--Advertisement--

स्टेशन पर सो रहे मजदूरों को नक्सलियों ने जगाया, कहा- जान बचानी है तो भागो

30 से 35 की संख्या में हथियारबंद दस्ता चारों ओर पेट्रोल डाल रहे थे। जिनमें शामिल छह महिलाएं ज्यादा सक्रिय थी।

Danik Bhaskar | Dec 21, 2017, 04:59 AM IST

मुंगेर/लखीसराय/जमुई/जमालपुर/कजरा/बांका. नक्सली जब मंगलवार की रात मसूदन स्टेशन पर पहुंचे तब वहां कुछ लोग सो रहे थे। नक्सलियों ने उन्हें जगाया। सो रहे लोगों ने कहा कि वे मजदूर हैं तब नक्सलियों ने कहा कि जान बचानी है ताे यहां से भाग जाओ। वहां सो रहे एक मजदूर ने बताया ने कि वह स्टेशन के बरामदे पर ही सोया था। ठंड अधिक होने के कारण नींद नहीं आ रही थी। तभी अचानक कुछ लोगों की सुगबुगाहट सुन जैसे ही कंबल से सर बाहर निकाला होश उड़ गए।


30 से 35 की संख्या में थे नक्सली

30 से 35 की संख्या में हथियारबंद दस्ता चारों ओर पेट्रोल डाल रहे थे। जिनमें शामिल छह महिलाएं ज्यादा सक्रिय थी। सभी ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। वह जैसे ही उठकर बैठना चाहा दो महिलाओं के साथ एक पुरुष पहुंचे और नाम पूछा एवं पेशा से मजदूर होने की जानकारी होते ही तुरंत भाग जाने या फिर जान से हाथ धोने की धमकी दी। मैंने देखा कि स्टेशन मैनेजर के कमरे को आग के हवाले करने के बाद सभी माओवाद का नारा लगाते हुए असिस्टेंट स्टेशन मास्टर साहब को लेकर जंगल की ओर चले गए। सुबह करीब साढ़े चार बजे के करीब एक इंजन पर सवार होकर पुलिस के कुछ जवान एवं अधिकारी आए और आधे घंटे की जांच के बाद अभयपुर चले गए। इस दौरान सभी यात्री दहशत में रहे।

कजरा: सुबह से ट्रेन की जानकारी नहीं, कैसे जाएं घर

मंगलवार की रात में नक्सली वारदात के बाद विभिन्न ट्रेनों से सफर कर रहे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेन परिचालन अगले आदेश तक स्थगित रहने से यात्रियों को फजीहत झेलनी पड़ी। 13483 अप मालदा दिल्ली एक्सप्रेस मंगलवार को कजरा रेलवे स्टेशन पर खड़ी हो जाने के कारण यात्रियों को परेशानी हुई। यात्री परवेज आलम, रिवाज खां, अनुराधा देवी सहित दर्जनों यात्रियों ने बताया कि हमलोगों को दिल्ली तक सफर करना है। इस परिस्थिति में हमलोगों का क्या होगा इसका भय सता रहा है। कई यात्री भय के साये में थे तो कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने की चिंता सता रही थी। राकेश ने बताया कि हम अपने पिताजी को लेकर एम्स दिल्ली इलाज कराने के लिए जा रहे थे। एक महीने के बाद डाक्टर से समय मिली थी। अब क्या करें समझ में नहीं आ रहा है।

बांका: एसएसबी, सीआरपीएफ व पुलिस के जवान रहे मुस्तैद

बांका के नक्सल प्रभावित क्षेत्र कटोरिया और बेलहर में बुधवार को नक्सलियों द्वारा आहूत बंद का मिलाजुला असर देखा गया। कटोरिया थाना क्षेत्र सहित सूईया थाना एवं आनंदपुर ओपी क्षेत्र में बंद का असर न के बराबर रहा। बेलहर में भी बंद का मिला-जुला असर ही रहा। कटोरिया में एसएसबी और बिहार पुलिस के जवान संवेदनशील जगहों पर मुस्तैद थे। सूईया एसएसबी के सहायक सेनानायक त्रिभुवन प्रसाद के नेतृत्व में आनंदपुर, हरदिया, पडरिया, धनौछी, पिलुआ सहित दर्जनों नक्सल प्रभावित गांवों में फ्लैग मार्च किया गया।

