राजनीति / बिहार: राजद प्रदेश अध्यक्ष के लिए अल्पसंख्यक या दलित सीनियर नेता तलाश रहे लालू



Bihar: Lalu, looking for minority or Dalit senior leader for RJD chief
X
Bihar: Lalu, looking for minority or Dalit senior leader for RJD chief

  • इस बार सभी वरीष्ठ नेताओं को विश्वास में लिया जाएगा, सिर्फ तेजस्वी की राय को प्रमुखता नहीं
  • उदय नारायण चौधरी व सलीम परवेज का नाम आगे, तनवीर हसन और शिवचंद्र राम भी रेस में

Dainik Bhaskar

Jul 31, 2019, 04:59 AM IST

पटना. राजद का अगला प्रदेश अध्यक्ष कौन? राज्य के अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी चालू बरसात बाद शुरू हो जाएगी। ऐसे में लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद उनसे मिलने जा रहे नेताओं से इसी मसले से जुड़े मुद्दों पर लगातार चर्चा कर रहे हैं।

 

अध्यक्ष पद से डॉ. रामचंद्र पूर्वे का हटना तय

अभी हाल ही में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डाॅ. रघुवंश प्रसाद सिंह और उदय नारायण चौधरी से लालू प्रसाद ने रांची रिम्स में मुलाकात की। उन्हाेंने मुलाकात में बताया कि विधानसभा चुनाव की गंभीरता के कारण ही पार्टी का सांगठनिक चुनाव इसी वर्ष खत्म कर नई टीम के साथ पूरा जोर विधानसभा चुनाव में लगाने का निर्णय किया है। वरीय नेताओं से बातचीत में यह राय स्पष्ट है कि वर्तमान अध्यक्ष डाॅ. रामचंद्र पूर्वे का हटना तय है और अगला राजद अध्यक्ष दलित या अल्पसंख्यक समुदाय से होगा।

 

तेजस्वी की राय को प्रमुखता नहीं

इस बार सभी वरीय नेताओं को विश्वास में लिया जाएगा। सिर्फ तेजस्वी की राय को प्रमुखता नहीं दी जाएगी। ऐसे व्यक्ति को कमान सौंपी जाएगी, जिसके नेतृत्व में काम करने में सीनियर नेताओं को ऐतराज न हो। ऐसे में राजद के स्थापना के बाद दूसरे प्रदेश राजद अध्यक्ष रह चुके उदय नारायण चौधरी के साथ आर्थिक स्थिति से मजबूत सारण के अकलियत नेता सलीम परवेज का नाम आगे है। पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम और तनवीर हसन भी इस रेस में हैं।

 

इन प्रमुख नामों की चल रही चर्चा
 

उदय नारायण चौधरी: राजद के संस्थापक सदस्य रहे चौधरी कमल पासवान के मंत्री बनने के बाद राजद का दूसरे प्रदेश अध्यक्ष का पद संभाल चुके हैं। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष के 10 वर्षों के कार्यकाल में जदयू के मजबूत सिपाही के रूप में राजद विधायकों को तोड़ने के आरोप में खुद लालू ने इनके खिलाफ वर्ष 2014 में विधानसभा मार्च किया था।

 

सलीम परवेज : आर्थिक रूप से मजबूत सारण जिले के अंसारी समुदाय के नेता। विधान परिषद में उपसभापति का पद संभाल चुके हैं। राजद की बैकवर्ड राजनीति में भी ये फिट बैठते हैं। 

 

शिवचंद्र राम : दो बार विधायक रहे शिवचंद्र राम तेजस्वी यादव के करीबी माने जाते हैं। राजद के सिपाही के रूप में अपनी छवि बनाने वाले शिवचंद्र दलितों के हित में बोलने वाले राजद के मजबूत नेता हैं। उन्हें विधायक रहते इस बार हाजीपुर से पार्टी ने चुनाव लड़वाया था।


तनवीर हसन : 4 बार एमएलसी रह चुके तनवीर फारवर्ड मुस्लिम समुदाय से हैं। ये राजद के संस्थापक सदस्य नहीं हैं। वर्ष 1997 में राजद बना तो वे शरद यादव वाले जनता दल में ही रह गए थे। बाद में राजद में शामिल कर लालू प्रसाद ने इन्हें एमएलसी बनाया। ये वफादार और शालिन नेता माने जाते हैं। कन्हैया के खिलाफ उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ा था।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना