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हादसे का खौफ : दिनभर जंक्शन पर भटकी, बेटे को देख बोली- लौट आया लाल

ट्रेन के डिरेल होने की खबर फैलते ही पूर्व मध्य रेल के अधिकारी हरकत में आ गए।

Danik Bhaskar | Nov 25, 2017, 07:04 AM IST
दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन के यात्रियों के पटना जंक्शन पहुंचने पर तरैया की महिला को उसके बेटे से मिलाते डीआरएम। दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन के यात्रियों के पटना जंक्शन पहुंचने पर तरैया की महिला को उसके बेटे से मिलाते डीआरएम।

पटना. छपरा जिले के तरैया थाना इलाके की आयशा खातून वास्कोडिगामा एक्सप्रेस के एक्सीडेंट होने की सूचना मिलने के बाद सीधे पटना जंक्शन पहुंच गईं। उन्होंने बताया कि बेटे जावेद के दोस्त ने मुझे गोवा से फोन किया कि आपका बेटा जिस ट्रेन से घर जा रहा था उसका एक्सीडेंट हो गया है। इसके बाद वह किसी तरह छपरा से पटना पहुंची। यहां दिनभर भटकने के बाद आखिरकार उनका बेटा मिल ही गया।


बंद आ रहा था जावेद का फोन

जावेद गोवा में ही मजदूरी का काम करता है। वह जावेद के फोन पर लगातार फोन करती रहीं, लेकिन वह बंद आ रहा था। उन्होंने रेल अधिकारियों से भी बात की, लेकिन किसी तरह की मदद नहीं मिली। शाम को ट्रेन के पटना जंक्शन पहुंचने के बाद जावेद ने अपना फोन चार्ज कर ऑन किया। फोन ऑन होते ही जीआरपी थानाप्रभारी प्रमोद कुमार का फोन उसके मोबाइल पर गया और उसने बताया कि वह अभी-अभी पटना जंक्शन उतरा है। इसके बाद उसे मां से मिलवाया गया। दिन भर बेटे की खबर जानने के लिए भटक रही मां ने उसे देखते ही गले से लगा लिया और खूब रोई। उसके बाद घर के लिए रवाना हुए।

सूचना मिलते ही हरकत मेें आए रेल अधिकारी, हेल्प डेस्क बना

ट्रेन के डिरेल होने की खबर फैलते ही पूर्व मध्य रेल के अधिकारी हरकत में आ गए। शुक्रवार की सुबह तकरीबन 6 बजे पूर्व मध्य रेल और दानापुर मंडल के अधिकारियों को घटना की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही पटना जंक्शन के एक नंबर प्लेटफाॅर्म पर हेल्प डेस्क एक्टिव हो गया। दानापुर मंडल के अधिकारियों और आरपीएफ की एक टीम को तैनात कर दिया गया। हेल्पलाइन नंबर को सार्वजनिक किया गया। 8 बजते-बजते जैसे ही खबर फैली कि लोगों के फोन आने लगे। तैनात अधिकारी लोगों जरूरी जानकारी मुहैया करा रहे थे। राज्य के विभिन्न जिलों से लोगों ने फोन कर अपने परिजनों के बारे में जानकारी ली। इस बीच मंडल के कई अधिकारी पटना जंक्शन पहुंच हालात का जायजा लेते रहे। दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन के यात्रियों के पटना पहुंचने से पहले ही प्रदेशभर से परिजनों के पहुंचने का भी सिलसिला शुरू हो गया था।

यात्रियों के लिए खाना-पानी की हुई व्यवस्था

मानिकपुर से तकरीबन 300 यात्रियों को लेकर पटना आ रही ट्रेन के पटना जंक्शन पहुंचने से पहले दानापुर मंडल के तमाम वरीय अधिकारी पहुंच गए थे। आरपीएफ और जीआरपी के भी अधिकारी मौके पर मौजूद थे। डॉक्टरों की स्पेशल टीम को तैनात कर दिया गया था। डीआरएम के आदेश के बाद ट्रेन के आने से पहले यात्रियों के लिए भोजन का पैकेट और पानी की बोतल की व्यवस्था की गई। ट्रेन के आते ही डीआरएम खुद यात्रियों से मिलकर उसका हालचाल जानने लगे। लोगों के बीच खाने का पैकेट और पानी बांटा गया और उन्हें उनके गंतव्य तक जाने की सही जानकारी दी गई।

दुर्घटना की कहानी, यात्रियों की जुबानी

पटना आरएमएस स्टाफ प्रेम प्रकाश ने बताया कि 3 बजे सतना स्टेशन पहुंचे थे। सतना के आगे मानिकपुर स्टेशन पहुंचते ही कोच में जोर से धक्का लगा। हालांकि सभी एसी कोच सुरक्षित थे। बाहर निकले तो देखा कि स्लीपर कोच संख्या 5 से करीब 8 कोच के बराबर दूरी पर बाकी कोच पटरी से उतरे हुए हैं। लोगों के चिल्लाने की आवाज सुनाई दे रही थी। बहुत भयानक सीन था। एक कोच दूसरे कोच पर चढ़ा हुआ था।

मधुबनी की निशा झा ने बताया कि एसी कोच में सोए हुए थे। अचानक नींद टूटी तो खिड़की के बाहर देखा तो जिस ट्रेन में बैठे थे उसी का कोच पटरी से उतरी हुआ था। बाहर देखा कि आरपीएफ घायल यात्रियों को एबुलेंस से ले जा रही है। लोग अपने परिवार को खोजने के लिए इधर-उधर भटक रहे थे। एसी कोच के एक कोच बाद वाला कोच पटरी से उतर गया था।

पटना पटेल नगर के श्यामला सिंह ने बताया कि हादसे के दौरान ट्रेन में इमरजेंसी ब्रेक लगाने कारण स्लीपर कोच धूलकण और रेलवे ट्रैक के पत्थर से भर गया। कोच में बैठे यात्री चिल्लाने लगे। कोच में ही अफरातफरी मच गई। कुछ यात्री इमरजेंसी खिड़की से उतरने लगे। एक साथ बैठे परिवार कोच में बिछड़ गए। बच्चे चीख रहे थे।

पटना लौटने के बाद एक महिला पैसेंजर। पटना लौटने के बाद एक महिला पैसेंजर।
पटना के आरएमएस स्टाफ प्रेम प्रकाश। पटना के आरएमएस स्टाफ प्रेम प्रकाश।
मधुबनी की रहने वाली निशा झा। मधुबनी की रहने वाली निशा झा।
पटना पटेल नगर के रहने वाले श्यामला सिंह। पटना पटेल नगर के रहने वाले श्यामला सिंह।
पटना स्टेशन पर जुटी भीड़। पटना स्टेशन पर जुटी भीड़।
पटना स्टेशन पर लौटे यात्री। पटना स्टेशन पर लौटे यात्री।