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आई विटनेस ने कहा- बैग में 3 जोड़ी चप्पल थी, बदमाशों ने रुपया समझ मारी दी गोली

खादिम शोरूम के मालिक जितेंद्र कुमार गांधी मंगलवार को परिजनों के साथ साढ़ू के यहां हरनौत गए थे।

Danik Bhaskar | Nov 25, 2017, 07:22 AM IST
खादिम शोरूम के मालिक जितेंद्र कुमार गांधी। (फाइल फोटो) खादिम शोरूम के मालिक जितेंद्र कुमार गांधी। (फाइल फोटो)

पटना. खादिम शोरूम के मालिक जितेंद्र कुमार गांधी मंगलवार को परिजनों के साथ साढ़ू के यहां हरनौत गए थे। करीब 2 बजे वहां लौटे। इसके बाद 3 बजे दुकान चले गए। रात करीब 9 बजे अपने बेटे अभियु राज के साथ बाइक से दुकान से घर लौट रहे थे।

आई विटनेस ने बताई पूरी घटना

घटना के चश्मदीद अभियु राज ने बताया कि वे रोजाना जगदेवपथ होते ही घर आया करते थे। उनके पास लाइसेंसी पिस्टल हमेशा रहती थी। उस दिन करीब 30 गोलियां भी थीं। बाइक वही चला रहे थे। संजय गांधी डेयरी टेक्नोलॉजी संस्थान के पास पहुंचे तो दो बाइक से चार युवक आए। ओवरटेक किया। बाईं ओर से आए अपराधियों ने बैग लूटना चाहा। बैग में तीन जोड़ी चप्पल घर वालों के लिए लेकर जा रहे थे। अपराधियों ने समझा कि बैग में मोटी रकम है। बैग लूटने के दौरान जितेंद्र ने विरोध किया। उन्होंने कहा- इसमें पैसा नहीं है। इसी बीच एक अपराधी ने सटाकर एक गोली मार दी। गोली लगने के बाद दोनों गिर गए। जितेंद्र के कान के नीचे से खून बहने लगा। गोली मार देने के बाद अपराधी कुछ दूर दक्षिण की ओर गए। फिर वहां से लौटे और बेटे की हत्या करनी चाही। इसी बीच अभियु ने खुद को बचाने के लिए जितेंद्र की कमर से पिस्टल निकाल ली और गोली चला दी। उसने कहा- पहली बार गोली चलाई थी। फायर नहीं करते तो अपराधी मेरी भी हत्या कर देते।

पुलिस पहुंची लेकिन नहीं की मदद, स्टाफ आया तो ले गए


अभियु ने कहा घटना के कुछ देर में पुलिस की जिप्सी पहुंची। लेकिन उन लोगों ने कुछ नहीं किया। इसी बीच दुकान का स्टाफ उसी रास्ते से आ रहा था। वह रुका फिर दोनों खून से लथपथ जितेंद्र को जिप्सी पर लादकर पारस अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

नहीं देख सका बाइक का नंबर


अभियु ने बताया दो बाइक पर चार अपराधी थे। इनमें कुछ का चेहरा छिपा हुआ था। जिनका चेहरा खुला था, उसे नहीं पहचानते। कहा- अपराधियों की बाइक का नंबर भी नहीं देख सका। वहां से कई बाइक व कार वाले गुजरे। लेकिन किसी ने मदद नहीं की।

किसी से दुश्मनी नहीं, सीधापन की वजह से गांधी नाम रखा गया


जितेंद्र के बड़े भाई ललन कुमार ने कहा कि वह बहुत ही सीधा था। उसकी किसी से दुश्मनी नहीं थी। किसी से उसका विवाद भी नहीं था। उसके सीधेपन को देखकर ही चाचा ने उसका नाम गांधी रखा था। उसकी पत्नी गठिया से ग्रस्त है। अभियु पुणे में पढ़ रहा है। बेटी त्रिशा की शादी नहीं हुई है। उसने बेली रोड में एक फ्लैट भी लिया था। चंद माह में वहीं शिफ्ट करने वाला था। पूर्व वार्ड पार्षद धनंजय ने कहा जितेंद्र गरीब लड़कियों की शादी में मदद करते थे। वे गरीब बच्चों को भी किताब खरीदकर देते थे।

डीएसपी ने की पूछताछ

एसआईटी में शामिल फुलवारीशरीफ डीएसपी रामाकांत प्रसाद घटना के चश्मदीद बेटे अभियु से पूछताछ करने गए थे। अभियु ने उन्हें वारदात की पूरी जानकारी दी। अभियु ने कहा कि जो भी अपराधी इस घटना में शामिल हैं, पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाए।

दो दिन बाद खुला शोरूम, दानापुर में शोरूम की नहीं हुई आेपनिंग


ललन ने बताया कि दो दिन के बाद जितेंद्र का खादिम शोरूम खुल गया। कब तक बंद रखते। कहा- शुक्रवार को दानापुर की मछुआटोली में खादिम शोरूम की आेपनिंग होने वाली थी लेकिन नहीं हो सकी। यह शोरूम ललन के बेटे और उसके दोस्त खोलने वाले हैं।

अपराधियों का स्केच जारी करेगी पुलिस, मिले अहम सुराग

जितेंद्र हत्याकांड में पुलिस को अहम सुराग मिल गए हैं। जगदेवपथ से दानापुर की ओर एक निजी मकान और दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कुछ संदिग्धों को बाइक से भागते देखा गया है। उसका चेहरा धुंधला दिख रहा है। प्रभारी एसएसपी डी.अमरकेश ने बताया कि पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा कर देगी। कद काठी देख, पुलिस अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी करने में जुटी है। यही नहीं पुलिस चमश्दीद बेटे द्वारा अपराधियों के हुलिये के आधार पर हत्यारों का स्केच भी बनवाकर इसे जारी करेगी। सूत्रों का कहना है कि हत्या करने वाले कोई शार्प शूटर या सुपारी किलर नहीं हैं।

वारदात के बाद हॉस्पिटल के बाहर पुलिस। वारदात के बाद हॉस्पिटल के बाहर पुलिस।
वारदात के बाद हॉस्पिटल के बाहर भीड़। वारदात के बाद हॉस्पिटल के बाहर भीड़।