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नक्सली अटैक के बाद फैमिली पहुंची स्टेशन, महिला पूछती रही- कब आएंगे पति

एएसएम की पत्नी रोजी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।

Dainik Bhaskar

Dec 21, 2017, 05:43 AM IST
effect of Maoist attack in several areas

कजरा (मुंगेर). नक्सलियों द्वारा 20 दिसंबर को एक दिवसीय बिहार झारखंड बंद के ऐलान का असर जमालपुर- किऊल रेलखंड के बीच देखने को मिला। मंगलवार की रात लगभग 11ः30 बजे से नक्सलियों द्वारा बंद का ऐलान को सफल बनाने के लिए जमालपुर किऊल रेलखंड के बीच रेलवे परिचालन को ठप करने के लिए पहले मसूदन रेलवे स्टेशन में सिग्नल पैनल में पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी और दो रेलकर्मी एएसएम मुकेश कुमार व पोर्टर नीरेन्द्र मंडल को अगवा कर पूर्णरूपेण बंदी करने का एलान डीआरएम मालदा से किया।

एएसएम मुकेश कुमार को नक्सलियों द्वारा अगवा करने की खबर परिजनों को मिलते ही सुबह लगभग 7 बजे एएसएम मुकेश कुमार का छोटा भाई रजनीश कुमार, बहन- ममता कुमारी, पिता- सुभित पासवान, पत्नी रोजी कुमारी, सास वंदना देवी, मौसी सास शर्मिला देवी सहित कई परिजन मसूदन रेलवे स्टेशन पहुंचकर एएसएम मुकेश कुमार के बारे में पूछताछ मसूदन स्टेशन प्रबंधक परमानंद प्रसाद एवं पोर्टर भोला प्रसाद यादव से कर रहे थे। पत्नी रोजी कुमारी बार बार मसूदन एसएस परमानंद प्रसाद से एक ही बात पूछ रही थी कि कब आएंगे मेरे पति? कुछ पता चला? कोई खबर मिल रही है?

एसपी-एसआरपी से लेतीं रहीं अपडेट

एएसएम की पत्नी रोजी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। कभी एसपी को फोन कर मुकेश कुमार की खबर ले रही थी तो कभी एसआरपी जमालपुर को फोन कर अपने पति की रिहाई की खबर ले रही थी।

जमुई: 1998 से सक्रिय है नक्सली, पहली बार पुलिस से तीन राइफल लूटी थीं


नक्सली के बिहार और झारखंड बंद का व्यापाक असर रहा। बंदी को देखते हुए सीआरपीएफ और पुलिस मिलकर सघन छापेमारी अिभयान चला रही है। नक्सली लगातार हत्या कर लोगों में दहशत फैला रही है। नक्सलियों द्वारा बीते सोमवार की रात दो नाइट गार्ड गांगुली कोड़ा और सहदेव राय की निर्मम हत्या करने का ये खेल नक्सलियों के लिए कोई पहली घटना नहीं है। नक्सलियों ने पहली बार 5 नवंबर 2002 को सिकंदरा थाना क्षेत्र के लछुआड में काली पूजा मेला के दौरान पुलिस कर्मियों को घायल कर तीन राइफल लूट ली थी। हालांकि जमुई में नक्सली वर्ष 1998 से सक्रिय है।


नक्सली इस इलाके में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के लिए स्थानीय लोगों को संगठन में जोड़ना शुरू कर दिया था और क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक संगठन के लोगों को खदेड़ कर अपनी पैठ बनाई है। जब कोड़ासी गांव के लोगों ने छह नक्सलियों की पकड़ कर हत्या कर दी तब नक्सलियों ने गांव पर हमला कर 11 ग्रामीणों की हत्या करते हुए घर के अंदर एक महिला और उसके छोटे बच्चे की जिंदा जला दिया था। इसी क्रम में दैनिक भास्कर नक्सलियों द्वारा जमुई पर बरपाए गए कहर की जानकारी देने का प्रयास कर रही है।

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