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8/12 का कमरा के कमरे में 3 मर्डर-रेप, पास सोए 16 पड़ोसियों को भनक तक नहीं

4 वर्ष पहले
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भागलपुर.   दलित मुहल्ले में एक ही फैमिली के तीन लोगों की हत्या में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस अब तक हत्या का कारण भी नहीं खोज पाई है। घटनास्थल घनी आबादी के बीच है। 8/12 का कमरा और पांच फीट के आंगन में बाहर-भीतर अपराधियों ने बेटी के साथ गैंगरेप किया। विरोध करने पर पति की हत्या कर दी। महिला और उसके 12 साल के बेटे को भी मौत की नींद सुला दी। जबकि बेटी को अधमरा कर दिया। कमरे और आंगन से सटे पड़ोसियों के घर, आंगन, बरामदा में तीन ओर 16 लोग सोए हुए थे, लेकिन किसी को रात में घटना की भनक नहीं लगी। सुबह भी घटना की जानकारी पड़ोसियों को तब मिली, जब मृतक के आंगन में एक वृद्ध महिला चापानल पर पानी लेने आई। आंगन में पड़े घर के मुखिया और उसके बेटे की क्षति-विक्षत लाश देख महिला चिल्लाई तो पड़ोसियों को इस नरसंहार की जानकारी मिली।


छह से ज्यादा अपराधी होंगे शामिल
गैंगरेप, तीन की हत्या, आंखें फोड़ना और प्राइवेट पार्ट काटने में कम से कम अपराधियों के एक घंटा का समय जरुर लगा होगा। यही नहीं, चार लोगों पर हमला करना और उसमें से तीन की हत्या करने में भी कम से कम छह से अधिक अपराधी जरूर शामिल रहे होंगे, फिर भी किसी की चहल-कदमी की जानकारी पड़ोसियों को नहीं होना संदेह पैदा करता है। ऐसा भी संभव नहीं है कि हत्या के समय तीनों चिल्लाए नहीं होंगे? लड़के की सांस तो सुबह तक चल रही थी। हॉस्पिटल ले जाने के दौरान रास्ते में उसने दम तोड़ा, जबकि बहन का इलाज पीएमसीएच में चल रहा है। पुलिस की जांच में कुल मिलाकर यह बात सामने आई है कि तो कोई पड़ोसी हत्या में शामिल है या फिर पड़ोस के लोग जानते हैं कि किन लोगों ने हत्या की है। लेकिन भय से अपनी जुबान नहीं खोल रहे हैं। दलित मुहल्ले में 70 से अधिक घर हैं, जो एक-दूसरे से बिल्कुल सटे हुए हैं। 

पड़ोसियों पर शक के ये हैं तीन कारण

 

पूरब : सदानंद राम के घर सोए हुए थे छह लोग 
घटनास्थल से सटे पूरब दिशा में सदानंद राम का घर है। मृतक और सदानंद राम के घर के बीच सिर्फ एक दीवार है। अगर दोनों में से किसी के घर में ग्लास भी गिरे तो आवाज दोनों पड़ोसी आसानी से सुन सकते हैं? घटना वाली रात सदानंद के परिवार के छह लोग अपने-अपने कमरे में सोए थे। फिर भी किसी को पता नहीं चला।
 

पश्चिम : मृतक की चौकी से सटा है सोनू का हाता 
घटनास्थल के पश्चिम में सोनू राम का घर है। घर का मुखिया (मृतक) की चौकी आंगन में थी, जहां वह सोया हुआ था। उसकी चौकी से सोनू का हाता एक हाथ की दूरी पर है। दोनों घरों के बीच एक पतली गली का फासला है। चहारदीवारी भी ऊंची नहीं है। आंगन में अपराधी एक घंटे उपद्रव करते रहे और किसी को पता नहीं चला। सोनू के घर भी छह सदस्य रात में सोए थे।

 

 

