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चार सीट की नाव में 12 सवार, बीच गंगा में पलटी, पास से गुजर रही दूसरी बोट ने 5 को बचाया, 4 तैरकर निकले, 3 लापता

फतुहा के मस्ताना घाट के सामने गंगा में फिर नाव हादसा हुआ। मछली पकड़ने वाली चार लोगों की क्षमता वाली छोटी व जर्जर...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:20 AM IST
फतुहा के मस्ताना घाट के सामने गंगा में फिर नाव हादसा हुआ। मछली पकड़ने वाली चार लोगों की क्षमता वाली छोटी व जर्जर नाव पर 12 लोग सवार हो गए जिससे यह बीच गंगा में पलट गई। इस हादसे में तीन लोग डूब गए, जबकि तीन महिला, एक बच्ची और एक पुरुष को पास से गुजर रही नाव के नाविक ने बचा लिया। नाव पर सवार दो पुरुष, एक महिला व हादसे का शिकार हुई नाव के नाविक खुद तैर कर निकल गए। माघ पूर्णिमा पर सभी 12 लोग मस्ताना घाट से नाव पर सवार हुए और घाट के सामने बालू के टीले पर नहाने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान नाव में पानी घुसने लगा। नाव बीच नदी में पहुंची तो सोना गोपालपुर के 15 वर्षीय श्रवण खड़ा होकर सेल्फी लेने लगा। इससे नाव डगमगाने लगी। उसमें और पानी भर घुस गया फिर मिनटों में नाव गंगा में समा गई। इसी बीच वहां से नाव लेकर जा रहे नाविक ने गया के रढुई गांव की रामरति देवी, उसकी दो बहुओं अनिता व अनुराधा देवी तथा अनुराधा की तीन साल की बेटी आयुषि और श्रवण के पिता पिंकू पासवान को बचा लिया।

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यहां डूबी नाव

नाव पर सवार अनुराधा देवी ने भास्कर को बताई आपबीती

छेद होने से नाव में पानी भर रहा था, नाविक ने कहा-डरिए नहीं हमारा रोज का काम है

मैं, मेरी बेटी, दो गाेतनी व सास के अलावा मेरे गांव की एक महिला पूर्णिमा के मौके पर स्नान के लिए आई थी। घाट पर बहुत भीड़ थी। गंदगी भी थी। वहीं, एक छोटा सा नाव लगा हुआ था। 20-20 रु. में किराया तय हुआ और 12 लोग सवार हो गए। हम सबों को बालू के टीले पर जाकर नहाना था। अभी कुछ ही दूर नाव आगे बढ़ी थी कि छेद से पानी तेजी से नाव में आने लगा। हमलोगों ने वापस घाट पर उतारने को कहा। लेकिन नाविक ने कहा-आपलोग एक दिन आए हैं, घबराइए नहीं यह हमारा रोज का काम है। इसी बीच एक लड़का खड़ा होकर मोबाइल से फोटो लेने लगा। इससे नाव डगमगा गई और उसमें और पानी घुसने लगा और फिर गंगा में समा गई। अपनी तीन साल की बच्ची को कसकर पकड़े हुए थी। फिर कैसे और किसने निकाला, पता नहीं।

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