सतर्कता / पटना, मुंगेर के बाद अब बांका में फैला बर्ड फ्लू, मारे जा रहे मुर्गी व बत्तख



bird flu in banka after munger chickens are killed to stop spreading disease
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bird flu in banka after munger chickens are killed to stop spreading disease

  • 70 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर उबालने के बाद चिकन व अंडे से बर्ड फ्लू का खतरा नहीं

Dainik Bhaskar

Jan 12, 2019, 05:16 PM IST

पटना. मुगेर व पटना के बाद अब बांका में बर्ड फ्लू फैल गया है। बांका के धौरैया प्रखंड के बबूरा गांव में बर्ड फ्लू से मुर्गी की मौत हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद इस गांव के एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी मुर्गा, मुर्गी, बत्तक, अंडा और मुर्गी चारा को नष्ट किया जाएगा। 

 

शनिवार को पशु व मत्स्य संसाधन विभाग की सचिव डॉ. एन. विजयालक्ष्मी ने बताया कि बर्ड फ्लू से घबराने की जरूरत नहीं है। 70 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर पकाये गए चिकन या अंडे से बर्ड फ्लू होने की कोई संभावना नहीं रहती है। विभाग ने बचाव के लिए अभियान तेज कर दिया है। सभी जिला पशुपालन और संबंधित अधिकारियों को सतर्कता का नर्देश दिया है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को भी जानकारी दी गई है।

 

पशुपालन निदेशक विनोद सिंह गुंजियाल ने कहा कि अब तक विभिन्न जिलों से 850 से अधिक सैंपल की जांच कराई गई। इसमें 818 रिपोर्ट मिल चुकी है, जिसमें बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं मिले यानी निगेटिव पाए गए। बर्ड फ्लू प्रभावित एरिया में मारे गए मुर्गी, बत्तक और अंडा के लिए किसानों को सरकार मुआवजा देगी।

 

बर्ड फ्लू वाले एरिया में नाकाबंदी
सचिव ने कहा कि जिस एरिया में बर्ड फ्लू के वायरस पाए गए हैं, वहां नाकाबंदी की गई है। एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले मुर्गी बत्तख आदि मारे जा रहे हैं। 3 किलोमीटर के क्षेत्र को सर्विलांस पर रखा गया है। इस एरिया में मुर्गी और बत्तख का मूवमेंट नहीं हो, इसके लिए पशु चिकित्सकों, पॉल्ट्री फार्म मालिकों के साथ ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही 10 किलोमीटर एरिया तक पर भी नजर रखा जा रहा है। पटना के चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू से 6 मोर की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही चिड़ियाघर आमलोगों के लिए बंद कर दिया गया है।

 

अब तक दो जगहों पर 3269 मुर्गी व बत्तख मारे गए
सबसे पहले मुंगेर के गोरहो में 19 दिसंबर को मुंगेर के गोरहो में बर्ड फ्लू हुआ। हालांकि यहां पॉल्ट्री फार्म में काम करने वाले कर्मियों के सैंपल की जांच पूणे से कराई गई, जिसमें एक में भी बर्ड फ्लू वायरस नहीं मिला। गोरहो में 588 मुर्गी व बत्तख टीम ने मारे। मुंगेर के ही मुबारकचक में 2681 मुर्गी व बत्तख मारे गए।

 

मुआवजा
8 सप्ताह तक की मुर्गी को मारने पर 20 रुपए और इससे अधिक उम्र की देसी मुर्गी के लिए 90 रुपए प्रति मुर्गी मुआवजा है। ब्यॉलर में आठ सप्ताह से नीचे के लिए 20 रुपए और इससे अधिक के लिए प्रति मुर्गी 70 रुपए मुआवजा तय है। प्रति बत्तख 135, प्रति टर्की 160 रुपए मुआवजा मिलेगा। अंडा नष्ट करने पर प्रति अंडा 3 रुपए और मुर्गी दाना प्रति किलो 12 रुपए की दर से मुआवजा का प्रावधान है।

 

क्या है बर्ड फ्लू?
एवियन इंफ्लूएंजा (एच5एन1) वायरस बर्ड के नाम से पॉपुलर है। यह इंसानों और पक्षियों को अधिक प्रभावित करता है। बर्ड फ्लू इंफेक्शन चिकन टर्की, ग्रीस, बत्तख की प्रजाति जैसे पक्षियों को अधिक प्रभावित करता है।

 

बर्ड फ्लू के लक्षण
बुखार, नाक से खून निकलना, लगातार कफ बनना, नाक बहना, सिर में दर्द, गले में सूजन खराज, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी दस्त, पेट के निचले हिस्से में दर्द, सांस लेने में समस्या, ऑख में

 

इंफेक्शन

लक्षण से पहचानें बर्ड फ्लू
मुर्गी, बत्तख आदि की आंख, गर्दन और सिर के आसपास सूजन और आंखों से रिसाव हो। कलनी और टांगों में नीलापन, अचानक कमजोरी, पंख गिरना, खाना न खाना, असामान्य लक्षण

 

पॉल्ट्री फार्म में बीमारियों को प्रवेश से रोकें
नये पक्षी को कम से कम 30 दिनों तक अपने स्वस्थ पक्षियों से दूर रखें। बीमारी फैलने से रोकने या बचाव के लिए पॉल्ट्री से संपर्क में आने से पहले और बाद में अपने हाथ, कपड़ों और जूतों को धोयें और संक्रमण मुक्त करें।

 

 

बिहार की ताजी मछलियां खाएं: सचिव
सचिव ने कहा कि ताजी मछलियां खाएं। तीन माह पहले बाहर से आने वाली मछलियों के 25 सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिसमें फार्मेलिन की मात्रा पायी गई है। बिहार मछली उत्पादन में इस साल आत्मनिर्भर हो जाएंगे। अभी मछली की सालाना जरूरत 6.42 लाख टन है, जबकि 2017-18 में उत्पादन 5.87 लाख टन हुआ। इस साल मार्च तक 6 .25 लाख टन उत्पादन लक्ष्य हासिल करने में हम सफल होंगे।

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