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सस्ते सेनेटरी नैपकिन की उपलब्धता बड़ी चुनौती

Patna News - महिला विकास निगम और यूनिसेफ द्वारा शनिवार को माहवारी-स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रबंधन विषय पर राज्यस्तरीय...

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 04:40 AM IST
Patna News - availability of cheap sanitary napkins is a big challenge
महिला विकास निगम और यूनिसेफ द्वारा शनिवार को माहवारी-स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रबंधन विषय पर राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। होटल पाटलिपुत्र अशोक में आयोजित इस कार्यक्रम में गैर सरकारी संस्थानों और जन संगठनों ने भाग लिया।

निगम की प्रबंध निदेशक डॉ एन विजय लक्ष्मी ने कहा कि हम सबको मिलजुल कर सोचना होगा कि कैसे माहवारी के प्रबंधन और इससे जुड़ी सरकारी योजनाओं को सही तरीके से कार्यान्वित किया जा सके। बिहार में 22 प्रतिशत किशोरियां हैं। उनमें से 10 से 15 साल की किशोरियाें की संख्या 50 प्रतिशत है। सस्ते सेनेटरी नैपकिन की उपलब्धता बड़ी चुनौती है। बिहार में माहवारी के दौरान दो दिनों की छुट्टी भी महिलाओं को दी जाती है। परियोजना निदेशक रूपेश सिन्हा ने कहा कि पिछले साल एडोलसेंट सेल की स्थापना यूनिसेफ के सहयोग से की गई थी। बेटियों के योजनाओं और बेहतरी के लिए महिला विकास निगम इसके लिए नोडल एजेंसी है।

यूनिसेफ दिल्ली की स्वच्छता विशेषज्ञ डॉ प्रतिभा सिंह ने कहा कि माहवारी को लेकर एक चुप्पी की संस्कृति है और इसे हमारे समाज में एक वर्जित विषय माना जाता है। नतीजतन, माहवारी और युवावस्था से जुड़े मनोवैज्ञानिक परिवर्तनों की शारीरिक विज्ञान और प्रक्रिया पर हमारी जानकारी काफी कम है। कार्यशाला के उद्देश्य के बारे में बताते हुए यूनिसेफ बिहार के स्वच्छता विशेषज्ञ डॉ प्रभाकर सिन्हा ने कहा कि इस एक कार्यशाला में हम विभिन्न नागरिक संगठनों के साथ मिलकर बिहार में माहवारी प्रबंधन के विभिन्न मुद्दों पर बात करेंगे। मौके पर व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ मोना सिन्हा, व्यवहार परिवर्तन पदाधिकारी सोनिया मेनन, स्वच्छता पदाधिकारी सुधाकर रेड्डी, राजीव कुमार और अन्य मौजूद रहे।

शनिवार को माहवारी-स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रबंधन विषय पर राज्यस्तरीय कार्यशाला में शामिल महिला विकास निगम की प्रबंध निदेशक डॉ. एन विजय लक्ष्मी व अन्य।

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