तार की बैरिकेडिंग काट पटना-दीघा रेललाइन पर दोबारा सजा लीं दुकानें

3 वर्ष पहले
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पटना-दीघा रेललाइन को हटाकर सड़क निर्माण के लिए दोेनों तरफ से दो माह पहले अतिक्रमण हटाया गया था। दोबारा अतिक्रमण न हो इसके लिए आर ब्लॉक से दीघा तक कंटीले तार से बैरिकेडिंग कराई गई थी। इसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी स्थानीय थाने को दी गई थी। इसके बावजूद जगह-जगह अतिक्रमणकारियों ने दोबारा कब्जा जमा लिया है। हैरत की बात तो यह है कि तार को काट कर कहीं सब्जी मंडी चल रही है तो कहीं मछली बाजार, तो कहीं खटाल और गिट्टी-बालू की दुकानें। अतिक्रमणकारियों ने जुगाड़ लगा कर कंटीले तार के बीच के भाग को ऊपर व नीचे बांध दिया गया है, तो कहीं पूरी तरह से काट दिया गया है। इसी से होकर रेललाइन पर आने-जाने का रास्ता बनाया गया है।

हर जगह एक जैसी स्थिति : रेलवे लाइन के आसपास की सभी झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया गया था। इसके बावजूद अब भी कुछ अतिक्रमणकारी रेलवे लाइन के आसपास रह रहे हैं। शिवपुरी, इंद्रपुरी, राजीवनगर, हड़ताली के पास रेलवे लाइन पर ही मवेशियों को रखा गया है, जबकि अतिक्रमणकारी वहीं सड़क के किनारे जहां-तहां खुले में हैं। बुधवार को हड़ताली से दीघा के निरीक्षण के दौरान पाया कि अतिक्रमणकारियों के साथ स्थानीय दुकानदार रेललाइन के आसपास जमे हैं। मवेशियों को रेललाइन पर रखा गया है। अस्थायी होटल चलाया जा रहा है।

पटना-दीघा रेललाइन के किनारे लगाए गए तार को अतिक्रमणकारियों ने नीचे से काट दिया और दुकानें खोल लीं।

जोन में बांट चला था अभियान
अतिक्रमण हटाने के लिए आरब्लॉक से दीघा रोड तक करीब 6.7 किमी लंबाई के अतिक्रमण क्षेत्र को चार जोन में बांट कर रेलवे लाइन को अतिक्रमण मुक्त किया गया था। आर ब्लॉक से हड़ताली मोड़, हड़ताली मोड़ से शिवपुरी पानी टंकी क्रॉसिंग, शिवपुरी से राजीवनगर क्राॅसिंग और राजीवनगर क्रॉसिंग से दीघा क्रॉसिंग तक जोन बनाया गया था। 15 सितंबर को रेललाइन को अतिक्रमणमुक्त कर लिया गया था।

3 के बाद मंदिरों की मूर्तियां होंगी शिफ्ट

पटना सदर के सीओ प्रदीप सिन्हा ने बताया कि रेललाइन के दायरे में आने वाले मंदिरों से मूर्तियों को शिफ्ट करने की कार्रवाई 3 दिसंबर के बाद से चलेगी। मूर्ति को शिफ्ट करने के लिए राजीवनगर रोड नंबर चार, रोड नंबर 12 और महेश नगर में मंदिरों को चिह्नित किया गया है। तीन दिसंबर से राजधानी में अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया जा रहा है। इसी दौरान किसी दिन मूर्तियों को शिफ्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। दीघा रेललाइन के आसपास 47 स्थायी मकानों को चिह्नित किया गया है। सभी को हटाने के लिए दोबारा नोटिस दिया गया है। उसकी अवधि 2 दिसंबर को पूरा हो रही है।

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