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नीतीश ने कहा- भ्रष्टाचार के पुरोधा लालू अपने तो गए ही बच्चों को भी नहीं छोड़ा

लालू को भ्रष्टाचार का पुरोधा बताते हुए सीएम ने कहा कि वे खुद तो गए ही थे, अपने बच्चों को भी नहीं छोड़ा।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 07, 2017, 04:30 AM IST

  • नीतीश ने कहा- भ्रष्टाचार के पुरोधा लालू अपने तो गए ही बच्चों को भी नहीं छोड़ा
    पटना.सीएम नीतीश कुमार ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद पर जमकर निशाना साधा। लालू को भ्रष्टाचार का पुरोधा बताते हुए सीएम ने कहा कि वे खुद तो गए ही थे, अपने बच्चों को भी नहीं छोड़ा। अब कार्रवाई शुरू हो गई है तो विक्षिप्त की तरह व्यवहार कर अपने बयानों से राजनीति के स्तर को गिरा रहे हैं। सीएम सोमवार को लोक संवाद कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा-मैंने अपने 43 वर्षों के राजनीतिक जीवन में कभी कोई घटिया बात नहीं की है। कभी किसी पर आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की है।

    नीतीश ने कहा- मैंने अपने प्रवक्ताओं को भी कह दिया है कि मुझसे संबंधित जो कोई भी घटिया किस्म की बात करे तो वे जवाब न दें। गाली-गलौज को महत्व देने की जरूरत नहीं है, जिसे बोलना है, वे बोलते रहें। जो निम्नस्तरीय बात कर रहे हैं, वे सत्ता जाने से परेशान लोग हैं। राजद प्रमुख को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब शराबबंदी का फैसला लिया गया तो उन्होंने स्वागत किया था। मानव शृंखला में मुझसे हाथ मिलाकर खड़े हुए थे। लेकिन, सत्ता से बाहर होते ही शराबबंदी को गलत ठहराने लगे। ऐसे ही जो बालू के गैर कानूनी धंधे में लिप्त थे, वे चिल्ला रहे हैं।
    बिहार की भलाई के लिए तोड़ा महागठबंधन
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अपने तमाम फैसले बिहार के लोगों की भलाई के लिए किए। यही कारण है कि हम फिर से अपने पुराने वाले गठबंधन में लौटे हैं। अब सोचता हूं तो लगता है कि मैंने बहुत अच्छा किया। जिस प्रकार सरकार चल रही थी और काम करने में परेशानी हो रही थी, कल्पना से परे है। क्या-क्या झेलना पड़ा। किस तरह शराब माफिया और बालू माफिया हावी होते जा रहे थे। लॉ एंड ऑर्डर को दुरुस्त करने के लिए कितनी मशक्कत करनी पड़ी? मेरे लिए बिहार की सेवा करना ही देश की सच्ची सेवा है।
    इधर लालू बोले- दही का टीका लगाया था फिर भी भाजपा के पास चले गए नीतीश
    राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने अलग होने के बाद पहली बार कहा- नीतीश कुमार को महागठबंधन का नेता बनाना मेरी अकुलाहट की भूल थी। भाजपा को रोकने के लिए हमने उन्हें दही की छाली का टीका भी लगाया, इसके बावजूद वे भाजपा में चले गए। लोकसभा चुनाव के पहले फिर परिवर्तन महारैला होगा। उन्होंने निजी क्षेत्र में आरक्षण को जायज बताया और कहा कि मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री से मिलकर अडानी-अंबानी जैसी कॉरपोरेट कंपनियों में आरक्षण लागू कराना चाहिए। बिहार में उद्योग कहां है, जो आरक्षण की बात कर
    रहे हैं।
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