड्रामा मंचन किया गया। जागृति कला मंच की 28 वीं वर्षगांठ पर आयोजित महोत्सव में नाट्य संस्था प्रयास रंगमंडल के कलाकारों ने जीवंतता के साथ इसका मंचन किया। ड्रामा में दिखाया गया कि समस्या सामने आने पर उससे भागने की जगह उसका सामना करना चाहिए। दर्शकों ने दशरथ मांझी की जिंदगी को करीब से महसूस किया।

नाट्य संस्था प्रयास रंगमंडल की ओर से मंचित इस ड्रामा के लेखक और निर्देशक मिथिलेश सिंह हैं। इसे मंचित करने से पहले मिथिलेश सिंह दशरथ मांझी के गांव गहलौर गए। दशरथ मांझी के परिवार से उन्होंने मुलाकात की, उनके व्यवहार, बातचीत के तरीके, किसी काम के प्रति उनके जिद और जुनून के बारे में जानकारी ली। ड्रामा में इसी व्यवहार और जिद को स्टेज पर जीवंत करने की कोशिश की गई। गहलौर में पानी की कमी है। इसलिए पानी को ड्रामा का केंद्र बनाया गया है। ड्रामा में दशरथ मांझी के स्वभाव को जीवंत करने के लिए भाषा मगही रखी गई। नाटक के मुख्य पात्र दशरथ मांझी (उदय सागर)हैं । पानी भरकर घर लाते समय उनकी प|ी फगुनिया (रजनी शरण) का पैर पहाड़ी पर फिसल जाता है। इससे उनको चोट लगती है और घड़ा भी फूट जाता है। पानी नहीं मिलने से दशरथ मांझी पूरे दिन प्यासे रहते हैं। प|ी को लगी चोट और प्यास ने दशरथ मांझी को अंदर से हिला दिया। उन्होंने पहाड़ को काटकर ही रास्ता बनाने की ठान ली। हथौड़ी-छेनी की मदद से 22 वर्ष तक लगातार पहाड़ को काटकर रास्ता बना दिया। इस दौरान लोग उनको सनकी भी कहने लगे। लेकिन जिद, जुनून, धैर्य के बाद दशरथ मांझी ने गहलौर में पानी की समस्या को दूर कर दिया। नाटक में उदय सागर और रजनी शरण के अलावा दीपक आनंद, सोनू कुमार, सद्दानंद कुमार पासवान, हौबिन्स कुमार, बबली कुमारी, विनोद कुमार ने मुख्य भूमिका निभाई। संगीत-गायक संजय उपाध्याय, गीत सतीश कुमार, गायिका बबिता, रिकॉर्डिस्ट पंकज शर्मा, स्पेशल साउंड इफेक्ट्स किशोर सिंह, मंच परिकल्पना प्रो. श्याम शर्मा, कास्टयूम अभिमन्यु प्रिय, प्रोपर्टी इंचार्ज रामेश्वर कुमार, प्रकाश संरचना रवि भूषण ने की। मंच का निर्माण निरंजन, मोनू, गोणू ने किया।

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