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पद्मावत देख लोगों ने कहा- विरोध करने लायक कुछ नहीं, 1 KM के दायरे में थी पुलिस

दर्शक रवि उमंग ने बताया कि इस फिल्म ने हिन्दुओं के साथ-साथ राजपूत समाज का मान बढ़ाया है।

Danik Bhaskar | Jan 30, 2018, 03:27 AM IST

पटना. आखिरकार फिल्म पद्मावत का पटना में सोमवार को प्रदर्शन हुआ। पीएंडएम मॉल स्थित सिनेपोलिस, मोना और रिजेंट सिनेमा हॉल में फिल्म दिखाई गई। सिनेपोलिस में सुबह 9.30 से ही फिल्म का शो शुरू हुआ और रात तक चलता रहा। फिल्म देखने के लिए भारी संख्या में दर्शक पहुंचे थे। दर्शकों ने फिल्म को खूब सराहा। पुख्ता सुरक्षा इंतजाम के कारण विरोध करने कोई नहीं पहुंचा।


सुरक्षाकर्मियों की चौकसी

फिल्म के प्रदर्शन में कोई बाधा नहीं पहुंचे इसके लिए पुलिस सुबह से ही मुस्तैद दिखी। मॉल परिसर और इसके बाहर बड़ी संख्या में पुलिस वाले मौजूद थे। मॉल के अंदर प्रवेश करने वालों पर सुरक्षाकर्मियों की चौकस नजर थी। रविवार से फिल्म की ऑनलाइन बुकिंग शुरू होने के बाद सोमवार को काउंटर पर भी टिकट मिल रहा था। सिनेपोलिस पहुंचे दर्शकों में फिल्म देखने का उत्साह देखने लायक था। यहां फिल्म 2 डी और 3 डी दोनों में दिखाई जा रही है।

पद्मावत रिलीज होते ही हुई पत्थरबाजी सिनेप्लेक्स के मुख्य द्वार का शीशा टूटा

सुप्रीम कोर्ट से रिलीज की हरी झंडी मिलने के बाद भी संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत का विरोध मुजफ्फरपुर में विभिन्न संगठनों की ओर से जारी है। फिल्म रिलीज होने के बाद यहां के रजनीश सिनेप्लेक्स में रविवार के देर रात कुछ अज्ञात लोगों ने जमकर पत्थरबाजी कर अपना विरोध जताया है। पत्थरबाजी के दौरान सिनेप्लेक्स में लगा आउटडोर का मुख्य शीशा तीन जगहों पर टूट गया। जिस समय पत्थरबाजी हुई उस दौरान सिनेप्लेक्स में एक भी दर्शक मौजूद नहीं थे।


पूरे परिसर में गिने चुने निजी सुरक्षा कर्मी मौजूद थे। जब तक सुरक्षा कर्मी कुछ समझते तब तक पत्थरबाजी कर अज्ञात लोग भागने में सफल रहे। घटना के तत्काल बाद सिनेप्लेक्स प्रबंधन ने इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी। फिल्म 24 जनवरी को ही पूरे देश में रिलीज हुई पर स्थानीय स्तर पर विरोध को देखते हुए रजनीश सिनेप्लेक्स ने फिल्म का प्रदर्शन नहीं किया। रविवार यानी 28 जनवरी से फिल्म का प्रदर्शन सिनेप्लेक्स में शुरू किया गया। फिल्म प्रदर्शन से पूर्व जिला प्रशासन ने पर्याप्त सुरक्षा कर्मी सिनेप्लेक्स में तैनात कर दिया था।

रात 2-3 बजे लोगों ने फेंके पत्थर

सिनेप्लेक्स के संचालक रामबाबू प्रसाद ने सोमवार को बताया कि रात के दो से तीन बजे के बीच कुछ लोग लहेरियासराय-नाका छह मुख्य सड़क पर से पत्थर फेंक कर तीन जगह पर शीशे को तोड़ दिया। रात्रि सुरक्षा में लगे गार्ड जबतक सड़क की ओर दौड़े तब तक सभी उपद्रवी भाग निकले। घना कोहरा होने की वजह से किसी ने उपद्रवी को नहीं देखा। उन्होंने कहा कि घटना की सूचना प्रशासन को दे दी गई है। उनकी ओर से कार्रवाई की जा रही है।
रजनीश सिनेमा हॉल में टूटा शीशा।

पद्मावत को दर्शकों ने सराहा, कहा- नहीं दिखी कोई कन्ट्रोवर्सी

उधर, गया में काफी सुरक्षा के बीच एपीआर मॉल में पद्मावत के रिलीज होने के बाद दर्शक भी फिल्म देखने पहुंचने लगे हैं। सोमवार को थ्री डी में पांच और टू डी में भी पांच शो चलाए गए। दर्शकों की भीड़ 100 के करीब रही, पर दोपहर में अच्छी भीड़ दिखी। फिल्म संचालकों की मानें, तो अगले दो-तीन दिनों तक ऐसे ही भीड़ रहेगी। शुक्रवार से अधिक भीड़ जुटेगी। दोपहर में फिल्म देख लौट रहे दर्शकों ने बताया कि पद्मावत फिल्म काफी अच्छी है। किसी प्रकार की कोई कन्ट्रोवर्सी नहीं देखने को मिली।

सुरक्षा के मद्देनजर 14 मजिस्ट्रेट व 24 दारोगा किए गए हैं तैनात

जिला प्रशासन सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखा है। एपीआर मॉल के पहुंचने तक के पहले करीब एक किलोमीटर के दायरे में मजबूत सुरक्षा कवच बनाया गया है। सुबह 8:00 से 4:00 बजे और अपराह्न 4:00 से 12:00 बजे रात्रि तक दो शिफ्टों में तैनाती हुई है। 14 मजिस्ट्रेट, 24 दारोगा, इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी के अलावा दो डीएसपी भी तैनात हैं।

एपीआर मॉल के प्रोपराइटर ने कहा- मूवी में नहीं है कोई विवाद

एपीआर मॉल के प्रोपराइटर अविनाश कुमार ने बताया कि फिलहाल फिल्म को संगीनों के साए में ही दिखाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मैंने भी खुद इस फिल्म को काफी बारीकी से देखा, पर कहीं से कोई विवाद नजर नहीं आया। दर्शक आनंद मोहन सिंह ने बताया कि संजय लीला भंसाली पब्लिसिटी के लिए माहौल को खराब कराते हैं। अपने ही समर्थकों से ऐसा माहौल क्रिएट करते है कि विवाद बढ़े। मूवी अच्छी है। दर्शक रवि उमंग ने बताया कि इस फिल्म ने हिन्दुओं के साथ-साथ राजपूत समाज का मान बढ़ाया है। किसी प्रकार का कोई विवादित सीन नहीं है। वहीं अनुराग कुमार ने बताया कि जो लोग विवाद उठा रहे है, वे कम से कम एक बार आकर फिल्म को जरूर देख लें।