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सती की याद में शोभायात्रा निकाली

एक वर्ष पहले
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नाच-गाना, अबीर गुलाल के साथ होली के बसियौरा के दिन सती की स्मृति में शाेभायात्रा निकाली गई। इसमें हजारों लोग शामिल हुए। दीदारगंज के पुनाडीह से बुधवार की देर रात ही यह मेला व शोभायात्रा आरंभ हुई। इसमें शामिल लोग गुरुवार की सुबह तक गुलमहिया बाग, पक्की दरगाह, कच्ची दरगाह, आलमपुर, टेढ़ी पुल, फतेहजामपुर समेत अन्य इलाकाें का भ्रमण करते हुए दोपहर को सबलपुर पहुंचे। यहां पर होली गायन अाैर रंग गुलाल उड़ाकर शोभायात्रा का समापन हुआ। सती की झांकी पालकी पर सवार थी, पालकी जिस रास्ते से गुजरी लोगों ने स्वागत अाैर पूजा अर्चना की। तांत्रिक प्यारे भगत पूरे रास्ते मंत्रों का उच्चारण करते चल रहे थे। शोभायात्रा में सात नागाओं की टोली, हाथी, घोड़ा, बैंड-बाजा व कीर्तन मंडलियों के साथ तंत्र साधक भी रहे।

फतेहजामपुर में नरेश चंद्र यादव ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। शोभायात्रा में श्रीराम लक्ष्मण अाैर सीता की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा में विनोद यादव, चंदेश्वर यादव, पिंटू यादव, ज्ञानेंद्र कुमार ज्ञानू, रीना देवी, बंगाली सिंह, मंटू यादव, नरेश सिंह, शंकर प्रसाद यादव, किशोर कुमार लहेरी, रामस्वरूप सिंह, हरिनंदन सिंह, राजेंद्र सिंह, मदन शर्मा, मदन पांडे, अनिल कुमार पांडे, अमरनाथ यादव, उत्पल वल्लभ, लगन साहू, अधिवक्ता चंद्रशेखर यादव, विनोद यादव, रामप्रवेश निराला व शंभु यादव अादि ने भाग लिया। सबलपुर स्थित सती घाट स्थल पर सती की प्रतिमा का विसर्जन हुआ। बसियौरा जुलूस में शामिल लोगों के लिए कच्ची दरगाह में पारसनाथ यादव, पूनाडीह में अशोक सिंह यादव, विनोद यादव, रामप्रवेश निराला व शंभु यादव ने लोगों का स्वागत सेवा शिविर लगा कर किया।

होली के बसियौरा को लेकर पटना सिटी के पूनाडीह से निकाली गईं सती की शोभायात्रा के साथ झांकी।
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