उत्तर : कैलू राम के कमरे से सटा है आंगन 
घटनास्थल के उत्तर कैलू राम का घर है। कैलू की घर की दीवार मृतक के आंगन से बिल्कुल सटा हुआ है। आंगन में चापानल की चलने की आवाज कैलू के घर में साफ सुनाई देती है। घटनावाली रात कैलू के घर भी उसके चार सदस्य सोए हुए थे, लेकिन किसी को इतनी बड़ी घटना की आवाज सुनाई नहीं दी। 
 

दक्षिण : बांस के झुरमुट की तरफ से आए थे अपराधी और इसी रास्ते भागे भी 
घटनास्थल के दक्षिण बांसबिट्टी (बांस का झुरमुट) है। आसपास के 10 से अधिक घरों का कचरा, चापानल का गंदा पानी, नाली इस ओर खुलता है। शंका जाहिर की जा रही है कि अपराधी बांसबिट्टी की ओर से आए थे और वारदात को अंजाम देकर फिर इस ओर से भाग निकले।

 

दो दिन पहले किसने दी थी जान मारने की धमकी

झंडापुर में हुए तीन महादलितों की हत्या मामले में मृतक के बड़े बेटे के आवेदन पर थाने में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में बड़े बेटे ने जिक्र किया है कि उसके पिता (मृतक) को दो दिन पहले किसी ने जान मारने की धमकी दी थी। इस बात की जानकारी उनकी मां ने अपने मंझले बेटे को दी थी। किसने धमकी दी और किस कारण से, इसका खुलासा बड़े बेटे ने नहीं किया है। एफआईआर में इस तथ्य के आने से पुलिस भी पशोपेश में है, लेकिन अब यह पता नहीं कर पाई है कि आखिर किस आदमी ने धमकी दी थी। धमकी मिलने के बाद मृतका किसी दबाव या भय में थी, जो नाम का खुलासा बेटे से नहीं किया। या फिर बेटे ने जान-बूझ कर धमकी देने वाले का नाम छिपा लिया है। केस जांच अधिकारी झंडापुर ओपी प्रभारी जवाहर लाल सिंह को बनाया गया है। उन्होंने बताया की पुलिस घटना से जुड़ी अन्य बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

 

हत्या के दरिंदों को बचाने में जुटा है प्रशासन : पप्पू यादव

मामले में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे मधेपुरा सांसद पप्पू यादव ने हत्या में स्थानीय विधायक वर्षा रानी के करीबी का हाथ होने का आरोप लगाया। उन्होंने सांसद बुलो मंडल को भी सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। उनका कहना है कि विधायक और सांसद दोनों महादलित की हत्या पर राजनीति कर रहे हैं। सांसद व विधायक ने उनके बयान पर किसी भी टिप्पणी से इनकार कर दिया। पप्पू यादव ने सरकार से मामले की जांच एसआईटी से करवाने की मांग की है। मौके पर उन्होंने पीड़ित परिवार को सहयोग राशि भी दी। पीएमसीएच में भर्ती किशोरी के इलाज का खर्च उठाने की भी घोषणा की।

 

पुलिस ने 36 घंटे बाद डॉग स्क्वॉयड को बुलाया


ट्रिपल मर्डर केस में नवगछिया पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में है। घटना शनिवार देर रात की है और रविवार सुबह में मामले का खुलासा हुआ। लेकिन खोजी कुत्ता सोमवार दोपहर को बुलाया गया। यानी वारदात के करीब 36 घंटे बाद। तब तक घटनास्थल को करीब दो हजार लोग अपने पैरों से रौंद चुके थे। पुलिस ने घटनास्थल की बेरिकेडिंग नहीं की थी। इस कारण ग्रामीण बेरोकटोक घटनास्थल पर आ-जा रहे थे। ऐसे में खोजी कुत्तों को बुला कर जांच करना पुलिस का आइवॉश एक्शन माना जा रहा है। पुलिस को पहले से पता था कि घटनास्थल डिस्ट‌‌र्ब हो चुका है। खोजी कुत्तों को बुला कर जांच करवाने से कुछ नहीं होगा। अगर पुलिस गंभीर होती तो रविवार सुबह में ही खोजी कुत्ते को बुलाया जाता। 


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