बिहार / एनडीए में लोकसभा सीटें तय, भाजपा ने अपनी छह जीती सीटें छोड़ीं

Dainik Bhaskar

Mar 18, 2019, 10:47 AM IST


लोजपा प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस, जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ट नारायण सिंह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय (बाएं से दाएं) ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेस में सीटों का ऐलान किया। लोजपा प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस, जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ट नारायण सिंह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय (बाएं से दाएं) ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेस में सीटों का ऐलान किया।
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लोजपा प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस, जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ट नारायण सिंह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय (बाएं से दाएं) ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेस में सीटों का ऐलान किया।लोजपा प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस, जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ट नारायण सिंह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय (बाएं से दाएं) ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेस में सीटों का ऐलान किया।
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  • नाराज गिरिराज बोले-किसी केंद्रीय मंत्री की सीट नहीं बदली तो मेरी क्यों?
  • तीनों पार्टियों का दावा- उम्मीदवारों को लेकर कोई विवाद नहीं, 2-3 दिनों में करेंगे घोषणा
  • भाजपा-जदयू 17-17 सीट और लोजपा 6 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी

पटना. बिहार एनडीए में सीटों का बंटवारा हो गया। लगातार बैठकों के दौर के बीच भाजपा, जदयू और लोजपा ने अपने-अपने कोटे की सीटों का बंटवारा कर लिया। भाजपा और जदयू 17-17 सीटों पर जबकि लोजपा 6 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। रविवार को प्रदेश जदयू दफ्तर में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय और लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने सीटों के नामों की घोषणा की।

 

उन्होंने कहा कि एनडीए के सभी 40 प्रत्याशियों की घोषणा 2-3 दिन में हो जाएगी। इस बंटवारे में भाजपा ने अपनी छह जीती हुई सीटें छोड़ीं। इनमें पांच जदयू के लिए, जबकि एक लोजपा के लिए छोड़ी गई है। शनिवार देर रात भाजपा केन्द्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक में सीटों के बंटवारे पर मुहर लगी। इसके बाद रविवार की सुबह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से इन सीटों पर बात हुई। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की भी नीतीश से बात हुई। तीनों प्रदेश अध्यक्षों ने कहा-उम्मीदवारों को लेकर कोई विवाद नहीं है। सभी 40 सीटों पर जीत दर्ज करेंगे।

 

अपनी सीट लोजपा को देने से भड़के गिरिराज

नवादा सीट लोजपा के खाते में जाने से केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह नाराज हो गए हैं। उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने के संकेत दिए हैं। अपनी इस मंशा से उन्होंने केन्द्रीय नेतृत्व को अवगत भी करा दिया है। उनकी नाराजगी इस बात को लेकर है कि किसी केन्द्रीय मंत्री की सीट नहीं बदली गई है। सिर्फ उनकी सीट बदली जा रही है। पिछली बार वे बेगूसराय से चुनाव लड़ना चाहते थे तो उन्हें नवादा भेज दिया गया। अब वे नवादा के जनप्रतिनिधि हैं और वहां से फिर चुनाव लड़ना चाहते हैं तो नवादा लोजपा को दे दिया गया।

 

तय सीटें-

 

2014 में भाजपा को 22 सीटों पर मिली थी जीत, इस बार 17 पर लड़ेगी चुनाव:

 

भाजपा को मिली सीटें 2014 में कौन जीता था
पटना साहिब भाजपा
पाटलिपुत्र भाजपा
मुजफ्फरपुर भाजपा
आरा भाजपा
बक्सर भाजपा
पूर्वी चंपारण भाजपा
पश्चिमी चंपारण भाजपा
शिवहर भाजपा
सारण भाजपा
मधुबनी भाजपा
दरभंगा भाजपा
उजियारपुर भाजपा
बेगूसराय भाजपा
सासाराम भाजपा
औरंगाबाद भाजपा
महाराजगंज भाजपा
अररिया राजद

 

17 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगा जदयू:

 

जदयू को मिली सीटें 2014 में कौन जीता
गया भाजपा
सीवान भाजपा
वाल्मीकिनगर भाजपा
गोपालगंज भाजपा
झंझारपुर भाजपा
मुंगेर लोजपा
बांका राजद
सुपौल कांग्रेस
मधेपुरा राजद
किशनगंज कांग्रेस
सीतामढ़ी रालोसपा
काराकाट रालोसपा
पूर्णिया जदयू
नालंदा जदयू
जहानाबाद रालोसपा
कटिहार एनसीपी
भागलपुर राजद

 

 

6 सीटें लोजपा के खाते में: 

 

लोजपा को मिली सीटें 2014में कौन जीता
हाजीपुर लोजपा
जमुई लोजपा
वैशाली लोजपा
समस्तीपुर लोजपा
खगड़िया लाेजपा
नवादा भाजपा

 

भाजपा ने इन जीतीं हुई सीटों को छोड़ा: गया, सीवान, वाल्मीकिनगर, गोपालगंज, झंझारपुर, नवादा।

 

सीमांचल में जदयू का फोकस
2014 में एनडीए बिहार के सीमांचल में एक भी सीट पर जीत नहीं दर्ज कर पाई थी। यहां की सीटों पर मुस्लिम और यादव वोटरों का प्रभाव है। इस क्षेत्र में आने वाली सुपौल, किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया और मधेपुरा सीट की जिम्मेदारी इस बार जदयू को दी गई है। जदयू इन पांचों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगा।

 

गिरिराज को बेगूसराय से टिकट दे सकती है भाजपा
भाजपा के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की सीट नवादा लोजपा के खाते में गई है। चर्चा है कि गिरिराज को भाजपा बेगूसराय से टिकट दे सकती है। क्योंकि, भाजपा ने यह पहले ही साफ कर दिया है कि किसी भी मंत्री का टिकट नहीं कटेगा।

 

भागलपुर सीट नहीं छोड़ना चाहती थी भाजपा
सीट बंटवारे के दौरान भागलपुर को लेकर काफी पेंच फंसा था। भाजपा भागलपुर सीट को नहीं छोड़ना चाहती थी, यहां से पिछली बार भाजपा के टिकट पर शहनवाज हुसैन ने चुनाव लड़ा था। हालांकि, राजद उम्मीदवार से हार गए थे। लेकिन, बाद में भाजपा ने भागलपुर जदयू के लिए छोड़ दी। चर्चा है कि अब भाजपा अररिया से शहनवाज हुसैन को मैदान में उतार सकती है।

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