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पहले कहा- छोड़ दीजिए, 6 लाख दिलवा दूंगा, पुलिस ने किया ऐसा तो जोड़े हाथ

बिजली चोरी करने वालों पर कार्रवाई के नाम पर कमांडो के परिजनों से मदद मांगी और तीसरे ही दिन कमांडो को दबोच लिया।

Danik Bhaskar | Nov 25, 2017, 07:45 AM IST
कुख्यात कमांडों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसेे व उसकेे साथियों को बाजार में घुमाया। कमांडों ने लोगों के पैर पकड़ लिए और माफी मांगी। कुख्यात कमांडों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसेे व उसकेे साथियों को बाजार में घुमाया। कमांडों ने लोगों के पैर पकड़ लिए और माफी मांगी।

नवगछिया (भागलपुर). हत्या, रंगदारी, लूट और किडनैपिंग जैसी घटनाओं को बेखौफ होकर अंजाम देने वाले बदमाश कमांडो की पुलिस ने शुक्रवार को अरेस्ट कर लिया। सात साल से पुलिस के लिए सिरदर्द बने 50 हजार के ईनामी बदमाश को पकड़ने के लिए पुलिस ने ऐसा जाल बिछाया कि वह कानून की गिरफ्त में आ गया। पुलिस बिजली कर्मचारी बनकर उसके कहलगांव दियारा ठिकाने पहुंची। बिजली चोरी करने वालों पर कार्रवाई के नाम पर कमांडो के परिजनों से मदद मांगी और तीसरे ही दिन कमांडो को दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान भी उसने दुस्साहस दिखाया। उसने एसटीएफ को छह लाख रुपए घूस देने की बात कही।

उसने कहा कि मुझे छोड़ दीजिए..नवगछिया का एक व्यापारी आपको छह लाख रुपए दे देगा। उसके दहशत से कांपने वाले नवगछिया में पुलिस ने उसका जुलूस निकाला तो बदमाश हथकड़ी लगे हाथों से लोगों के पैर पकड़कर माफी मांगता रहा। चार जिलों में आतंक मचाने वाले बदमाश कमांडो उर्फ बाबूमणि यादव निवासी कमलाकुंड बाबू टोला गोपालपुर और उसके दो साथी साेनू कुमार पिता विनोद मंडल तिनटंगा व पंकज यादव पिता अम्बिका यादव निवासी गोराडीह से पुलिस ने एक देशी पिस्तौल, एक देशी रायफल और 61 कारतूसों के साथ दो मोबाइल फोन और एक बिंडोलिया भी जब्त किया है।

जो खिलाफ बोला, देता था मौत, दहेज के लिए पत्नी को भी भून डाला था कमांडो ने

कमांडो के अपराध की सूची काफी लम्बी है। जो भी उसके खिलाफ बोलता, उसे वह मौत की नींद सुला देता था। पैसे के लिए इस हैवान ने अपनी पत्नी तक को नहीं छोड़ा। इलाके के जलकर, फसल, बालू खनन पर वह रंगदारी तो लेता ही था। लेकिन उसके ससुराल वालों ने दहेज नहीं दिया तो 2011 में उसने अपनी पत्नी को ही गोलियों से भून दिया। उसने कई बार अपने ससुर व साले से दहेज मांगी। नहीं मिली तो वह इस्माइलपुर के लक्ष्मीपुर नारायणपुर ससुराल गया और पत्नी को गोलियों से छलनी कर दिया। पुलिस ने इस मामले में कमांडो के खिलाफ चार्जशीट भी कोर्ट में पेश कर दिया है।

अनिल मंडल गिरोह बनाना चाहता था, कर दी हत्या
इस्माइलपुर का ही अनिल मंडल कमांडो की तरह ही एक गिरोह बनाना चाहता था। इसकी जानकारी मिली तो कमांडो ने उसकी भी हत्या कर दी। अनिल के खरीदे हथियार भी लूट लिए। इसी साल कमांडो ने दिन-दहाड़े गोपालपुर के शिक्षक शंभु मंडल की हत्या स्कूल में घुसकर कर दी। वे बच्चों को पढ़ा रहे थे। जमीन विवाद में हुई इस हत्या का मामला गरमाया तो सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। लेकिन कमांडो फरार था। कमांडो हर साल गोपालपुर और इस्माइलपुर में होने वाले कटाव निरोधी कार्य करने वाली ठेका ऐजेंसी से रंगदारी की मांग की थी। इसमें भी वह फरार था। फसल लूट, अपहरण जैसे कई मामलों में वह आरोपी रहा है।

