विज्ञापन

​नेशनल हेल्थ मिशन के तहत मात्र 16 फीसदी डॉक्टर पोस्टेड, बिहार में कैसे दौड़ेगी आयुष्मान भारत योजना

Dainik Bhaskar

Sep 04, 2018, 02:26 AM IST

आयुष्मान भारत की बिहार में भी प्रायोगिक शुरुआत

ayushman bharat yojna in bihar
  • comment

पटना. नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत बिहार में मात्र 16 फीसदी पदों पर ही डाॅक्टर काम कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में ही राज्य में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) की प्रायोगिक शुरुआत सोमवार से कर दी गई। 25 सितंबर से विधिवत शुरुआत होनी है। ऐसे में राज्य के गरीबों को इस योजना का समय पर लाभ कैसे मिलेगा, इस पर सवाल उठने लगे हैं। नेशनल हेल्थ मिशन में डाॅक्टर के स्वीकृत कुल 1357 पद में से मात्र 195 डाॅक्टर ही काम कर रहे हैं। एपीएचसी के लिए 534 मेडिकल अफसर में से मात्र 81 बहाल हो पाए हैं। वहीं फुल टाइम मेडिकल अफसर में 81 स्वीकृत पद में से सिर्फ 24 व पार्ट टाइम अफसर के लिए 81 स्वीकृत पद में से केवल 5 की ही नियुक्ति हो पाई है। आयुष्मान भारत के तहत राज्य में 1 करोड़ 8 लाख परिवार चिन्हित किए गए हैं। इन सभी परिवारों को 5 लाख तक की इंश्योरेंस सुविधा दी जानी है।


8552 नियमित डाॅक्टरों में से भी 5720 पद खाली, 3880 पदों पर कांट्रैक्ट डॉक्टरों से चल रहा काम
एनएचएम ही नहीं, राज्य के जिला अस्पताल से लेकर पीएचसी तक सभी अस्पतालों को चलाने वाले डाॅक्टरों की संख्या भी चिंताजनक है। राज्य स्वास्थ्य सेवा से स्वीकृत 8552 नियमित डाॅक्टरों में से भी 5720 पद खाली हैं। इस खाली पदों पर नियमित बहाली कर पाने विफल स्वास्थ्य विभाग 3880 पदों पर कांट्रैक्ट डॉक्टरों से काम चला रहा है। नियमित और कांट्रेक्ट दोनों पदों को मिला दें तो भी कुल 6712 डाॅक्टर के भरोसे राज्य के 10 करोड़ लोग हैं। ये 6712 डाॅक्टर ही राज्य के 36 जिला अस्पताल, 44 अनुमंडल अस्पताल, 70 रेफरल अस्पताल, 533 पीएचसी और 1350 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का संचालन कर रहे हैं।
बीमित मरीजों के इलाज के लिए 534 स्वास्थ्य उपकेंद्र बन रहे हैं वेलनेस सेंटर
आयुष्मान भारत से इंश्योर्ड लोगों के इलाज के लिए हर प्रखंड में इसी वर्ष एक स्वास्थ्य उपकेंद्र को वेलनेस सेंटर बनाया जा रहा है ताकि मरीजों को सेंटर में ही जानकारी हो जाए कि वे किस बीमारी से ग्रसित हैं। इन सेंटरों पर ही शुगर, बीपी, हाईपरटेंशन कैंसर आदि रोगों की स्क्रीनिंग होनी है। बीमित मरीजों का इलाज यहीं हो जाएगा तो आगे के इलाज के लिए उन्हें रेफर करने में आसानी भी होगी। ऐसे में डाॅक्टर ही नहीं रहेंगे तो मरीजों की समय पर स्क्रीनिंग नहीं हो सकेगी।
बढ़े मानदेय पर हो रही 408 विशेषज्ञ डॉक्टरों की बहाली
स्वास्थ्य विभाग बढ़े मानदेय पर 408 विशेषज्ञ डॉक्टरों की कांट्रेक्ट पर बहाली कर रहा है। इनमें शिशु रोग के 143, स्त्री रोग के 127 व एनेस्थीसिया डॉक्टरों के 138 पद हैं। इनका मानदेय क्रमश: 1.20 लाख, एक लाख व 90 हजार तय किया गया है। अबतक इनको 80 हजार मानदेय मिलता था।

X
ayushman bharat yojna in bihar
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन