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लेखनी के जरिए खत्म करनी होगी नफरत

तमाम अमन पसंद प्रोग्रेसिव नागरिकों, कलाकारों, साहित्यकारों को देश में चल रही नफरत के माहौैल को खत्म करने के लिए...

Danik Bhaskar | Mar 14, 2018, 02:20 AM IST
तमाम अमन पसंद प्रोग्रेसिव नागरिकों, कलाकारों, साहित्यकारों को देश में चल रही नफरत के माहौैल को खत्म करने के लिए काम करना चाहिए। हमें सद्‌भाव के लिए लिटरेचर-ड्रामा लिखना चाहिए। ऐसा कर हम देश में चल रही इस नफरत की लहर को रोकते हुए देश की विरासत को बचा सकते हैं। यह बातें मंगलवार को मकबूल समेत कई चर्चित फिल्मों के निर्देशक और इप्टा के राष्ट्रीय संरक्षक एमएस सथ्यू ने कही। वह इप्टा कार्यालय एग्जीबिशन रोड में आयोजित एक संवाद में बोल रहे थे।

सथ्यू ने कहा कि इप्टा हिन्दुस्तान का एकमात्र कल्चर आर्गेनाइजेशन है जो आज़ादी के पहले से अवाम की आवाज़ बन गया। इप्टा से कई लोग जुड़े, नामचीन हुए और अलग भी हुए। उन्होंने अपने-अपने तरीकों से इप्टा के काम को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि देश में किसानों के चल रहे आंदोलनों को इप्टा सलाम करती है। वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी फणीश सिंह, बिहार इप्टा के अध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र नारायण यादव, उपाध्यक्ष डाॅॅ. शकील अहमद खां, अनीस बारी, इप्टा के राष्ट्रीय सचिव डाॅ. फिरोज़ अशरफ खां समेत कई मौजूद थे। संयोजन बिहार इप्टा के महासचिव तनवीर अख्तर ने किया।