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पहली बार शराब पीते धरे जाने पर अब 50 हजार जुर्माना या तीन माह की सजा

बिहार मद्यनिषेध व उत्पाद (संशोधन) विधेयक 2018 के प्रारूप को मंजूरी, शराबबंदी कानून में नरमी भी, सख्ती भी।

Danik Bhaskar | Jul 12, 2018, 09:18 AM IST

पटना. राज्य में शराबबंदी कानून में थोड़ी नरमी के साथ सख्ती भी की गई है। पहली बार शराब पीते पकड़े जाने पर 50 हजार रुपए का जुर्माना या तीन महीने की सजा होगी। अभी 5 से 10 साल की सजा है। मिलावटी या अवैध शराब बेचने पर अब 10 साल की जगह उम्रकैद होगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक में बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) विधेयक 2018 के प्रारूप को मंजूरी दी गई। इसके अनुसार अगर किसी होटल या प्रतिष्ठान में कोई शराब पीते पकड़ा गया, तो पूरे परिसर की बजाए उसी कमरे को सील किया जाएगा, जिसमें शराब मिलेगी।

पहली बार पीते धरे जाने के बाद अगर कोई इसको दोहराता है तो उसे 1 से 5 साल की सजा और 1 से 5 लाख तक अर्थदंड लगाया जाएगा। अभी शराब के नशे में पकड़े जाने पर 5 साल तक की सजा और एक लाख तक के अर्थदंड का प्रावधान है। वहीं नशे की हालत में हुड़दंग करने या घर-दफ्तर में शराब पीने की अनुमति देने पर 10 साल की सजा और उम्रकैद का प्रावधान है।

कैबिनेट की बैठक से पहले छपरा की सभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब भी चंद धंधेबाज हैं, जो सरकारी तंत्र के कुछ लोगों की मदद से शराब के अवैध व्यापार में जुटे हैं। इन पर सख्त कार्रवाई हो रही है। कहा कि नशे के खिलाफ जनजागृति में कोताही नहीं होनी चाहिए। शराबबंदी से पहले शाम के बाद गली-मोहल्लों, चौक-चौराहों पर क्या स्थिति थी, सब परिचित हैं। अब शांति है।

नरमी
-शराब पीते पहली बार पकड़े जाने पर अब तक गैर जमानती सजा का प्रावधान था। शराबबंदी कानून के संशोधित प्रावधान में इसे जमानती बना दिया गया है।
- नए कानून में किसी गांव, मुहल्ले पर सामूहिक जुर्माना खत्म कर दिया गया है। पुलिस की पुष्टि के बाद डीएम को जुर्माना लगाने का अधिकार था।
- किसी घर में रखी शराब या किसी वाहन में पकड़े जाने पर घर या वाहन को जब्त नहीं किया जाएगा। इसी तरह किसी पशु गाड़ी पर शराब पकड़ाने पर पशुओं को नहीं पकड़ा जाएगा।
- अब किसी व्यक्ति के शराब पीते पकड़े जाने पर परिवार में 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों की बजाए सिर्फ पीने वाले को ही पकड़ा जाएगा।
- अगर किसी परिसर में मकान मालिक की जानकारी के बिना शराब का अवैध भंडारण किया जाता है तो सिर्फ किराएदार पर ही कार्रवाई होगी। मकान जब्त नहीं होगा। अभी मकान मालिक को भी 8 साल की सजा का प्रावधान है। नए नियम में यदि मकान मालिक को वहां शराब पीने या भंडारण की जानकारी है तो उसे सूचना नहीं देने के आरोप में अब अधिकतम दो वर्ष की सजा होगी।

सख्ती
- अगर कोई मिलावटी या अवैध शराब बेचता है तो ऐसे मामले में पुराने कानून की तुलना में अब और भी अधिक सजा का प्रावधान किया गया है। अब ऐसे मामलों में उम्रकैद की सजा होगी। साथ ही दस लाख रुपए तक जुर्माना भी वसूला जाएगा। फिलहाल ऐसे लोगों को अधिकतम 10 साल की सजा और एक लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।
- राज्य में दहेजबंदी के मौजूदा कानून को अब और सख्त बनाया जाएगा। बुधवार को कैबिनेट ने बिहार दहेज प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक 2018 के प्रारूप को मंजूरी दे दी। यह बिल विधानमंडल के मानसून सत्र में पेश होगा। राज्य में सरकार बाल विवाह व दहेज प्रथा के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में कानून में संशोधन किया गया है।
- शराब पीकर हुड़दंग करने, घर पर शराब पार्टी करने, पार्टी में मदद करने अथवा घर या प्रतिष्ठान में शराबियों का जमावड़ा करने पर पकड़े जाने पर अब 10 साल की बजाए आजीवन कैद की सजा होगी। ऐसे मामलों में एक से दो लाख रुपए तक का जुर्माना भी होगा।