बिहार / 71 हजार स्कूलों में 1 लाख प्रारंभिक शिक्षकों के नियोजन आवदेन की तिथि 23 नवंबर तक बढ़ी

सचिवालय, पटना। सचिवालय, पटना।
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सचिवालय, पटना।सचिवालय, पटना।

  • पहले आवेदन की अंतिम तिथि 9 नवंबर निर्धारित थी
  • 29 जनवरी 2020 तक बंट जाएगा नियोजन पत्र
  • शिक्षक नियोजन में आरक्षित कोटि के उम्मीदवारों को निर्धारित सीमा से अतिरिक्त छूट नहीं

दैनिक भास्कर

Nov 08, 2019, 07:50 PM IST

पटना. राज्य के 71 हजार प्रारंभिक स्कूलों में लगभग एक लाख शिक्षकों के नियोजन के लिए के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 9 नवंबर से बढ़ाकर 23 नवंबर कर दिया गया है। आवेदन के लिए टीईटी 2017 और केन्द्रीय सीटीईटी (सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) में सामान्य वर्ग के पुरुष को 60 प्रतिशत अंक चाहिए। पिछड़ा, अतिपिछड़ा वर्ग के पुरुष अभ्यर्थी के साथ ही सभी कोटि की महिला अभ्यर्थी, एससी-एसटी और दिव्यांग अभ्यर्थी के लिए 55 प्रतिशत अनिवार्य है। एससी-एसटी और नि:शक्त कोटि के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होना चाहिए। आवेदन बढ़ाने संबंधी सूचना शुक्रवार को प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने जारी की। सभी प्रक्रिया पूरी कर नियोजन इकाई द्वारा जनवरी 2020 तक चयनित अभ्यर्थियों को नियोजन पत्र देने लक्ष्य रखा गया है।

 

महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण
महिला अभ्यर्थियों को 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत, दिव्यागजनों को 4 प्रतिशत और स्वतंत्रता सेनानी के पोता, पोती, नाती व नतिनी को 2 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। एससीएसटी, पिछड़ा व अतिपिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकार के नियमानुसार आरक्षण का लाभ मिलेगा। नियोजन में 2012 और 2017 में प्रारंभिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण 1,11,484 अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा। शिक्षा विभाग ने 2012 में टीईटी उत्तीर्ण 65,984 अभ्यर्थियों की वैद्यता 14 मई 2021 तक बढ़ा दी है।

 

इंजीनियरिंग उत्तीर्ण भी बन सकते हैं मध्य विद्यालय में गणित व साइंस के शिक्षक
इंजीनियरिंग, बायोटेक स्नातक, बीसीए डिग्रीधारी और बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स उत्तीर्ण अभ्यर्थी भी मध्य विद्यालय में गणित व साइंस के शिक्षक बन सकते हैं। बीकॉम पास सामाजिक विज्ञान के शिक्षक बन सकेंगे। सामाजिक विज्ञान के शिक्षक बनने के लिए इतिहास और भूगोल के साथ ही राजनीतिशास्त्र, दर्शनशास्त्र, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान में स्नातक भी आवेदन कर सकेंगे।

 

हिंदी और अंग्रेजी शिक्षक के लिए हिंदी और अंग्रेजी में स्नातक होना जरूरी है। संस्कृत भाषा के शिक्षक के लिए संस्कृत में स्नातक या शास्त्री की डिग्री आवश्यक कर दिया गया है। उर्दू शिक्षक के लिए आलीम की डिग्री या उर्दू भाषा में स्नातक जरूरी है।

 

मध्य विद्यालयों (कक्षा 6 से 8 तक) में शिक्षक नियोजन के लिए इंजीनियरिंग, बायोटेक स्नातक, बीसीए आदि डिग्री के साथ बीएड और टीईटी उत्तीर्णता आवश्यक रखा गया है। 2012 में टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को 2 साल की छूट दी गई है। टीईटी उत्तीर्ण होने की तिथि से इसकी मान्यता 7 साल ही रहती है, लेकिन पिछले दो साल से अधिक समय से नियोजन बाधित होने के कारण छूट मिली है। 2012 में टीईटी पास किए 65 हजार भी आवेदन कर सकेंगे। 2017 में करीब 46 हजार टीईटी उत्तीर्ण हुए थे।

 

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