पटना / अनंत सिंह पर एक और केस, लुकआउट नोटिस की तैयारी, विधायक के विदेश भागने का शक



X

  • सरकारी मोबाइल का लोकेशन लेती रही पुलिस, वारंट के चक्कर में भागने का मौका भी दिया
  • एके-47 और ग्रेनेड बरामदगी में बढ़ीं मुश्किलें, बॉडीगार्ड भी वापस लिया गया 

Dainik Bhaskar

Aug 19, 2019, 06:40 PM IST

पटना. मोकामा के विधायक अनंत सिंह के लदमा स्थित घर से प्रतिबंधित एके-47 व हैंड ग्रेनेड बरामद होने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की तैयारी है। पुलिस को शक है कि विधायक विदेश भी भाग सकते हैं। इसको देखते हुए पटना पुलिस, पुलिस मुख्यालय को सूचना देने जा रही है। 

 

पुलिस मुख्यालय इसे सीबीआई दिल्ली को भेजगी। वहां सीबीआई के इंटरपोल विंग से लुकआउट नोटिस जारी होगा। वैसे पुलिस की नजर पटना एयरपोर्ट के साथ ही राजधानी में उनके और उनके समर्थकों के अड्‌डों पर सहित गया, रांची, समेत अन्य शहरों पर भी है। पुलिस उस होंडा सिटी का भी सुराग लगाने में जुटी है, जिससे विधायक शनिवार रात आवास से फरार हुए थे। इस बीच पटना पुलिस ने उनका तीनों बॉडीगार्ड वापस ले लिया है। 

 

अनंत सिंह की तलाश में पुलिस ने रिश्तेदार के घर मारा छापा
बाढ़, बख्तियारपुर और खुसरुपुर थाने की पुलिस ने सोमवार को अनंत सिंह के रिश्तेदार ललित सिंह के घर पर छापा मारा, लेकिन वह नहीं मिले। ललित सिंह अनंत सिंह के बहनोई हैं। उनका घर खुसरूपुर के जगमाल बीघा में है।

 

अनंत सिंह व उनकी पत्नी पर अपराधी को संरक्षण देने का मुकदमा 
अनंत और उनकी पत्नी नीलम देवी पर सचिवालय थाने में बाढ़ थानाध्यक्ष संजीत कुमार के बयान पर अपराधी को संरक्षण देने का केस दर्ज किया गया। थानेदार ने कहा है कि शनिवार देर रात विधायक के आवास से छोटन सिंह उर्फ रामनंदन सिंह को पकड़ा गया। वह बाढ़ थाने में दर्ज हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के मामले में फरार था। विधायक की पत्नी ने भी उसके बारे में सही जानकारी नहीं दी। खुसरुपुर निवासी छोटन सिंह ने भी अपना नाम और पता गलत बताया। 

 

पुलिस नेपाल सीमा तक अलर्ट पर रही, अनंत सिंह ने यहीं किसी गांव से जारी किया वीडियो 
पुलिस पूरे दल-बल के साथ विधायक अनंत सिंह के आवास पर छापेमारी कर रही, नेपाल सीमा तक थानों को अलर्ट करने का दावा कर रही और वह यहीं किसी गांव से वीडियो जारी कर कह रहे कि वह भागे नहीं हैं। बीमार दोस्त को देखने आए हैं। चार दिन में सरेंडर कर देंगे। 3 मिनट 11 सेकंड का यह वीडियो फरार होने के बाद रविवार को आया। वीडियो किसी गांव के पुराने मकान का है। वीडियो में उनका एक करीबी सवाल पूछ रहा है और विधायक जवाब दे रहे हैं। 

 

