कोरोना वायरस को देखते हुए खेल की सभी गतिविधियाें पर लगी रोक
Accident on set
जिंदगी बहुत कीमती है,इसे पूरी तरह जिएं
य दि आपके आसपास कोई बच्चा अवसाद ग्रस्त हो और आप उसे प्रेरित करना चाहते हैं, तो आप उसे वियतनाम के 10 वर्षीय डांग वान ख्यूएन की कहानी सुना सकते हैं, जो अब तक की सबसे अच्छी कहानी है।
दो साल पहले 15 नवंबर को डांग उत्तरी तुयेन क्वांग प्रोविंस स्थित अपने स्कूल में पढ़ रहा था, तभी उसके चाचा दौड़ते हुए कक्षा में आए और बताया कि उसके पिता का सड़क दुर्घटना में निधन हो गया है। डांग कांपने लगा और अपने
आंसू रोक लिए। सिर झुकाए उसने शिक्षक से तीन दिन की छुट्टी मांगी। फिर उसने अपनी पुरानी साइकिल से तीन किलोमीटर तक का पहाड़ी रास्ता पार किया। घर पर उसके चाचा और पड़ोसियों ने उसके पिता की फोटो ढूंढने में मदद की।
कुछ लोगों का कहना है कि कम उम्र में ही उसकी मां की मृत्यु हो गई थी, जबकि कुछ का कहना है कि उसकी मां ने पिता से अलग होने के बाद दोबारा शादी कर ली थी और उनके गांव से 60 किलोमीटर दूर चली गई थी। इसलिए उसे अपनी दादी के साथ रहना पड़ा, जबकि उसके पिता शहर में दूर मजदूरी करने जाते थे। गांव से दूर काम करते हुए उन्हें पांच साल हो गए थे। डांग
अपनी जरूरतों के लिए आर्थिक रूप से अपने पिता पर और दैनिक भोजन के लिए दादी पर निर्भर था। कुछ समय बाद उसकी दादी का निधन हो गया।
उसकी देखभाल करने के लिए कोई नहीं होने से वह घर में अकेला रह गया। पिता के निधन की खबर ने उसे पूरी तरह अकेला कर दिया। वह अपने चाचाओं को परेशान नहीं करना चाहता था, क्योंकि वे भी गरीब ही थे। ऐसे में शहर से शव लाने और अंतिम संस्कार के लिए उसके शिक्षकों ने पैसे इकट्ठा
किए थे। दादी व पिता की मृत्यु के बाद उसने जल्द ही सभी काम खुद करना सीख लिया था।
रोजाना सुबह पांच बजे उठकर वह पिता की तस्वीर देखता है, कंबल
और चटाई तह करके कोने में रख देता है। उसके घर में इसके अलावा और कुछ नहीं है। छत और फर्श में छेद हैं। उसकी संपत्ति में कुछ बर्तन, टोकरी और अन्य लोगों द्वारा हाल में दिए गए कटोरे शामिल हैं। पैसे कमाने के
लिए फावड़ा लेकर वह पांच किलोमीटर दूर एक पहाड़ी पर जाता है। वहां कसावा की जड़ें खोदता है और उसे बेचता है। अपने में रहना और स्वयं के खाने के लिए सब्जियां उगाना, यह समय के साथ उसकी आदत बन गई है। वह आसपास उपलब्ध खेतों में काम करता है, भोजन के लिए सब्जियां उगाता है और खाने की अन्य चीजें खोजता है। ऐसा कई बार होता है जब ठंडी, तूफानी हवाएं उसके छोटे से घर की दीवारों से टकराती हैं और रात हो या दिन, वह अपनी चटाई पर पड़ा कांपता रहता है। डांग को पड़ोसी, परिचितों और अजनबियों से भी उसे गोद लेने के प्रस्ताव आ चुके हैं, लेकिन वो हमेशा इनकार कर देता है।
डांग के शिक्षक ने सोशल मीडिया पर उसकी कहानी और वीडियो को
शेयर किया जो वायरल हो गया। इससे दुनियाभर के लोगों का ध्यान उसकी
ओर आकर्षित हुआ। वीडियो वायरल होने के बाद से कई लोगों ने उसे आर्थिक मदद और वस्तुएं उसे भेजी हैं। उसने यह दान स्वीकार कर लिया, लेकिन गोद लिए जाने प्रस्ताव को इनकार कर दिया। उसे लगता है कि वह स्वयं अपनी देखभाल करने में सक्षम है। इस तरह जीना वाकई में कठिन है, लेकिन डांग इसका आदी हो चुका है। अच्छी बात यह है कि इतना कठिन जीवन जीने के बावजूद उसने एक भी दिन स्कूल मिस नहीं किया। वह रोजाना जल्दी उठकर अपने काम निपटाता है, फिर साइकिल से स्कूल जाता है। घर लौटकर रोजमर्रा के काम करता है। इतनी कम उम्र में ही डांग काफी जिम्मेदार बन गया है।
