...और नौटंकी से ब्याह करने के लिए फूल सिंह स्त्री का वेश धर पहुंचता है उसके पास

Patna News - …..अगर इतना ही वीर हो, तो नौटंकी से ब्याह करके दिखाओ, बस यह बात फूल सिंह को लग जाती है और वह घर छोड़कर प्रेम नगर की राह...

Nov 11, 2019, 09:31 AM IST
…..अगर इतना ही वीर हो, तो नौटंकी से ब्याह करके दिखाओ, बस यह बात फूल सिंह को लग जाती है और वह घर छोड़कर प्रेम नगर की राह पकड़ता है। राजमहल की बूढ़ी मालिन को प्रभावित करके राजकुमारी के लिए सुंदर माला बनाता है जिसको देखकर राजकुमारी चकित रह जाती है। पूछने पर मालिन बताती है कि उसकी भतीजी ने यह माला बनाया है। इस झूठ को छिपाने के लिए फूल सिंह स्त्री के वेश में नौटंकी के शयन कक्ष में पहुंचाता है जिसकी आवाज और सुंदरता को देख नौटंकी मोहित हो जाती है और फूल सिंह को खास सखी बना लेती है। वह इतनी प्रभावित होती है कि कहती है अगर फूल सिंह पुरुष होता तो फौरन विवाह कर लेती। इसको सुनने के बाद फूल सिंह अपनी हकीकत बताता है। शुरू में नौटंकी नाराज होती है लेकिन फिर प्यार में रम जाती है। लेकिन जैसे ही फूल सिंह की असलियत पता चलती है उसे सजा के रूप में मृत्युदंड दिया जाता है। नौटंकी वधशाला में पहुंचती है। विद्रोह करती है और फूल सिंह के साथ ही मरना चाहती है। पिता हरिसिंह अंत में झुक जाते हैं और दोनों की शादी हो जाती है। बिहार की लोक कथाओं और किंवदंतियों पर आधारित नाटक फुल नौटंकी विलास रवीन्द्र भवन में रविवार को मंच पर उतारा गया। कलाकारों ने अपने-अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया। ऑडिएंश नाटक के दौरान पूरी तरह मंच और पात्रों से जुड़ी रही। कलाकारों में संजय सिंह, शांति प्रिया, अरविंद कुमार, अर्पिता घोष, सोमा चक्रवर्ती, प्रीति कुमारी, प्रीति शर्मा, अमिताभ रंजन और अन्य शामिल थे।

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