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फ्रेंच नाटक से बांग्लादेशी डायरेक्टर ने दिखाया राजनीति का स्याह चेहरा

Patna News - स्टेज पर राजा, रानी, मंत्री और राज्य के प्रभावशाली लोग हैं। राजा किसी समस्या को दूर करने के लिए उनसे सलाह मशविरा...

Dainik Bhaskar

Mar 14, 2018, 02:20 AM IST
फ्रेंच नाटक से बांग्लादेशी डायरेक्टर ने दिखाया राजनीति का स्याह चेहरा
स्टेज पर राजा, रानी, मंत्री और राज्य के प्रभावशाली लोग हैं। राजा किसी समस्या को दूर करने के लिए उनसे सलाह मशविरा करता है। लेकिन यहां हर चेहरा एक दूसरे के खिलाफ राजनीति कर रहा होता। शह और मात का खेल इतनी बारीकी से चलता है कि यकीन नहीं होता इतनी भोली सूरत के पीछे एक गंदा दिमाग भी है।

मंगलवार शाम प्रेमचंद रंगशाला के स्टेज पर थियेटर ओलंपिक्स में बांग्लादेश से आई ढाका यूनिवर्सिटी की टीम ने नाटक फेद्रा पेश किया। डॉ. मो. इसराफिल शाहीन का डायरेक्ट किया हुआ यह नाटक पुरानी फ्रेंच कहानी पर आधारित था। नाटक में एक ऐसे राज्य की कहानी दिखाई गई जो आकर्षण विहीन मानवीय स्थितियों से गुजर रहा है। नाटक में निरंकुशता, बौद्धिक नौकरशाही, प्रेम की उन्मत्त लालसा, स्नेह का विकृत जुनून और अपनी जमीन से विदेशी जमीन में होने वाला पलायन दर्शकों को झकझोर देता है है। नाटक में राजनीति के स्याह चेहरे को दिखाते हुए मैसेज दिया कि चकाचौंध से भरी राजनीति किसी अंधी सुरंग से कम नहीं है।

नुक्कड़ नाटकों ने

दिखाया भ्रष्टाचार

थियेटर ओलंपिक्स में मंगलवार को प्रेमचंद रंगशाला के बाहरी परिसर में तीन नुक्कड़ नाटकों की प्रस्तुति दी गई। इसमें हुआ पहला नाटक था हम रोशनी बांटते हैं। इसमें सरकारी सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार को दिखाया गया। संतोष मेहरा निर्देशित इस नाटक में समीर इमाम, अजय तिवारी, चंदन यादव, अजय, राहुल, सुरबल, मनीष, संतोष राजपूत, हीरा लाल राय, अजीत, दिनेश झा ने अभिनय किया। दूसरा नाटक था अभियान, पटना की ओर से गौतम गुलाल निर्देशित ’ये दौर है किसकी’ इसमें समाज में व्याप्त विभिन्न बुराइयों को दिखाया गया। नाटक में सुधांशु शांडिल्य, सुशील भारद्वाज, राज, इंद्रजीत, मयंक झा, कृष्णा, अभिषेक, सौरभ पाण्डेय, अजय, पिंकी राज, मुस्कान आदि ने अभिनय किया। तीसरा नाटक था ‘खोजत भये अधेड़’। प्रेरणा, पटना की ओर से हसन इमाम लिखित और निर्देशित इस नाटक में शिक्षित बेरोजगारों की पीड़ा दिखाई गई। इसमें अमरेंद्र कुमार, जीशान फजल, गंगाधर तंतुबाई, दीपक, अरमान, पवन,मृत्युंजय और हसन इमाम ने भाग लिया।

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