फंडा यह है कि डांग जानता है कि जिंदगी बहुत कीमती है और इसमें उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। इन सबसे लड़ना और जिंदगी पूरी तरह से जीना एक अच्छे इंसान की निशानी है।
‘मेरे डैड की दुल्हन’ के सेट पर लगी आग, श्वेता का हाथ जला
ए क्ट्रेस श्वेता तिवारी इन दिनों सीरियल ‘मेरे डैड की दुल्हन’ में नजर आ रही हैं। इसी शो की शूटिंग के दौरान एक्ट्रेस के साथ सेट पर एक हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि इस हादसे में श्वेता का हाथ जल गया है। इस हादसे के बाद कास्ट और प्रोडक्शन टीम में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन गनीमत ये रही कि आग पर तुरंत ही काबू पा लिया गया, नहीं तो हादसा बड़ा हो सकता था। दरअसल, एक्टर फहमान खान और श्वेता शो के लिए करीना कपूर-शाहिद कपूर की फिल्म ‘जब वी मेट’ का एक सीन रीक्रिएट कर रहे थे। इसमें श्वेता को अपना स्कार्फ और साड़ी जलानी थी और इसी बीच परदे ने अचानक आग पकड़ ली। आग लगती देख श्वेता उसे बुझाने की कोशिश में जुट गईं। इसी क्रम में उनका हाथ जल गया।
15 अप्रैल से पहले होने वाला शतरंज स्थगित
ऑल बिहार शतरंज संघ ने 15 अप्रैल से पहले आयोजित होने वाली दो प्रतियोगिताओं बिहार स्टेट रैपिड व ब्लिट्ज और बिहार स्टेट अंडर-9 शतरंज को तत्काल स्थगित कर दिया है। पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में होने वाली सभी खेल गतिविधियों बंद कर दी गई हैं।
ईस्ट जोन टी-20 डेफ के विनर बने ओडिशा बंगाल
ऊर्जा स्टेडियम में 12से 14 मार्च तक बिहार बधिर क्रीड़ा परिषद के तत्वावधान में आयोजित चतुर्थ ईस्ट जोन टी-20 क्रिकेट ऑफ दि डेफ में ओडिशा व प. बंगाल को संयुक्त रूप से विजेता घोषित किया गया। वहीं बिहार और झारखंड की टीम संयुक्त रूप से उपविजेता बने। बिहार बधिर क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष गिरिजेश एवं मो. अतहर अली ने बताया कि बेस्ट गेंदबाज मो. फैसल, बेस्ट बल्लेबाज शुभांकर ठाकुर को दिया गया।
बिहार क्रिकेट संघ ने भी आयोजन किए बंद
बिहार क्रिकेट संघ के अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि बीसीए द्वारा आयोजित होने वाली सभी घरेलू टूर्नामेंट का आयोजन कराए जाने की जो तिथि घोषित की गई थी। उसपर फिलहाल अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। बिहार सरकार द्वारा कोरोना वायरस से सुरक्षा को लेकर जारी आदेश के बाद यह निर्णय लिया गया। बीसीए किसी प्रकार का घरेलू टूर्नामेंट का आयोजन नहीं करेगी और यह अगले आदेश तक लंबित है।
जिला क्रिकेट के मैच अगले आदेश तक रद्द
कोरोना वायरस के इफेक्ट को देखते हुए पटना जिला क्रिकेट संघ ने भी शनिवार काे आदेश जारी किया है। पटना जिला क्रिकेट संघ के संयुक्त सचिव अरुण कुमार सिंह ने आदेश जारी करते हुए कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए और बिहार सरकार के लिए गए निर्णय के आलोक में तत्काल प्रभाव से शनिवार से जिला क्रिकेट के सारे शिड्यूल को अगले आदेश तक रद्द किया जाता है। इस दौरान किसी भी तरह मैचों और अभ्यास पर भी राेक रहेगा।
एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु [raghu@dbcorp.in]
Glamour
