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नॉन बैंकिंग कंपनी जमाकर्ताओं के 80 लाख लेकर फरार, 13 पर केस, ये बने आरोपी

मोटे मुनाफे का लालच देकर एक नॉन बैंकिंग कंपनी जमाकर्ताओं के करीब 80 लाख रुपए लेकर चंपत हो गयी।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 11, 2017, 06:56 AM IST

नॉन बैंकिंग कंपनी जमाकर्ताओं के 80 लाख लेकर फरार, 13 पर केस, ये  बने आरोपी
आरा. मोटे मुनाफे का लालच देकर एक नॉन बैंकिंग कंपनी जमाकर्ताओं के करीब 80 लाख रुपए लेकर चंपत हो गयी। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को आरा के नवादा थाना में नॉन बैकिंग कंपनी के प्रबंधक निदेशक, उप निदेशक व रिजनल मैनेजर समेत 14 लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया। जिसमें नाॅन बैंकिंग कंपनी से जुड़े बिहार के भोजपुर व बक्सर के अलावा पश्चिम बंगाल के अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। इनपर धोखाधड़ी कर राशि गबन करने का आरोप है।
अलग-अलग 5 एफआईआर दर्ज, लगीं 4 दफाएं
बताया जा रहा कि आरा के जज कोठी-पीर बाबा मोड़ (महुली कोठी) के समीप विश्वामित्र इंडिया परिवार के नाम से एक नॉन बैंकिंग कंपनी का संचालन किया जा रहा था। इसके लिए कंपनी ने साल 2011 से ही अभिकर्ता बहाल कर रखे थे। आरा शहर के गोढ़ना रोड निवासी अभिकर्ता विनोद कुमार सिंह ने 13 लाख 37 हजार, चांदी थाना के भदवर गांव निवासी अभिकर्ता पिन्टू कुमार ने 2 लाख 42 हजार, जगदेवनगर निवासी अभिकर्ता मिथलेश प्रसाद सिंह ने 4 लाख 34 हजार रुपए, संजय कुमार राय ने 44 लाख 60 हजार रुपए व संतोष पांडेय ने करीब 15 लाख 90 हजार रुपए आरा ब्रांच में जमा कराए थे। सारे पैसे ग्राहकों से लिए गए थे। इधर, कंपनी के फरार हो जाने एवं मैच्यूरिटी समाप्त होने के बावजूद जमा पैसा वापस नहीं होने पर अभिकर्ताअों ने इसे लेकर कोर्ट में परिवाद-पत्र दाखिल किया था। जिसके आधार पर कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए नवादा थाना काे केस दर्ज करने का आदेश दिया था।
वरीय अफसरों की जांच के बाद पुलिस करेगी आरोपियों पर कार्रवाई

इधर, नवादा थाना के इंस्पेक्टर नेयाज अहमद ने बताया कि माननीय न्यायालय के आदेश के बाद अभिकर्ताओं के बयान पर ननबैकि़ग कंपनी के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया है। केस में वरीय अफसरों का पर्यवेक्षण रिपोर्ट निर्गत होने व जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामला आम जनता की गाढ़ी कमाई के फर्जीवाड़े से जुड़ा है। इसलिए पुलिस मामले को लेकर गंभीर है।
कोर्ट के आदेश पर हुआ केस

इधर, कोर्ट के अादेश पर नवादा थाना पुलिस ने पैसा जमा करने वाले पांचों अभकर्ताओं के बयान पर अलग-अलग पांच केस दर्ज किया है। भादवि की धारा 406/420/120 बी/34 के तहत दर्ज केस में पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले के माधवपुर के सीएमडी मनोज कुमार चंद, उपप्रबंधक पंकज कुमार चंद, निदेशक मनीष कुमार चंद, वंदना चंद, किरण चंद, वर्धमान के शिशु बगान रोड रानीगंज के निदेशक अनिता चंद, ममता सिंह, नंदन कुमार सिंह, हरिगोविंद सिंह, कोलकाता के शुभादीप मिश्रा, सुदेश ठाकुर, बक्सर के खैरा के एरिया मैनेजर विजेन्द्र सिंह व चरपोखरी के धनौती गांव के रिजनल मैनेजर विनोद कुमार सिंह को आरोपी बनाया गया है।
तीन लुभावनी स्कीम में जमा किए जा रहे थे ग्राहकों के पैसे

मोटे मुनाफे का लालच देकर कंपनी अभिकर्ताओं के जरिए तीन स्कीम में ग्राहकों से पैसे जमा करा रही थी। कंपनी के अभिकर्ताओं विनोद सिंह, मिथलेश प्रसाद सिंह, संजय कुमार राय व संतोष पांडेय ने पुलिस को बताया है कि पैसा जमा कराते समय बताया गया था कि उपरोक्त बैंक संबंधित संस्थान से पंजीकृत है। राशि जमा कराने के समय रसीद भी दिए गए थे। इधर, मैच्यूरिटी समाप्त होने के बाद वे आरा ब्रांसच लेकर हेड ब्रांच कोलकाता तक दौड़ते रहे। लेकिन, उनका पैसा नहीं मिला। इसके बाद सभी को कोर्ट के शरण में जाना पड़ा।
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