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हड्डियों और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए हर हाल में नियमित करना होगा व्यायाम

Patna News - गड़बड़ जीवनशैली की वजह से युवाओं में भी हड्डी की बीमारी बढ़ रही है। कोई गर्दन, कोई कमर, कोई पीठ, कोई कंधे तो कोई पैर...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 02:15 AM IST
हड्डियों और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए हर हाल में नियमित करना होगा व्यायाम
गड़बड़ जीवनशैली की वजह से युवाओं में भी हड्डी की बीमारी बढ़ रही है। कोई गर्दन, कोई कमर, कोई पीठ, कोई कंधे तो कोई पैर के दर्द से परेशान है। इन सबसे बचाव किया जा सकता है। युवा एक्सरसाइज नहीं करते हैं। सारा दिन मोबाइल और कंप्यूटर पर लगे रहते हैं। धूप का सेवन नहीं करते। युवतियां भी चेहरा ढक कर चलती हैं। धूप से शरीर को विटामिन-डी मिलता है, जिससे हड्डियां मजबूत होती हैं। फ्लैट कल्चर से भी धूप के दर्शन मुश्किल हो गए हैं। जो चीज प्रकृति से मिल सकती है उसके लिए दवा लेनी पड़ रही है। फास्ट फूड और बासी खाने का प्रचलन बढ़ गया है। आराम के लिए खाना बनाकर फ्रिज में रख दिया जाता है और गर्म करके कई दिनों तक खाया जाता है। आजकल दांत वाले भी फल नहीं खाते, जूस पीते हैं। जबकि दांत वालों को फल खाना चाहिए। फल खाने से फाइबर मिलता है, जबकि जूस से नहीं मिल पाता। इसलिए जबतक दांत है, तब तक फल खाना चाहिए। इससे फाइबर तो मिलता ही है, दांत भी मजबूत रहता है। यह कहना वरीय हड्डी रोग विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ. आरएन सिंह का। वे शनिवार को दैनिक भास्कर की हेल्थ काउंसिलिंग में पाठकों को सलाह दे रहे थे।

डॉ. सिंह ने कहा कि प्रतिदिन आधा घंटा देह को और आधा घंटा देश को देंगे तो दोनों खुशहाल रहेंगे। उन्होंने कहा कि हड्डियां और मांसपेशियों को स्वस्थ रखना है तो हर हाल में नियमित व्यायाम जरूरी है। इसके अलावा खानपान ठीक करें। हरी सब्जी, मौसमी ताजा फल और ताजा भोजन का सेवन करें। सुबह में धूप का सेवन करें। एक उम्र के बाद हड्डियों को मजबूत रखने के लिए कैल्शियम और विटामिन डी की जरूरत होती है। महिलाओं को कैल्शियम और विटामिन डी जरूर लेना चाहिए। डॉ. सिंह ने कहा कि बगैर चिकित्सक की सलाह के दर्द की दवा नहीं लेनी चाहिए। इसका प्रभाव किडनी समेत अन्य अंगों पर भी पड़ता है।

हेल्थ काउंसिलिंग

डॉ. आरएन सिंह


एक उम्र के बाद घुटना में जो तेलीय पदार्थ होता है वह कम होने लगता है और हड्डियां घिसने लगती हैं। इंजेक्शन से घुटने में लुब्रीकेंट दिया जाता है। इसके अलावा कुछ एक्सरसाइज भी करना पड़ता है। बेहतर है किसी हड्डी रोग विशेषज्ञ से दिखा लें।


22 साल की उम्र में इस तरह की परेशानी रीढ़ की हड्डी का गठिया हो सकती है। इसके लिए एचएलएबी-27 जांच की होती है। चिकित्सक से मिलकर सलाह लें।


समस्या जो बता रहे हैं उससे लगता है कि दोनों घुटना खराब हो गया है। ऐसी स्थिति में टोटल नी रिप्लेसमेंट की जरूरत होती है। इसकी सुविधा पटना में है। एक बार दोनों घुटना का प्रत्यारोपण करा सकते हैं।


कैल्शियम की कमी की वजह से इस तरह की शिकायत हो सकती है। कैल्शियम लें और कुछ देर धूप में बैठे। चिकित्सक से मिलकर दवा लें।


इसे फ्रोजन शोल्डर कहा जाता है। यह 80 फीसदी शुगर के मरीजों को होता है। फिजियोथेरेपी कराना पड़ेगा। नहीं तो बेहोश करके कंधे को मोड़कर फ्री कर दिया जाता है। डॉक्टर से दिखा दिखा लें। खुद से इलाज नहीं करें।

इन्होंने भी किया फोन...

विजय नारायण (कंकड़बाग), रमाकांत रजक (बेगूसराय), नरेंद्र कुमार (गर्दनीबाग), मुकेंद्र कुमार (जक्कनपुर), राम प्रवेश शर्मा (पटना), रंजीत कुमार (राउरकेला), केपी लाल (पटना), सत्येंद्र कुमार (खुसरूपुर), अयाज (झारखंड), सूर्यभूषण (मखनिया कुआं), आरके शर्मा (खगौल), उषा देवी (गर्दनीबाग)

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