30 साल बाद 13 अक्टूबर को लगेगा गम्हरिया व चांदपुर में महावीरी मेला

Patna News - हर साल दशहरा के बाद पूर्णिमा को गम्हरिया बालु ब्राम्ह के स्थान में लगने वाला महावीरी अखाड़ा मेला आज से 30 साल पहले...

Oct 12, 2019, 08:40 AM IST
हर साल दशहरा के बाद पूर्णिमा को गम्हरिया बालु ब्राम्ह के स्थान में लगने वाला महावीरी अखाड़ा मेला आज से 30 साल पहले बंद हो गया था। जिस मेला को पुनः 13अक्टूबर को लगेगा। स्थानीय थाना अध्यक्ष रितेश मंडल को अखाड़ा के लाइसेंसधारी अध्यक्ष धनंजय ओझा ,सचिव मनोरंजन कुमार ओझा,कोषाध्यक्ष प्रेम कुमार ओझा ने लाईसेंस के लिए आवेदन दिया है। गम्हरिया, चांन्दपुर, गांव के स्थानीय ग्रामीणों ने बैठक कर इस बात पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया है। जो मेला हमारे गांव के पूर्वजों ने लगाते थे उस मेला को हमलोग पुनः शुरुआत करे। जिसमे दुर दराज से काफी संख्या में श्रद्धालु मेला देखने के लिए आये। मेला समिति के अध्यक्ष धनंजय कुमार ओझा ने बताया की हमारे पूर्वजों के द्वारा इस मेला को हर साल दशहरा के बाद पूर्णिमा को लगाया जाता था लेकिन जो मेला लगाते थे उनकी मृत्यु आज से तीस साल पहले हो गई जिसके कारण मेला बंद हो गया था फिर हम सभी ग्रामीण बैठक कर निर्णय लिये की इस साल से हमलोग पुनः मेला की शुरुआत करेंगे। जिसमें गम्हरिया एव चांदपुर से जुलूस निकालकर गम्हरिया बालु ब्रम्ह स्थान के पास जायेगा, जहां पर पहलवानों द्वारा कुश्ती का भी प्रोग्राम होगा।

गम्हरिया स्थित बालू ब्रह्म स्थान जहा लगेगा महाबीरी मेला।

सिटी रिपोर्टर | पचरूखी

हर साल दशहरा के बाद पूर्णिमा को गम्हरिया बालु ब्राम्ह के स्थान में लगने वाला महावीरी अखाड़ा मेला आज से 30 साल पहले बंद हो गया था। जिस मेला को पुनः 13अक्टूबर को लगेगा। स्थानीय थाना अध्यक्ष रितेश मंडल को अखाड़ा के लाइसेंसधारी अध्यक्ष धनंजय ओझा ,सचिव मनोरंजन कुमार ओझा,कोषाध्यक्ष प्रेम कुमार ओझा ने लाईसेंस के लिए आवेदन दिया है। गम्हरिया, चांन्दपुर, गांव के स्थानीय ग्रामीणों ने बैठक कर इस बात पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया है। जो मेला हमारे गांव के पूर्वजों ने लगाते थे उस मेला को हमलोग पुनः शुरुआत करे। जिसमे दुर दराज से काफी संख्या में श्रद्धालु मेला देखने के लिए आये। मेला समिति के अध्यक्ष धनंजय कुमार ओझा ने बताया की हमारे पूर्वजों के द्वारा इस मेला को हर साल दशहरा के बाद पूर्णिमा को लगाया जाता था लेकिन जो मेला लगाते थे उनकी मृत्यु आज से तीस साल पहले हो गई जिसके कारण मेला बंद हो गया था फिर हम सभी ग्रामीण बैठक कर निर्णय लिये की इस साल से हमलोग पुनः मेला की शुरुआत करेंगे। जिसमें गम्हरिया एव चांदपुर से जुलूस निकालकर गम्हरिया बालु ब्रम्ह स्थान के पास जायेगा, जहां पर पहलवानों द्वारा कुश्ती का भी प्रोग्राम होगा।

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