सुलझा विवाद / बिहार ने झारखंड को सौंपीं 8 पनबिजली परियोजनाएं, दो साल की खींचतान के बाद फैसला



Bihar handed over 8 hydroelectric projects to Jharkhand
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Bihar handed over 8 hydroelectric projects to Jharkhand

  • बिहार स्टेट हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कारपोरेशन ने झारखंड उर्जा विभाग को दिया स्वामित्व
  • बिहार ने वर्ष 2017 में इन परियोजनाओं को झारखंड के हवाले करने का निर्णय लिया था

Dainik Bhaskar

Aug 15, 2019, 03:35 AM IST

पटना (आलोक चन्द्र). बिहार ने झारखंड स्थित सभी आठ पनबिजली परियोजनाओं को झारखंड के हवाले कर दिया है। दो वर्षों की लंबी जद्दोजहद के बाद आखिर झारखंड की पनबिजली परियोजनाएं उसकी हो गई। बिहार ने वर्ष 2017 में इन परियोजनाओं को झारखंड के हवाले करने का निर्णय लिया था। उसके बाद झारखंड के साथ लगातार समन्वय बनाकर काम किया जा रहा था।

 

झारखंड के पास पनबिजली परियोजनाओं को लेकर कोई सिस्टम नहीं होने के कारण इनके हस्तांतरण में विलंब हुआ। झारखंड स्थित सभी पनबिजली परियोजनाओं के संचालन की जिम्मेवारी बिहार सरकार के ऊपर है। निर्माणाधीन पनबिजली परियोजनाओं का निर्माण भी बिहार सरकार ही कर रही है। इस समय लगभग 35 मेगावाट की आठ पनबिजली परियोजनाएं झारखंड में निर्माणाधीन हैं। इनका निर्माण बिहार स्टेट हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर कारपोरेशन (बीएचपीसी) कर रहा है। हालांकि लंबे समय से इनका निर्माण कार्य ठप है। बिहार के लिए इन परियोजनाओं की बहुत अधिक व्यावहारिकता नहीं रह गई थी जबकि झारखंड के लिए ये बेहद खास थे। लिहाजा दोनों राज्यों ने इनके हस्तांतरण पर काम शुरू किया। 


राज्य के विभाजन के बाद नहीं हो पाया था बंटवारा 
वर्ष 2000 में बिहार के बंटवारे के समय बिहार और झारखंड के बीच पनबिजली परियोजनाओं का बंटवारा नहीं हो पाया था। दोनों राज्यों की सारी परियोजनाएं बीएचपीसी के जिम्मे ही रह गई। बाद में कई तरह की व्यावहारिक परेशानी सामने आने लगी।


संचालन में आ रही थीं दिक्कतें 
पिछले दिनों बिहार सरकार के समक्ष यह प्रस्ताव आया कि इन सभी परियोजनाओं को झारखंड सरकार को सौंप दिया जाए। ताकि वह अपने अनुसार इन परियोजनाओं का निर्माण कर सके। इसके पहले कई अवसरों पर झारखंड सरकार ने भी इस तरह की इच्छा जतायी थी। ऐसे भी दूसरे राज्य में किसी परियोजना के निर्माण में कई तरह की व्यावहारिक समस्या होती रहती है।


ये हैं 8 प्रोजेक्ट 
बीएचपीसी झारखंड में चांडिल, तेनु बोकारो, मंडल, सदनी, लोअर घघरी, नेतरहाट, जामिलघाघ, निन्दीघाघ में पनबिजली परियोजनाओं का निर्माण कर रहा है। इनमें सबसे बड़ी परियोजना मंडल है जो 24 मेगावाट की है। सभी परियोजनाओं की कुल क्षमता 34.85 मेगावाट है। बिहार सरकार इस पर अबतक 235 करोड़ खर्च कर चुकी है।

 

झारखंड स्थित सारी पनबिजली परियोजनाओं को झारखंड के हवाले कर दिया गया है। अब वे ही उनके बारे में निर्णय लेंगे। - आलोक कुमार, एमडी, बिहार स्टेट हाइड्रोइलेक्ट्रिक कारपोरेशन

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