--Advertisement--

तैयारी / एसएसबी, सीबीएसई व राजीवनगर थाने को आवंटित दीघा की जमीन पर कब्जा दिलाएगा प्रशासन

Dainik Bhaskar

Jan 12, 2019, 11:28 AM IST


ashiana digha land dispute patna dm say administration will remove encroachment
X
ashiana digha land dispute patna dm say administration will remove encroachment

डीएम ने अधिकारियों के साथ की बैठक, एसपी, एसडीओ व विधि व्यवस्था दंडाधिकारी को योजना बनाने का सौंपा जिम्मा

पटना.  आशियाना-दीघा रोड के पश्चिम 6 एकड़ जमीन पर एसएसबी, सीबीएसई और राजीवनगर थाने को निर्माण कार्य शुरू करने के लिए जिला प्रशासन कब्जा दिलाएगा। यहां बिहार राज्य आवास बोर्ड ने एसएसबी को 2.5 एकड़, सीबीएसई को 2.5 एकड़ और राजीवनगर थाने को 1 एकड़ जमीन आवंटित की है। इन आवंटियों ने बोर्ड के खाते में पैसा जमा करा दिया है। यह जमीन आशियाना-दीघा रोड के 400 एकड़ क्षेत्र में है। 

 

एसएसबी और सीबीएसई की जमीन आशियाना-दीघा रोड से पश्चिम की तरफ जाने वाले घुड़दौड़ रोड और पोलसन रोड के मुहाने पर है। जबकि राजीवनगर थाने की जमीन वर्तमान राजीवनगर थाने से दक्षिण आशियाना-दीघा रोड पर है। शुक्रवार को समाहरणालय में समीक्षा बैठक करने बाद डीएम कुमार रवि ने कहा कि तीनों संस्थाओं को आवंटित जमीन पर दखल कब्जा दिलाने के लिए योजना बनाने का निर्देश नगर पुलिस अधीक्षक डी अमरकेश, अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था कृष्ण कन्हैया प्रसाद सिंह व अनुमंडल पदाधिकारी सुहर्ष भगत को दिया गया है। दखल-कब्जा दिलाकर जमीन की घेराबंदी सुनिश्चित करना है।

 

अफवाह रोकने के लिए दिया निर्देश
डीएम ने कहा कि अनुमंडल पदाधिकारी को राजीवनगर थाने में दीघा के स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर जिला प्रशासन के निर्णय से अवगत कराने का निर्देश दिया गया है। अफवाह को रोकने के लिए यह बताना जरूरी है कि केवल एसएसबी, सीबीएसई और राजीवनगर थाने के लिए आवास बोर्ड द्वारा आवंटित 6 एकड़ जमीन पर दखल-कब्जा दिलाकर घेराबंदी कराई जाएगा ताकि इन संस्थानों का कार्यालय खुल सके।

 

एक भी किसान को नहीं मिला मुआवजा
आशियाना-दीघा रोड के पश्चिम 400 एकड़ जमीन का मुआवजा यानी अनुग्रह राशि लेने के लिए 339 किसानों और वर्तमान जमीन के मालिकों ने आवास बोर्ड के समाधान केंद्र पर आवेदन जमा किया है। लेकिन आज तक एक भी किसान को मुआवजा नहीं मिला है। एसएसबी, सीबीएसई और राजीवनगर थाने को अावंटित 6 एकड़ जमीन का मुआवजा लेने के लिए 9 परिवारों ने आवेदन जमा किया है। इन्हें भी मुआवजा नहीं मिला है। बोर्ड के प्रबंध निदेशक अमरेंद्र प्रसाद ने कहा कि कागज की जांच के बाद एक किसान को मुआवजा भुगतान करने के लिए 1.28 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे। लेकिन, कोर्ट में टाइटिल विवाद चलने के कारण भुगतान नहीं किया गया है। फैसला आने के बाद भुगतान होगा। शेष किसानों के दस्तावेज की जांच चल रही है।

 

पिछली बार लोगों व पुलिस में हुई थी भिड़ंत 
आवास बोर्ड द्वारा इन्हीं तीन संस्थानों को आवंटित जमीन का दखल-कब्जा दिलाने 5 सितंबर 2017 को जिला प्रशासन की टीम राजीवनगर स्थित घुड़दौड़ रोड गई थी। इस दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध में तीन जेसीबी सहित एक पुलिस की जीप जला दी थी। पुलिस ने 50 राउंड से अधिक फायरिंग की थी। इस घटना में दीघा के थानेदार समेत 15 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। एक दर्जन स्थानीय लोगों को चोटें आई थीं।

किसानों ने कहा- जान दे देंगे, मगर जमीन नहीं
इधर अखिल भारतीय बाढ़, सुखाड़ एवं कटाव-पीड़ित संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामभजन सिंह यादव ने कहा कि दीघा के किसान अपनी जान देने को तैयार हैं, लेकिन जमीन नहीं देंगे। किसान और स्थानीय लोग 467 दिनों से सत्याग्रह कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांग नहीं सुन रही है। आवास बोर्ड जबरन जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। बोर्ड ने 1974 में 1024.52 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। 

 

आज तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला। बोर्ड का दखल-कब्जा नहीं है। केंद्र सरकार के नए भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के अनुसार दीघा के किसानों की जमीन अधिग्रहणमुक्त हो चुकी है। दीघा कृषि भूमि आवास बचाओ संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष श्रीनाथ सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन 5 सितंबर 2017 की घटना को दोहराने का प्रयास कर रही है। जिला प्रशासन को संघर्ष समिति चेतावनी देना चाहती है कि किसानों को मुआवजा दिए बगैर जमीन कब्जा करने का कदम नहीं उठाए।

Astrology
Click to listen..