अनंत सिंह की बातें, उन्हीं के शब्दों में 
गिरफ्तारी से हम नहीं घबराते हैं। एगो दोस्त हमरा बीमार हो गया था। उसी को देखने आए हैं। दो-तीन दिन का समय लगेगा। चौठा दिन सरेंडर कर देंगे। 14 साल से हम घर नहीं गए हैं। लिपि सिंह खुद अपने ले गए हैं। दुश्मन का घर एक है। एक प्लॉट में हैं। हम वहां जाकर एके-47 रख देंगे? मुख्यमंत्री से मिलने के लिए 10 झोंक समय मांगे, समय नहीं मिला। दोस्त बीमार पड़ गया, हम देखने चल आए। कोर्ट के शरण लेंगे। दोस्त बीमार पड़ गया है, उसी में ओझड़ा गए हैं। कोर्ट में हाजिर होकर सरेंडर कर जाएंगे। यहां से फ्लैट जाएंगे। वहां पत्रकार से मिलेंगे, फिर कोर्ट में सरेंडर कर देंगे। कम से कम तीन दिन और ज्यादा से ज्यादा चार दिन में सरेंडर कर देंगे। 

लदमा से एक बीमारी को पकड़ कर ले गए। एक केस में जो पुलिस छोटन सिंह को ले गया, वह केस हमपर खत्म हो गया। उसी केस में हमपर गोली चलाने का आदेश देने का केस है, यह केस खत्म हो गया। गोली चलाने का केस हमरा कुटुंब छोटन पर है। उसी केस में हमरा फ्लैट से छोटन को गिरफ्तार कर ले गए। कह रहा है छोटन अपराधी है। छोटा-छोटा केस खत्म कर दिए ताकि दुनिया जाने कि लिपि सिंह (बाढ़ की महिला एएसपी) न्याय करता है। इस केस में बेल होने वाला था। उस केस को खत्म कर दिया। ऑडियो-फोडियो जो हुआ, हम नहीं जानते। हमको कोर्ट पर भरोसा है, न्यायालय पर। हम कभी न चोरी किए, चमारी किए। न कभी गोली चलाए न बारूद चलाए। न मेरे हाथ में कुछ मिला। 14 साल से हम घर नहीं गए। कौन केकरो घर में क्या बीग (फेंक) देगा, कौन जानता है। 

 

केयरटेकर से होगी पूछताछ 
इस मामले में लदमा से गिरफ्तार विधायक के पुश्तैनी मकान के केयरटेकर सुनील राम को पुलिस ने जेल भेज दिया। पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। सूत्रों के अनुसार पुलिस सुनील से इस बात की जानकारी लेगी कि एके-47 व हैंड ग्रेनेड कहां से आए। उधर विधायक आवास से गिरफ्तार उनके करीबी छोटन सिंह को भी पुलिस रिमांड पर ले सकती है। छोटन शातिर शूटर है। उसपर कई संगीन मामले दर्ज हैं। अनंत सिंह के करीबियों का कहना है कि अनंत सिंह के सारे राज छोटन जानता है। 

 

एके-47 व हैंड ग्रेनेड की जांच के लिए एनआईए को लिखा पत्र 
विधायक अनंत सिंह के घर से एके-47 व हैंड ग्रेनेड बरामद होने के मामले को पुलिस मुख्यालय ने भी गंभीरता से लिया है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस मुख्यालय ने एनआईए को भी इस बाबत जांच करने के लिए पत्र लिखा है। बताया जा रहा है कि यह जबलपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से चुराए गए पाट‌्र्स से एके-47 को एसेम्बल किया गया है। मुंगेर में इस तरह की दो दर्जन से अधिक एके-47 बरामद की गई थी। इसकी जांच भी एनआईए कर रही है। 

उधर, इसकी जांच मुंगेर पुलिस भी करेगी। मुंगेर के हथियारों के सौदागर मंजर आलम उर्फ मंजीत ने जबलपुर से चोरी किए गए पाट‌्र्स को एसेम्बल कर एके-47 बनवाई थी। पटना के बुद्धा कॉलोनी से पिछले साल 9 अक्टूबर को गिरफ्तार मंजीत ने पूछताछ में बताया था कि उसने कई बाहुबलियों व नक्सलियों को एके-47 सप्लाई की थी। मुंगेर के डीआईजी मनु महाराज ने बताया कि पुलिस जेल में बंद तस्करों से पूछताछ करेगी कि क्या विधायक को भी एके-47 सप्लाई की गई थी? 

 

एटीएस व सेना का इंटेलिजेंस ब्यूरो भी तफ्तीश में जुटा 
शनिवार की रात दोनों हैंड ग्रेनेड को डिफ्यूज करने से पहले एटीएस ने भी गहराई से छानबीन की। एटीएस इस बात की जांच करने में जुटी है कि आखिर प्रतिबंधित हैंड ग्रेनेड विधायक के पास कहां से आया। उधर सेना का इंटेलिजेंस ब्यूरो हैंडग्रेनेड पर लिखे सीरियल नंबर से यह पता लगाने में जुटी है कि यह कहां का है। इसकी जानकारी मिल जाने क बाद ब्यूरो उस शख्स तक पहुंचेगी जिसने विधायक को यह हैंड ग्रेनेड दिया। 

 

बिना नंबर की कार से निकल गए विधायक 
यूएपीए जैसी संगीन धाराओं में केस दर्ज करने के बाद भी पुलिस ने शनिवार को विधायक अनंत सिंह को फरार होने का मौका दे दिया। पुलिस बाढ़ कोर्ट में गिरफ्तारी वारंट का आवेदन देने के साथ ही उनके पटना स्थित सरकारी आवास की घेराबंदी कर देती तो फरार होने का मौका नहीं मिलता। कानून के जानकारों की मानें तो इस संगीन मामले में पुलिस को वारंट लेने की जरूरत नहीं थी। पुलिस ने फूंक-फूंककर कदम रखने के चक्कर में विधायक को इतना समय दे दिया कि वे निकल भागे। 

 

पुलिस उनके सरकारी मोबाइल के टावर का लोकेशन लेती रही और वे मोबाइल अपने आवास में ही छोड़कर भाग गए। हालांकि पुलिस शनिवार की रात बिना वारंट के ही उनके आवास पर छापेमारी करने पहुंची थी। यही कार्रवाई अगर पुलिस लदमा से एके 47 और हैंडग्रेनेड बरामद होने के तत्काल बाद कर देती तो यह किरकिरी नहीं होती। पटना पुलिस के वरीय अधिकारियों का कहना है कि वे पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर काम कर रहे थे। पूरे प्रकरण में पुलिस मुख्यालय और पटना पुलिस के बीच समन्वय की कमी दिखी। 

 

अनंत सिंह शनिवार को बिना नंबर की होंडा सिटी कार से फरार हुए थे। यह कार विधायक के किसी करीबी की है। कहा तो यह भी जा रहा है कि पुलिस की नजर से बचने के लिए कार का रजिस्ट्रेशन नंबर हटाया गया था। विधायक के सिक्योरिटी गार्ड ने कहा कि एक कार आवास के पीछे वाले गेट के पास चालक लेकर आया था। उसी से वे निकल गए। वे कहां गए, इसकी जानकारी नहीं है। 
 
करीबियों के तीन दर्जन मोबाइल सर्विलांस पर 
रविवार को भी पुलिस उनके आवास पर कैंप कर रही थी। पुलिस ने उनकी पत्नी समेत उन लोगों से पूछताछ की जो उनके आवास में काम करते हैं। विधायक के 3 दर्जन करीबियों का मोबाइल सर्विलांस पर रख लिया है। आवास के बाहर दो पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। 

 

दामाद करते रहे फोन नहीं मिला जवाब 
अनंत सिंह के दामाद दिल्ली में रहते हैं। अनंत की पत्नी के मोबाइल पर बार-बार दामाद का फोन आ रहा था। वह ससुर का हाल जानना चाहते थे। करीब आठ-दस कॉल आए। विधायक की पत्नी का मोबाइल पुलिस के पास था। 

 

DBApp

 

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना