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एक कॉलोनी नियम अलग, जमीन कहीं कृषि तो कहीं आवासीय

पटना

Danik Bhaskar | Feb 01, 2018, 02:20 AM IST
पटना
भूभाग एक, मगर नियम अलग-अलग। मामला दानापुर स्थित वृंदावन कॉलोनी का है। कॉलोनी कहीं आवासीय तो कहीं अब भी कृषि योग्य भूमि घोषित है। जो भूमि आवासीय घोषित नहीं है, उसके मालिक लगातार क्षेत्राधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। कॉलोनी में 200 मकान हैं और कॉलोनीवासियों का कहना है कि इसमें लगभग दो दर्जन मकानों की भूमि को आवासीय घोषित किया जा चुका है।

आरटीआई के तहत भी नहीं मिली जानकारी

दानापुर के वृंदावन कॉलोनी निवासी रिटायर्ड जिला कृषि पदाधिकारी ज्योति कृष्णा अग्रवाल ने इसी उधेड़बुन को देखकर 1999 में खरीदी अपनी जमीन के संबंध में जानकारी हासिल करने के लिए 10 सितंबर को एक आरटीआई दाखिल किया। इसमें कृषि योग्य भूमि को आवासीय में बदलने के संबंध में जानकारी मांगी गई। जवाब की जगह अंचलाधिकारी ने इसे अनुमंडल पदाधिकारी का कार्यक्षेत्र बता दिया। इसके बाद जे. के. अग्रवाल ने 6 दिसंबर 2016 को दूसरा आरटीआई दाखिल किया। इसमें कृषि भूमि को आवासीय घोषित करने के प्रमाण मौजूद होने की बात कही। इसके जवाब में अंचलाधिकारी ने प्रमाणपत्र की प्रति मांगी। अग्रवाल ने उस प्रमाण की प्रति नहीं दी क्योंकि उन्हें आशंका थी कि उसी के हिसाब से अंचलाधिकारी जवाब दे देंगे। इसके बाद फिर 9 मार्च 2017 को अग्रवाल ने आरटीआई दाखिल कर पूछा कि अंतिम बार अंचलाधिकारी कार्यालय से किस जमीन को आवासीय प्लाॅट घोषित किया गया है। सूचना आयोग ने इस आरटीआई के जवाब को अदेय बताकर आवेदन निरस्त कर दिया।

दानापुर स्थित वृंदावन कॉलोनी को लेकर आरटीआई से भी सही जवाब नहीं

कई जमीन को आवासीय घोषित किया है

कॉलोनीवासियों की मानें तो वृंदावन कॉलोनी में लगभग दो दर्जन भूमि को आवासीय घोषित किया जा चुका है। इसी के आधार पर अग्रवाल समेत कुछ लोगों ने दानापुर अंचलाधिकारी कार्यालय में आवेदन दिया था। अग्रवाल ने 10 अगस्त 2016 को डीड के साथ आवेदन किया था। इस आवेदन में उन्होंने 2002 में मकान बनवाने की जानकारी देते हुए दानापुर के विकास के साथ ही इस कॉलोनी के आवासीय के रूप में विकसित होने के आधार पर आवेदन देने की बात कही। डीबी स्टार ने कॉलोनी में लगभग 200 मकान देखे, हालांकि अभी भी कई जमीन परती है।

सीओ का काम है, वही बताएंगे

जमीन और रेवन्यू संबंधित काम अंचलाधिकारी का है। कृषि योग्य भूमि को किस स्थिति में आवासीय घोषित किया जा सकता है, यह जानकारी अंचलाधिकारी ही दे सकते हैं।  सुशील कुमार, बीडीओ, दानापुर

आवेदन आए तो प्रक्रिया होगी, लेकिन समय जरूर लगता है

पहले कृषि योग्य भूमि ही थी। बाद में लोग इसी पर घर बनाने लगे। नियमानुसार तो बहुत कुछ परेशान है, लेकिन चूंकि वक्त के साथ यहां की जमीन को आवासीय घोषित किया जाने लगा है तो ऐसे सभी आवेदनों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। इस प्रक्रिया में कागजातों की जांच के साथ स्थल निरीक्षण की भी प्रक्रिया होती है। इसमें समय लगता है। लोग आवेदन करें, प्रक्रिया होगी।  महेंद्र प्रसाद गुप्ता, अंचलाधिकारी, दानापुर