बैठक / नया फसल चक्र बनाने के लिए 5 संस्थानों को मिली जिम्मेदारी



अधिकारियों के साथ बैठक करते मु्ख्यमंत्री नीतीश कुमार। अधिकारियों के साथ बैठक करते मु्ख्यमंत्री नीतीश कुमार।
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अधिकारियों के साथ बैठक करते मु्ख्यमंत्री नीतीश कुमार।अधिकारियों के साथ बैठक करते मु्ख्यमंत्री नीतीश कुमार।

  • प्रॉडक्टिविटी, प्रॉफिटेलिटी और सस्टेनेब्लिटी पर विशेष जोर होगा
  • मुख्यमंत्री के समक्ष हुआ जलवायु के अनुकूल कृषि कार्यक्रम से संबंधित प्रस्तुतीकरण
  • फसल चक्र बदल कर खेती की तस्वीर बदलने की तैयारी

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2019, 08:07 PM IST

पटना. फसल चक्र बदल कर बिहार में खेती की तस्वीर बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य में अनियमित वर्षा की वजह से फसलों के उत्पादन में आ रही कमी को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को कृषि विभाग के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें नया फसल चक्र बनाने का जिम्मा मिला 5 संस्थानों को देने पर सहमति बनी। बोरलॉग इंस्टीच्यूट फॉर साउथ एशिया, इंटरनेशनल मेज एंड व्हीट इंप्रूवमेंट सेंटर, आईसीएआर, बिहार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी और राजेंद्र नगर एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी इसके लिए मिल कर काम करेगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल कुछ जिलों में प्रयोग के तौर पर इस पर काम किया जाएगा। बाद में सभी किसानों को फसल चक्र अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। फसल चक्र कार्यक्रम के तहत होने वाले डेमोनेस्ट्रेशन के लिए जिन जिलों का चयन किया जा रहा है उस क्षेत्र की खासियत के अनुसार वहां प्रयोग उचित रहेगा। स्थानीय जरूरतों के अनुरुप फसलों की वेरायटी को प्राथमिकता में रखते हुए रिसर्च करना होगा। नए फसल चक्र का उद्देश्य खरीफ, रबी और गरमा तीनों मौसमों में फसलों का अधिकतम उत्पादन हासिल करने पर होगा। इसके लिए क्रॉप सिस्टम में परिवर्तन लाने की जरुरत है। इस व्यवस्था में प्रॉडक्टिविटी, प्रॉफिटेलिटी और सस्टेनेब्लिटी पर विशेष जोर होगा। उद्देश्य यही है कि किसानों को अधिक से अधिक लाभ हो सके।

 

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