पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मॉब लिंचिंग के पीछे असामाजिक तत्वों का हाथ

2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पटना सिटी। मॉब लिंचिंग की घटनाओं की रोकथाम व अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील के साथ डीएम कुमार रवि और एसएसपी गरिमा मल्लिक बुधवार को सुल्तानगंज थाना पहुंचीं।

उन्होंने लोगों से कहा कि बच्चा चोर बता कर मॉब लिचिंग में अभी तक असामाजिक व शरारती तत्वों हाथ देखा गया है। इसपर पूरी तरह से अंकुश लगाना बेहद जरूरी है। इसके लिए युवाओं व समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। इस दौरान उन्होंने चोरी का मोबाइल खरीदने के शक में भीड़ के हत्थे चढ़े एक नाबालिग की जान बचाने में सक्रिय भूमिका निभाने वाले मेराज व हामिद को शील्ड व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। पीड़ित नाबालिग ने अधिकारियों के समक्ष बताया कि दो अगस्त को काफी संख्या में लोग हाथों में हाकी स्टिक और डंडा लिए मेवा साव लेन पहुंचे और एक युवक को पीटने लगे। नाबालिग को बचाने के लिए जब उसके परिवार के लोग पहुंचे तब उस पर भी हमला बोल दिया। पड़ोस में रहने वाले मो. मेराज तथा मो. हामिद भीड़ के बीच पहुंचे और नाबालिग को भीड़ के बीच से बाहर निकाल कर उसकी जान बचाई। इस दौरान भीड़ में इन दोनों को भी चोटें लगी। लेकिन उन्होंने जान पर खेल कर नाबालिग को बचा लिया। फिर दोनों मामले को लेकर सुल्तानगंज थाना पहुंचे। पीड़ित के पिता टेंट कारोबारी दिलीप कुमार चौधरी ने कहा कि दोनों युवकों की वजह से उनके बेटे की जान बची गई। एसएसपी ने कहा कि जब किसी को जरूरत हो वह सीधे मुझसे भी बात कर मामले की जानकारी दे सकता है। मौके पर एसडीओ राजेश रौशन, एएसपी मनीष कुमार, थानाध्यक्ष बीके शाही, गणेश कुमार, आरजू बेगम, विनोद कुमार, प्रिंस पाठक, रमेश रजक आदि मौजूद रहे।

खबरें और भी हैं...