स्थानीय तेल हैं सेहतके लिए फायदेमंद
FOOD Experiment
with Sanjeev Kapoor
‘खड़ताल के साथ तालमेलबिठाने की कोशिश जारी है’
एक्टर सचिन जे. जोशी ने उठाया कन्या शिक्षा का बीड़ा
ऑनस्क्रीन मां अपर्णा कुमार को डेट कर रहे हैं हर्षद अरोरा
15 मार्च से फुलफरास (मधुबनी) में आयोजित होने वाले आजाद कप क्रिकेट टूर्नामेंट को रोक दिया गया है। भागलपुर में 16 मार्च से आयोजित होने वाले भागलपुर प्रीमियर लीग को बंद कर दिया गया है।
भागलपुर प्रीमियर लीग व आजाद कप क्रिकेट टूर्नामेंट पर भी असर
दुनियाभर में फैली महामारी को देखते हुए पाटलिपुत्र खेल परिसर और ऊर्जा स्टेडियम में खेल गतिविधियों को 31 मार्च तक रोक दिया गया जिसकी सूचना स्टेडियम के गेट पर लगी है।
गांधी मैदान में होने वाला फुटबॉल स्थगित
पटना जिला जूनियर फुटबॉल लीग पर भी रोक लग गई है। यह जानकारी पीएफए के सचिव ज्वाला प्रसाद सिन्हा ने दी। इधर बिहार फुटबॉल संघ ने सचिव इम्तियाज हुसैन ने कहा कि 15 मार्च को आयोजित होने वाले गोल्डन बेबी फुटबॉल लीग का वर्कशाॅप और 16 मार्च से डी लाइसेंस कोचेज कोर्स को फिलहाल स्थगित किया जाता है। बिहार राज्य कबड्डी संघ ने शुक्रवार को सारी एकेडमी में अभ्यास बंद करने का आदेश निकाल चुका है।
City Sports
सुरक्षा को देखते हुए ऊर्जा स्टेडियम 31 मार्च तक बंद
ऊर्जा स्टेडियम
पाटलिपुत्र खेल परिसर
पटना, रविवार 15 मार्च , 2020 . 03
Social work
मैनेजमेंट फंडा एन. रघुरामन की आवाज में मोबाइल पर सुनने के लिए 9190000071 पर मिस्ड कॉल करें।
मैनेजमेंट फंडा
मे रे लिए भोजन में विविधता भारत के विभिन्न हिस्सों में बनने वाले विभिन्न प्रकार के व्यंजनों से आती है। व्यंजन में सिर्फ अलग-अलग सामग्री ही नहीं बल्कि सही तरह के तेल का चयन भी बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि तेल डिश के पूरे स्वाद को बदल देता है। कुछ तेलों के बारे में कई गलत धारणाएं हैं, जैसे कि सरसों का तेल, नारियल तेल, तिल का तेल, आदि में बहुत कैलोरीज होती हैं, लेकिन किसी भी तेल के 1 ग्राम में केवल 9 कैलोरी होती है। जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों का तेलों पर बड़ा प्रभाव पड़ता है। मैं उत्तर भारत में बड़ा हुआ हूं और मैंने वहां सरसों के तेल में पका हुआ खाना खाया है, जबकि मेरी बेटियां मुंबई में ज्यादातर मूंगफली और सूरजमुखी के तेल में पके खाने का सेवन करती हैं। मेरे हिसाब से आप जिस जगह पर हैं आपको उसके हिसाब से तेल का सेवन करना चाहिए क्योंकि विभिन्न कारक आपके पाचन को प्रभावित करते हैं। इसलिए जब भी मैं यात्रा करता हूं, तो उसी क्षेत्र के स्थानीय खाना पकाने के तेलों का उपयोग करके विभिन्न व्यंजन बनाने की कोशिश करता हूं। इसलिए, मैं आपके साथ विभिन्न तेलों की कुछ जानकारी साझा करने जा रहा हूं।
सरसों का तेल- इसमें आवश्यक विटामिन और मिनरल्स हैं। यदि आप उत्तर या पूर्व भारत से हैं तो आपके लिए ये सबसे अच्छा ऑप्शन है क्योंकि यह अधिक मात्रा में उपलब्ध है। इसका स्वाद तीखा है, इसलिए इसे तब तक गर्म करें जब तक ये स्मोकी न हो जाए फिर इसे आवश्यकतानुसार उपयोग करें।
नारियल तेल- यह दक्षिण भारत में पहले से ही प्रधान है। इसमें ऐसे फैट्स मौजूद हैं जो आपको वजन घटाने और आपके चयापचय को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। आजकल, कोल्ड प्रेस्ड नारियल तेल विभिन्न स्वास्थ्य लाभों के कारण लोकप्रिय है।
मूंगफली का तेल- पश्चिम भारत के लोग आमतौर पर इस तेल का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि सबसे अच्छी मूंगफली गुजरात से आती है। इसमें भरपूर एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं जो हानिकारक कणों से लड़ते हैं।
तिल का तेल- इसे जिंजेली तेल भी कहा जाता है। यह ओमेगा 6 फैटी एसिड में समृद्ध है जो हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं। यह आमतौर पर तमिलनाडु, केरल और कई अलग-अलग दक्षिण एशियाई देशों में ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। मुझे व्यक्तिगत रूप से ये तेल इसके स्वाद और सुगंध की वजह से बहुत पसंद है।
इसका ये मतलब यह नहीं है कि आप उन तेलों का चयन नहीं कर सकते जो आपके क्षेत्र के नहीं हैं। बेशक, आप विभिन्न अन्य तेलों जैसे कि जैतून का तेल, चावल की भूसी का तेल, सूरजमुखी का तेल आदि का सेवन भी कर सकती हैं। लेकिन, लोकल लोगों को अधिकतम स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के लिए स्थानीय तेल इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
अभिनेता सचिन जे. जोशी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर कन्या शिक्षा का समर्थन किया है। वे इस बारे में कहते हैं....‘एक दिल छू लेने वाला वीडियो देखने के बाद मुझे पता चला कि भारत के ग्रामीण भागों में 100 में से केवल एक लड़की को स्कूल जाने की अनुमति है। कई को शिक्षा के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। मैं वादा करता हूं कि मैं निरतंर महिला सशक्तिकरण के लिए कार्यरत रहूंगा। यह एक शपथ है कि मैं बिग ब्रदर फाउंडेशन के माध्यम से 100 लड़कियों को पढ़ाई शुरू करने में मदद करने का वादा करता हूं।
heard This...
Sanjay says...
फहमान ने हादसे के बारे में बताया कि...
‘शूटिंग के दौरान उन्होंने ‘गुनीत’ यानी श्वेता को डेट का सारा गुस्सा निकालने के लिए अपनी साड़ी और स्कार्फ जलाने की सलाह दी। इसकी शूटिंग के समय वह ‘जब वी मेट’ का सीन रीक्रिएट कर रहे थे तो सेट पर काफी मस्ती चल रही थी, लेकिन अचानक आग परदे पर लग गई, जिसे बुझाने के चक्कर में श्वेता तिवारी का हाथ झुलस गया। जब श्वेता आग बुझा रही थीं, तो सभी को लगा कि वह अपने सीन में सुधार कर रही हैं, लेकिन जब उनका हाथ जलने लगा तो टीम ने मदद करते हुए आग पर काबू पाया और उनकी मदद की। श्वेता मैम का हाथ जल गया था, उसके बावजूद भी उन्होंने शूटिंग पूरी की। हालांकि, अभी तक श्वेता तिवारी का इस मामले पर कोई बयान नहीं आया है।
संजय आगे कहते हैं... भाव के साथ-
साथ डायलाॅग बोलने के दौरान कई बार मेरा ध्यान भटक जाता है। लेकिन सच कहूं तो कोई यह नहीं कह सकता है कि मैं उससे तालमेल बिठाने की कोशिश कर रहा हूं। मुझे पूरी उम्मीद कि मैं जल्द ही इसमें माहिर हो जाऊंगा। माइथोलॉजिकल किरदार निभाने का यह मेरा पहला मौका है और मेरे लिए यह अनुभव काफी अच्छा रहा है।
एक्टर संजय कौशिक सीरियल ‘कहत हनुमान जयश्रीराम’ में ऋषिमुनि नारद का किरदार निभा रहे हैं। शो की शूटिंग के दौरान उन्हें पूरे समय ‘खड़ताल’ लिए रहना पड़ता है। यह एक प्राचीन वाद्य है। नारद के किरदार के लिए यह एक मुख्य प्राॅप होता है। इस बारे में संजय बताते हैं,
‘मुझे म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने में दिलचस्पी रही है। हालांकि खड़ताल लेकर शूटिंग करना मेरे लिए थोड़ा मुश्किल हो गया है। इसमें हाथ के काफी सारे मूवमेंट करने पड़ते हैं, लेकिन कई बार मुझे दोनों के साथ तालमेल बिठाने में परेशनी होती है।’
अपनी शादी की खबर पर बात करते हुए हर्षद ने स्पॉट ब्वॉय को बताया,
जी हां, हम एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं। मगर हमारी शादी नहीं हुई है’। तस्वीर में दिख रहे सिंदूर पर उन्होंने कहा, ‘ये उनके शो (नागिन 4) का मेकअप है। जब हम शादी करेंगे तो आपको पता चल जाएगा’। हर्षद जनवरी में भी अपने इंस्टाग्राम से अपर्णा की तस्वीर शेयर करते हुए अपने रिलेशनशिप का हिंट दे चुके हैं। इसके अलावा अपर्णा भी लगातार हर्षद के साथ वाली तस्वीरें पोस्ट करती रहती हैं। रिपोर्ट के अनुसार हर्षद और अपर्णा साल 2008 से रिलेशनशिप में हैं।
‘बेइंतहा’ से फेम एक्टर हर्षद चोपड़ा अपने रिलेशनशिप की खबरों से सुर्खियों में हैं। हर्षद ने ‘नागिन 4’ एक्ट्रेस अपर्णा कुमार के साथ अपने रिलेशन की खबर को कन्फर्म कर दिया है। दोनों साल 2018 में आए एक सीरियल में साथ नजर आ चुके हैं जिसमें अपर्णा ने हर्षद की मां का किरदार निभाया था। इसी शो में दोनों की पहली मुलाकात हुई थी।
हाल ही में एक्ट्रेस अपर्णा कुमार ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से होली सेलिब्रेशन की एक तस्वीर शेयर की है। इस तस्वीर में उनके साथ हर्षद भी नजर आ रहे हैं। सामने आई तस्वीर में अपर्णा की मांग में सिंदूर लगा हुआ है जिसके बाद से ही खबरें हैं कि दोनों ने गुपचुप शादी कर ली है।
‘लव का दी एन्ड’, ‘गिप्पी’, ‘बार बार देखो’ और ‘रांची डायरी’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके ताहा शाह अब हॉलीवुड में लीड रोल से एंट्री करने जा रहे हैं। इस फिल्म का नाम ‘द्रौपदी अनलीश्ड\\\' है। ताहा काफी समय से बॉलीवुड के साथ हॉलीवुड फिल्में भी करना चाह रहे थे। ‘द्रौपदी अनलीश्ड\\\' से उनका यह सपना पूरा हुआ और वह इसमें बिल्कुल नए अवतार में नजर आएंगे। अपनी पहली हॉलीवुड आउटिंग के बारे में ताहा कहते हैं, ‘यह मेरा पहला कदम है। इसलिए यह फिल्म मेरे दिल के करीब रहेगी।
‘द्रौपदी अनलीश्ड\\\' से ताहा करेंगे हॉलीवुड में अपनी शुरुआत
In a lead Role...
सिटी रिपोर्टर. पटना
कोरोना वायरस से सुरक्षा के लिए बिहार सरकार द्वारा जारी निर्देश के बाद प्रदेशभर के खेल आयोजनों पर प्रभाव पड़ता दिखा रहा है। खेल संघों के पदाधिकारियों ने भी इसे लेकर अपने-अपने आदेश जारी किए हैं। इसके तहत पटना के ऊर्जा स्टेडियम को 31 मार्च तक बंद कर दिया गया है। पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित होने वाली सभी तरह की खेल गतिविधियों और मॉर्निंग वाॅक को बंद कर दिया गया है। ऊर्जा स्टेडियम के बंद होने जाने के कारण दो बड़े खेल तत्काल स्थगित हो जाएंगे। इस स्टेडियम में 17 मार्च से अखिल भारतीय सुखदेव नारायण मेमोरियल अंतर स्कूल क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन होना था। इसकी सारी तैयारियां पूरी कर ली गईं थीं। 24 मार्च से इस स्टेडियम में वशिष्ठ नारायण मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन होना था। इसकी भी तैयारी पूरी कर ली गई थी। इन दोनों आयोजनाें पर फिलहाल ब्रेक लग गया। कोरोना वायरस के कारण ही विष्णुदेव बाबू मेमोरियल टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट को शनिवार से ही रोक दिया गया है।