पुलिस में भी थे खबरी, छापेमारी से पहले कमांडो हो जाता था फरार
कमांडो ने पुलिस में भी अपने खबरी रख छोड़े थे। पुलिस की कार्रवाई की उसे पहले ही सूचना मिल जाती थी। वह अपना ठिकाना बदल लेता था। दियारा के इस कुख्यात की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ ने जिला पुलिस को भनक ही नहीं लगने दी। सीनियर ऑफिसरों के ही संपर्क में थे। टीम ने रैकी की। जाल बिछाया और कमांडो फंस गया।

गंगा दियारा से करता था मोटी उगाही
कमांडो ने अपनी आमदनी का मुख्य स्त्रोत गंगा दियारा की सैकड़ों एकड़ जमीन को बना रखा था। इन जमीनों पर अवैध कब्जा, सफेद बालू का अवैध खनन और जलकर पर जबरन सेंधमारी करता था। उसने कटिहार, भागलपुर और नवगछिया जिले के गंगा दियारा के करीब एक हजार एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया था। उसके भय से किसान अपने खेत तक नहीं जा पा रहे थे।

भागलपुर से मधेपुरा तक कई मामले हैं दर्ज
कमांडो पर कटिहार, कहलगांव, घोघा, नवगछिया पुलिस जिले के इस्माइलपुर, गोपालपुर के अलावा मधेपुरा जिले में भी कई मामले दर्ज हैं। एसटीएफ ने उसे पकड़ा तो वह गिड़गिड़ाने लगा। दबंगई करने वाले बदमाश कमांडो के हौसले फाख्ते हो गए। एसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि डीआईजी विकास वैभव के निर्देश पर टीम बनाई गई। नवगछिया पुलिस को जिले के गोपालपुर और इस्माइलपुर थाने के सात बड़े मामलों में उसकी तलाश थी। अन्य जिलों की पुलिस से आपराधों की फेहरिस्त मांगी गई है।

दिन में बच निकला, शाम को धराया बदमाश
एसपी सिंह ने बताया कि गुरुवार सुबह कमांडो के घर पर होने की सूचना मिली। पुलिस टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए जुटी, लेकिन ऐन वक्त पर कमांडो घर से चला गया। हालांकि उसे गिरफ्तारी की भनक नहीं लगी थी। पुलिस दिनभर बिजली कर्मचारी बनकर उसके लौटने का इंतजार करती रही। शाम में जैसे ही वह आया, पकड़ा गया। उसके साथ दो और बदमाश भी धराए। कमांडो के ठिकाने से अवैध हथियार भी बरामद किए।

दियारा में एसटीएफ ने बिछाया था जाल

नवगछिया एसपी सुधीर कुमार सिंह से प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बदमाश की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ ने जाल बिछाया। वह बहुत शातिर था। वह गोपालपुर स्थित अपने गांव की बजाय कहलगांव दियारा में छिपा था। पुलिस को सूचना मिली तो एसटीएफ कमांडो ने रणनीति बनाई और बिजली कर्मचारी बनकर दियारा पहुंचे। एसटीएफ के दो कमांडो बिजली दियारा में बदमाश के गांव पहुंचे। कमांडो के परिजनों से मिले और कहा कि बिजली चोरी करने वालों पर कार्रवाई करनी है। स्थानीय प्रभावशाली व्यक्ति की मदद चाहिए। कमांडो के परिजन एसटीएफ के जाल में फंस गए। इसके बाद एसटीएफ के दोनों सदस्य अक्सर गांव आने लगे। बदमाश कमांडो के घर आने-जाने लगे एवं उससे जुड़ी जानकारी जुटाने लगे।

कमांडो व उसके साथियों को गिरफ्तारी के बाद पुलिस बल के साथ बाजार में घुमाते प्रभारी एसपी। कमांडो व उसके साथियों को गिरफ्तारी के बाद पुलिस बल के साथ बाजार में घुमाते प्रभारी एसपी।
बदमाश के कब्जे से बरामद हथियार (इनसेट में)। बदमाश के कब्जे से बरामद हथियार (इनसेट में)।
बदमाश के पास से बरामद गोलियां और पिस्टल। बदमाश के पास से बरामद गोलियां और पिस्टल।