बेलहर में बड़े वाहन नहीं चले, लेकिन छोटी गाड़ियों पर बंद का कोई प्रभाव नहीं देखा गया। बेलहर-बांका, सुल्तानगंज-देवघर रूट की बसें नहीं चलीं। बेलहर-झाझा मुख्य सड़क पर भी छोटे वाहन ही चले। बड़े वाहन पूरी तरह बंद रहे। प्रखंड में बैंक, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी सहित कई प्रतिष्ठान बंद रहे। नक्सली बंदी को देखते हुए सीआरपीएफ के कमांडेंट सुभाष कुमार के नेतृत्व में थाना क्षेत्र के बगधवा, मल्हतारी, बिरमा, गेरुआ, सरदारा, अमाटांड़, कुशाहा, चिरायता, बनजामा, जोगिया टीला, बसमाता, झुनका जैसे नक्सल प्रभावित गांवों में सर्च अभियान चलाया गया।

मुंगेर: रेल अफसरों ने नक्सलियों से छूटे कर्मी से की मुलाकात

मसूदन स्टेशन से बुधवार रात को नक्सलियों द्वारा अपहृत पॉर्टर गनगनियां निवासी नरेंद्र मंडल से टीआई संजय कुमार एवं क्षेत्रीय अधिकारी आलोक कुमार ने कोतवाली थाना मुंगेर में मुलाकात की। इससे पहले टीआई संजय कुमार, कार्यालय अधीक्षक अजय कुमार सिंह एवं जमालपुर के पॉर्टर रजनीकांत माताडीह स्थित स्टेशन मास्टर मुकेश कुमार के घर भी गए थे। इसके बाद वे गनागनियां फतेहपुर स्थित पोर्टर नरिंदर मंडल के घर भी गए थे। उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उधर, पोर्टर की बेटी डाॅली ने बताया कि पिता प्रतिदिन की तरह मंगलवार को भी शाम चार बजे घर से मसूदन जाने के लिए निकल थे। वे अपने पास मोबाइल नहीं रखते हैं। इस कारण उनसे बातचीत नहीं हो पाती है। ड्यूटी समाप्त के बाद दूसरे दिन ग्यारह बजे तक वे घर आते हैं। देर रात जब उनके अपहरण की सूचना मिली तो हम काफी भयभीत व चिंतित हो गए। उनके मुक्त होने की खबर के बाद हमारी जान में जान आई। उधर, मसूदन रेलवे स्टेशन पर नक्सली वारदात एवं दो रेलकर्मियों को अगवा करने की घटना के बाद लखीसराय, मुंगेर एवं जमालपुर रेल पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से अभियान चलाया जा रहा है।

खुफिया इनपुट को किया नजरअंदाज

भागलपुर-किऊल रेलखंड पर नक्सली हमले और रेलकर्मियों के अपहरण के संबंध में नवंबर के अंतिम सप्ताह में ही खुफिया विभाग ने अलर्ट किया था। रेल प्रशासन ने खुफिया इनपुट को नजरअंदाज किया, तो रेलकर्मियों का अपहरण कर बड़े रेल अधिकारियों को धमकी दी गई और आवागमन को बाधित किया गया। भाकपा माओवादी संगठन के जनमुक्ति छापामार सेना का 17वां स्थापना दिवस सप्ताह दो दिसंबर से था। इससे पूर्व स्पेशल ब्रांच के एसपी ने भागलपुर जोन के सभी जिले अौर जमालपुर रेल एसपी को पत्र भेज कर विशेष सतर्कता बरतने का अनुरोध किया था।